- भीड़ ने हाथापाई कर दोनों सिपाहियों को दौड़ाया, दर्जनभर पर मुकदमा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लिसाड़ीगेट थाना के इस्लामाबाद इलाके में रविवार देर रात भीड़ ने सिपाहियों को दौड़ा लिया। उनसे हाथापाई की गयी। सिपाहियों ने किसी प्रकार वहां से भाग कर जान बचायी। बाद में थाने से काफी फोर्स मौके पर पहुंचा और वहां से आरोपी बताए जा रहे युवकों की बतायी गयी एक बाइक पुलिस ने कब्जे में ले ली है। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बीती देर रात शब ए बरात के दौरान लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के इस्लामाबाद इलाके में आतिशबाजी के दौरान हंगामा व हुड़दंग की सूचना पर दो सिपाही मौके पर पहुंच गए।
बताया जाता है कि सिपाहियों ने जाते ही वहां डंडा फटकारना शुरू कर दिया। बस यही से सारा फसाद शुरू हुआ। सिपाहियों के डंडा फटकराने पर कुछ युवकों ने नाराजगी जाहिर की। इसको लेकर विरोध जताया तो वहां कहासुनी शुरू हो गयी। इस दौरान दोनों ओर से जब सख्त लहजे में बात की गयी तो आतिशबाजी कर रहे युवकों में से कुछ ने वहां हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते वहां धक्का-मुक्की शुरू हो गयी।

सिपाहियों को भीड़ घेरने लगी। बताया जाता है कि कुछ तेजी से सिपाहियों की ओर लपके। बाद में सिपाहियों ने वहां से निकला ही बेहतर समझा। यहां तक सुनने में आया है कि कुछ ने सिपाहियों ने हाथापाई शुरू कर दी। किसी प्रकार वहां से भाग जान बचायी। बाद में मौके पर पुलिस फोर्स भी पहुंचा। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी मिली है। मौके से कई बाइकें भी बरामद की गयी है।
अज्ञात में मुकदमा
चौकी इंचार्ज समर गार्डन अजय शुक्ला ने बताया कि रात को एक सूचना पर सिपाही पहुंचे थे। घटना के बाद चार बाइक मौके से बरामद की गयी हैं। करीब दर्जन भर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
हत्यारे को आजीवन कारावास
मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या-3 मेरठ ने हत्या के आरोप में आरोपी मनोज सैनी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास से दंडित किया है। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा ने थाना ब्रह्मपुरी मेरठ में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी बहन की शादी आरोपी मनोज सैनी पुत्र महेंद्र सिंह सैनी निवासी शिव शक्ति नगर थाना ब्रह्मपुरी के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही उसके ससुराल वाले दहेज न लाने के कारण पीड़िता ममता को मारते पीटते थे।
एक दिन दहेज की मांग पूरा न करने पर आरोपी ने पीड़िता को जलाकर मार दिया। न्यायालय में आरोपी ने कहा कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है। जिसका सरकारी अधिवक्ता ने कड़ा विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को आजीवन कारावास से दंडित किया।

