Wednesday, March 4, 2026
- Advertisement -

बसंतकालीन गन्ने के साथ अन्त:फसल लगाएं

KHETIBADI


जिला मेरठ में गन्ना की बुवाई अधिकतर बसन्त ऋतु (फरवरी-मार्च) में होती है। पेड़ी गन्ना, सरसों, आलू इत्यादि की कटाई के पश्चात खाली हुए खेतों में उचित नमी (वर्तमान में हुई हल्की वर्षा या सिंचाई) पर मिट्टी पलटने वाले हल (मेस्टन) से गहरी जुताई करें ताकि खरपतवार खेत में दबकर जैविक खाद में परिवर्तित हो जायें व मिट्टी में छिपे कीट (सफेद गिडार, दीमक एवं अन्य बेधक कीटों के प्यूपा इत्यादि) व रोगाणु ऊपर आकर धूप में नष्ट हो जायें। जुताई के तुरन्त बाद पाटा अवश्य लगायें ताकि नमी सुरक्षित रहे। इसके पश्चात 10-15 टन कम्पोस्ट / गोबर की अच्छी अपघटित खाद एवं 5 लीटर एनपीके कंशोर्सिया (जैव उर्वरक) प्रति हैक्टेयर की दर से खेत में डालकर हैरो/कल्टीवेटर से एक-दो जुताई करके पाटा लगाकर समतल कर लें।

उन्नतशील प्रजातियां
प्रत्येक गन्ना कृषक को शीघ्र एवं मध्य-देर से पकने वाली गन्ना प्रजातियों को आदर्श अनुपात (1:1) में बोना चाहिये ताकि शीघ्र प्रजातियों की आपूर्ति जल्दी होने से जहाँ एक ओर कृषक गेहूं की फसल समय से (नवम्बर-दिसम्बर) बोकर गन्ना के पश्चात गेहूं का भी अधिक उत्पादन ले सकेगें, वहीं दूसरी ओर चीनी मिलों के चीनी परता में भी वृद्धि से मिलों एवं अन्तत: कृषकों को भी आर्थिक लाभ होगा।

बीज का चयन
गन्ना की अधिक पैदावार लेने के लिए स्वस्थ, निरोग, उत्तम गुणवत्ता वाले बीज का चयन अति आवश्यक है। गन्ना बीज की आयु 8-10 महीने की होनी चाहिए। गन्ना का ऊपरी एक तिहाई से आधा भाग बुवाई हेतु सर्वोत्तम होता है। इस भाग में (मोनो सैकेराइड सरल शर्करा) की अधिकता एवं कीट बीमारियों की न्यूनता होने के कारण जमाव ज्यादा एवं फसल स्वस्थ होती है। नीचे के शेष भाग में शर्करा (डाई सैकेराइड जटिल शर्करा) अधिक होने के कारण जमाव कम होता है। इस भाग को मिल में आपूर्ति करें। जिस खेत से बीज लेना हो उसमें एक सप्ताह पूर्व हल्की सिंचाई करके चार किग्रा० यूरिया प्रति बीघा प्रयोग करें ताकि ग्लूकोज की मात्रा अधिक बनी रहे। बीज फसल पूर्णत: स्वस्थ होनी चाहिए। किसी एक क्लम्प (झुण्ड) में यदि एक भी गन्ना रोग एवं कीटों से ग्रस्त हो तो उस झुण्ड से बीज नहीं लेना चाहिए। बीज वाले गन्ना में नमी की मात्रा गन्ना के वजन का कम से कम 65 प्रतिशत होनी चाहिए।

बीजोपचार
बीज जनित रोग लाल सड़न, स्मट एवं उकठा रोग की रोकथाम हेतु बाविस्टीन (कार्बेन्डाजिम) या थायोफेनेट मिथाइल का 0.1 प्रतिशत घोल अथवा 112 ग्राम दवा 112 लीटर पानी में घोल बनाकर 5 से 10 मिनट तक गन्ने के टुकड़े उसमें डुबोकर बुवाई करनी चाहिए।

भूमि उपचार
भूमि जनित कीटों की रोकथाम हेतु बुवाई के समय निम्नलिखित में से किसी एक कीटनाशक का प्रयोग करें-
-क्लोरोपाईरीफास 20 ई0सी0 5 लीटर को 1875 लीटर पानी में घोलकर प्रति हैक्टेयर हजारे से कुंडों प्रयोग करें।

-इमिडाक्लोरपिड 200 एस0एल0 (17.80 प्रतिशत) 500 एम0एल0 को 1875 लीटर पानी में घोलकर प्रति हैक्टेयर हजारे से कुंडों प्रयोग करें।

खाद एवं उर्वरक
गन्ना की अच्छी पैदावार हेतु प्रति हैक्टेयर 150-180 किग्रा0 नाइट्रोजन, 60 किग्रा० फास्फोरस, 40 किग्रा0 पोटाश एवं 25 किग्रा0 जिंक सल्फेट की आवश्यकता होती है। नाइट्रोजन की आधी एवं फास्फोरस, पोटाश व जिंक सल्फेट की पूरी मात्रा बुवाई के समय प्रयोग करना चाहिए। नाइट्रोजन की शेष मात्रा तीन बार में पर्णीय छिड़काव के रूप में प्रथम- ब्यात अवस्था (अप्रैल का प्रथम पखवाड़ा), द्वितीय- मई के प्रथम पखवाड़ा एवं तृतीय- जून के अन्तिम सप्ताह में खड़ी फसल में प्रयोग करें।
ट्रैन्च विधि से गन्ना बुवाई करने पर 20-25 प्रतिशत अधिक पैदावार मिलती है। 15 मार्च तक 120 सेमी (4 फुट) तथा उसके पश्चात् 90 सेमी (3 फुट) के अन्तरााल पर दो नालियों में दो आँख वाले बीज गन्ना के स्वस्थ टुकड़ों की बुवाई करनी चाहिए। सहकारी गन्ना विकास समितियों व चीनी मिलों द्वारा उपलब्ध कराये गये ट्रेन्च से या कॅड़ बनाने वाले हल को समायोजित कर गहरे कॅड़ (ट्रेन्च 10 इंच) बना लें।

अन्त:फसली
दो कूड़ों/ पंक्तियों के बीच में बसन्तकाल में खाली स्थान में लोबिया, मूंग, उर्द, खीरा इत्यादि बो सकते हैं। अन्त:फसली खेती के रूप में लेने से अतिरिक्त लाभ प्राप्त होता है।
अत: कृषक भाई उपरोक्त वैज्ञानिक विधियों अपनाकर बसंतकालीन गन्ना के साथ अन्त:फसल लेकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं।
-डॉ. दुष्यंत कुमार
जिला गन्ना अधिकारी, मेरठ


janwani address 3

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Holi 2026: क्यों खेलते हैं होली पर रंग? जानें इसके पीछे के सांस्कृतिक कारण

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

Chandra Grahan 2026: ग्रहण समाप्ति के बाद तुरंत करें ये 5 काम, जीवन में सुख-शांति का होगा वास

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

US: टेक्सास में गोलीबारी में भारतीय मूल की छात्रा समेत चार की मौत, 14 घायल

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: अमेरिका के टेक्सास राज्य की...
spot_imgspot_img