Tuesday, March 17, 2026
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बोर्ड परीक्षा: परीक्षार्थियों की हर पल कैमरे में कैद

  • यूपी बोर्ड की हिंदी विषय की परीक्षा में जल संरक्षण पर छात्रों को लिखने को दिया गया निबंध
  • जल है तो कल है विषय पर लिखने को हिंदी के पेपर में आया निबंध

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जिले के 102 केंद्रो पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सत्र 2023-24 की परीक्षा का गुरूवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आगाज हो गया। सुबह की पाली में पहला पेपर हाईस्कूल के हिंदी विषय का था, जिसमें 2674 बच्चों ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरी पाली में इंटर के पेपर में दो बच्चे अनपुस्थित रहे।

पूरी परीक्षा प्रक्रिया के दौरान जहां एक ओर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की निगरानी में स्ट्रांग रूम खोलकर परीक्षा प्रश्न पत्रों का वितरण किया गया तो वहीं परीक्षा के दौरान एग्जाम हाल की जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर बने कंट्रोल रूम से निगाह रखी गयी। परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर निकले बच्चों ने आसान पेपर आने की बात कही।

शहर के जीआईसी, आरजी इंटर कालेज, एनएएस इंटर कालेज, डीएन कालेज, खालसा इंटर कालेज, दुर्गाबाड़ी इंटर कालेज और सनातन धर्म इंटर कालेज सहित देहात के 102 कालेजों के परीक्षा केंद्रों पर सुबह 8:30 बजे से 11:45 तक चली हाईस्कूल की हिंदी विषय की पहली पाली में हुई परीक्षा के लिये तय कार्यक्रम अनुसार तैनात किये गये स्टेटिंग मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट, केंद्र अधीक्षक के सामने ही डबल लॉक स्ट्रांग रूम खोला गया।

यहां से परीक्षा प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाओं को परीक्षा कक्ष में भेजकर कक्ष निरीक्षकोें को सौंपा गया। हाईस्कूल की परीक्षा के लिये 41,830 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। 10वीं कक्षा की परीक्षा में संस्थागत के 1814 बालक और 857 बालिकाओं तथा व्यक्तिगत के तीन बालक अनुपस्थित हुये, बालिकाओं की हाजिरी पूरी रही। कुल उपस्थिति 37,556 रही।

केंद्रों के बाहर मुस्कुराते हुये निकले छात्र

सुबह 11:45 पर परीक्षा देकर केंद्रों के बाहर निकले परीक्षार्थियों के चेहरे पर आसान पेपर आने की झलक साफ दिखाई दी। राजकीय इंटर कालेज के पेपर देने आई छात्रा सुरभि ने बताया कि पेपर आसान था और जल संरक्षण पर निबंध लिखने में खास दिक्कत नहीं आई। सभी प्रश्न अच्छी तैयारी के कारण आसानी से हल हो गये। एक अन्य छात्र तुषार ने बताया कि पेपर अच्छा रहा और आसानी से हल हो गया। रिजवान ने बताया कि पेपर के अधिकतर प्रश्न काफी अच्छे आये और आसानी से हल हो गये।

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सीसीटीवी स्क्रीन पर गड़ी रही निगाहें

परीक्षा में नकल को शून्य करने के उद्देश्य से जिला विद्यालय निरीक्षक केंद्र पर बनाये गये कंट्रोल रूम पर लगी सीसीटीवी स्क्रीन पर स्टाफ पूरे समय निगाहे जमा कर रखी। कंट्रोल रूम प्रभारी रेखा यादव ने बताया कि कैमरे के माध्यम से परीक्षार्थियों की हर हरकत की मॉनिटरिंग की गयी है। साथ ही स्ट्रांग रूम पर भी कड़ी निगरानी की गयी है। इस दौरान एसपी ट्रैफिक ने पहुंचकर व्यवस्था को देखा।

केन्द्र संचालक की लापरवाही से परीक्षा नहीं दे सकी छात्रा

केन्द्र संचालक की लापरवाही से छात्रा का सिपाही बनने का सपना टूट गया। गलत सेंटर पर छात्रा को घंटो तक गुमराह करके इधर से उधर टरकाया जाता रहा। बाद में छात्रा जब सही सेंटर पर पहुंची तो एक घंटा विलम्ब होने से उसे केन्द्र में नहीं बिठाया गया। पीड़ित छात्रा ने केन्द्र संचालक के खिलाफ डीएम से शिकायत की है। खुर्जा की रहने वाली चांदसी नामम छात्रा ने कर्मचरी चयन आयोग से केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल सीआरपीएफ में सिपाही परीक्षा-2024 के लिए फार्म भरा था।

उसका सेंटर बाईपास स्थित एमआईईटी कॉलेज में पड़ा। छात्रा को सुबह 7.45 बजे सेंटर पर पहुंचना था। इसलिए वह एक दिन पूर्व ही अपने पिता के साथ मेरठ पहुंची। छात्रा यह एडमिट कार्ड लेकर बीआईटी कॉलेज पहुंच गई। वहां गेट पर उसका एडमिट कार्ड देखकर उसे कॉलेज में प्रवेश तो दे दिया गया, लेकिन छात्रा का आरोप है कि कॉलेज के चेकिंग स्टाफ ने उसके हाथ में पहनी सोने की दो अंगूठी, घड़ी तथा पर्स बाहर ही रखवा लिये तथा उसे कॉलेज मे अंदर जाने दिया। बीआईटी में अन्य छात्राओं का भी सेंटर था।

चांदसी का कहना है कि वह सुबह साढ़े सात बजे इस कॉलेज में पहुंची थी तथा परीक्षा का समय सुबह साढ़े 8 बजे से था। जब वह परीक्षा कक्ष में पहुंचकर अपनी सीट की तलाश करने लगी तो वहां पहुंचे शिक्षक ने उसके एडमिट कार्ड को देखकर गलत सेंटर पर आने की जानकारी दी। तब परीक्षा शुरू होने में महज पांच मिनट बाकी थे। वह दौड़ती हुई बाहर आई तथा बीआईटी कॉलेज के बाहर खड़े अपने पिता को साथ लेकर एमआईईटी कॉलेज पहुंची, लेकिन वहां उसे प्रवेश परीक्षा शुरू होने के एक घंटा विलम्ब होने की बात कहकर बैरंग कर दिया गया।

छात्रा का कहना है कि वह दोबारा से बीआईटी कॉलेज पहुंची तो वहां उसे गेट से अंदर ही नहीं जाने दिया तथा न ही तलाशी के दौरान उसके पास से ली गई अंगूठी, पर्स और घड़ी वापिस की गई है। जबकि केन्द्र पर लगे सीसीटीवी कैमरों में इसकी बाकायदा रिकार्डिंग भी मौजूद होगी। छात्रा घंटो तक वहां अपना दुखड़ा सुनाती रही, लेकिन कोई भी उसका दुख-दर्द न तो दूर कसा सका और न ही उसका सामान ही वापस दिला सका। छात्रा ने अपने पिता के साथ इस मामले की लिखित शिकायत डीएम दीपक मीणा से की है।

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