- बड़ा हादसा होने से बचा, हादसे में दुकानदार बाल-बाल बचे, लाखों का भारी नुकसान
- आखिर कब लगेगी ओवरलोड वाहनों पर लगाम
जनवाणी संवाददाता |
परीक्षितगढ़: नगर के मवाना बस स्टैंड मोड़ पर ओवरलोड गन्नों से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। जिससे दो दुकानों में भारी नुकसान और दुकानदारों एवं कारीगरों ने भाग कर जान बचाई। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। पास ही हाइटेंशन विद्युत पोल टूट गए, लेकिन गनीमत रही कि बड़ा हादसा होने से बच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस जेसीबी मशीन से विद्युत पोल को हटवाते हुए ट्रक को कब्जे में लेकर थाने ले आए। पीड़ित दुकानदारों ने नामजद चालक के खिलाफ तहरीर देते हुए मुआवजे की मांग की है।
मेरठ-मवाना व आसिफाबाद मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ओवरलोड वाहन गुजरते हैं। जबकि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चेकिंग कर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये हुए हैं, लेकिन आरटीओ व पुलिस विभाग कार्रवाई के बजाय इस ओर से आंखें मूंदे हुए हैं। ऐसा ही एक हादसा कई वर्ष पहले मवाना बस स्टैंड पर गन्ने से भरे ओवरलोड ट्रक मारुति कार पर पलट गया था। जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

दूसरा हादसा नगर में एक वर्ष के करीब कोयले से भरा ओवरलोड ट्रक पलटने से दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई थी। जहां चालक की मौत हो गई थी। तीसरा हादसा नगर पंचायत कार्यालय के समीप एक रिक्शा चालक ओवरलोड ट्रक की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। रविवार दोपहर नगर से होेता हुआ एक ओवरलोड गन्नों से भरा ट्रक संख्या यूपी-17बी 9851 मवाना शुगर मिल पर जा रहा था। इस दौरान जैसे ही वह मवाना बस स्टैंड मोड़ पर पहुंचा,
तभी अनियंत्रित होकर ट्रक पलट गया। जिससे हाइटेंशन लाइन के दो पोल क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली कर्मचारियों को फोन द्वारा हादसे की जानकारी दी गई। जिस पर विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई। हादसे में दुकानदार सौरभ पुत्र नरेश की मिठाई की दुकान, शांतनू पुत्र राकेश की जूस कॉर्नर के दुकानदारों ने लाखों का नुकसान होना बताया है। पीड़ित दुकानदारों ने ट्रक चालक के खिलाफ नामजद तहरीर देते हुए मुआवजे की मांग की है।
पुलिया के निर्माण को शिक्षक ने दी आंदोलन की चेतावनी
सरूरपुर: शनिवार को गांव सरूरपुर निवासी रिटायर्ड शिक्षक शरनवीर सिंह ने एसडीएम को भेजे ज्ञापन में बताया कि सरधना-बिनौली रोड पर सलावा राइट मायनर की पुलिया कई वर्षों से टूटी हुई है। साथ ही उन्होंने आए दिन होने वाले हादसों के लिए प्रशासन को जिम्मेदार बताया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि शिकायत के बाद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं, कई वर्ष से टूटी पड़ी पुलिया से परेशान होकर आखिर उनके सब्र का बांध शनिवार को फूट पड़ा।

सरधना-बिनौली रोड पर सरूरपुर रजवाहे की उक्त पुलिया टूटी होने से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और रोड पर अचानक घूम होने के चलते वाहन राजवाहे में उतर जाते हैं। रविवार शाम अनियंत्रित कार डिवाइडर न होने के कारण रजवाहे में जा समाई। पानी की अधिकता के कारण कार सवार परिवार की जान बाल-बाल बची। राहगीरों ने कार के शीशे तोड़कर किसी तरह से कार सवारों को बाहर निकाला।

