Thursday, March 19, 2026
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कहीं हापुड़ स्टैंड जैसा न हो जाए हश्र

  • आबूलेन नो आटो व ई रिक्शा जोन घोषित, पचास मीटर के दायरे में नो एंट्री

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर से सबसे व्यस्ततम चौराहे आबूलेन को नो आॅटो जोन बना दिया गया है। यह व्यवस्था रविवार से लागू कर दी गयी है। हालांकि यह भी आशंका जतायी जा रही है कि कहीं आबूलेन चौराहे का हश्र भी हापुड़ स्टैंड़ चौराहे सरीखा ना हो जाए। मेरठ में बतौर एसपी टैÑफिक पारी की शुरुआत करने के बाद शहर को जाम से मुक्त कराने के लिए राघेन्द्र कुमार मिश्रा ने मजबूत प्रयास के रूप में हापुड़ स्टैंड चौराहे को ई रिक्शा व आॅटो मुक्त घोषित कर दिया था। वहां भी पचास मीटर के दायरे में ई रिक्शा व आॅटो के आने जाने पर सख्ती से रोक लगा दी गयी थी, लेकिन एसपी ट्रैफिक की कोशिश परवान नहीं चढ़ सकी।

यह रहेगी व्यवस्था

एसपी सिटी राघवेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि बेगमपुल चौराहे को नो एंट्री जोन घोषित करने का मकसद इसकी वजह से आसपास के जिेन इलाकों में ई रिक्शाओं की वजह से जाम लगता है उनको भी जाम की मुसीबत से छुटकारा दिलाना है। इसी लिए आबूलेन चौराहे से पचास मीटर के दायरे को नो जोन घोषित कर दिया गया है। जो भी आटो व ई रिक्शाएं वहां पहुंचेंगी उन्हें सवारियों को पहुंचाने के लिए कुछ वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गयी हैं। आबूलेन चौराहे से होकर कोई भी आॅटो या ई रिक्शा नहीं गुजरेगी। इसके लिए पर्याप्त स्टाफ वहां तैनात किया गया है।

खुला-खुला नजर आया चौराहा

ई रिक्शा व आॅटो के अवैध स्टैंड व स्टापेज की वजह से बेगमपुल चौराहे को लिंक करने वाले जो रास्ते दिन भर जाम से बदहाल नजर आते थे वो तमाम रास्ते आज खुले-खुले नजर आए। बेगमपुल चौराहे से होकर गुजरना भी सुखद लगा। वहां जाम सरीखा कुछ भी नजर नहीं आया।

कोशिश नहीं चढ़ी परवान

ई रिक्शा की वजह से जाम के लिए बदनाम चौराहों को जाम मुक्त बनाने के लिए जो कोशिश एसपी टैÑफिक ने शुरू की थी उसको कामयाब करने की जिम्मेदारी दरअसल स्टाफ के जिन कर्मियों पर थी, माना जा रहा है कि उन्होंने ही इस प्रयास पर पानी फेरने का काम किया। दो चार दिन तो जरूर हापुड़ स्टैंड चौराहा साफ सुथरा नजर आया, लेकिन बाद में पुराना रवैया शुरू हो गया। लोगों का कहना है कि यह प्रयास वाकई शानदार है, लेकिन डर है कि कहीं हापुड़ स्टैंड चौराहे सरीखा हश्र ना हो जाए।

कई चौराहों पर लागू होगा नियम

महानगर के कई अन्य चौराहें को नो आॅटो व ई रिक्शा जोन बनाया जाएगा। चुनाव के उपरांत इसको लेकर काम चल रहा है। एसपी टैÑफिक ने बताया कि विगत दिनों उन्होंने महानगर को जाम से मुक्त करने के लिए कुछ सुझाव मांगे थे व मिटिंगें की थीं। संगठनों व लोगों के जो सुझाव मिले हैं उसकी मुताबिक काम किया जा रहा है।

जांच को जेल की तन्हा बैरक में पहुंची पुलिस

जेल में एसिड अटैक के आरोपी की हत्या की जांच को पुलिस रविवार को जिला कारगार की तनहा बैरक तक पहुंची। वहां मौका ए मुआयना कर नक्शा तैयार किया। इसके अलावा मेडिकल पुलिस की जो टीम जांच को पहुंची थी, उसने तन्हा बैरक में रोहित के साथ रखे गए दूसरे कैदी रोहित सिंह से भी पूछताछ की। इस बीच जानकारी मिली है कि डीआईजी जेल व जेल प्रशासन के आग्रह पर जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित की गयी मजिस्ट्रेटी जांच करने वाले अफसर आज जेल कैंपस पहुंचेंगे।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तमाम सवाल पूछे जा रहे। सवाल बहुत हैं, लेकिन जेल अफसरों जबाव पर इतना ही बोल रहे हैं कि जांच के आदेश दिए हैं, उससे पहले कुछ भी कहना मुनासिब नहीं। इसके बाद भी सबसे बड़ा और उलझाने वाला सवाल यही पूछा जा रहा है कि रोहित की कथित हत्या करने वाले कितने लोग थे। तकनीकि विशेषज्ञों की मानें तो अकेला शख्स वो भी जेल की बैरक में दूसरे शख्स की हत्या नहीं कर सकता जब तक कि उसके पास कोई हथियार ना हो।

जांच को डीआईजी पहुंचे जिला कारागार

जेल में कैदी की हत्या मामले में सूबे के पुलिस प्रमुख द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद रविवार देर शाम डीआईजी जेल सुभाष चंद शाक्य जिला कारागार पहुंचे। उन्होंने घटना को लेकर जेल में मौजूद अधिकारियों से जानकारी ली। वह बैरक भी देखी जहां पर कैदी रोहित को रखा गया था। डीआईजी शाक्य काफी समय तक वहां पर मौजूद रहे। इस दौरान जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। यह भी जानकारी मिली है कि डीआईजी सोमवार को भी जेल में जांच को पहुंचेंगे।

तन्हा बैरक में दूसरा कैदी क्यों?

बकौल जेल प्रशासन एसिड अटैक के आरोपी रोहित को अस्पताल कैंपस के तनहा वार्ड में रखा गया था, जहां से उसका शव बरामद हुआ। इस बात को यदि सही मान लिया जाए तो फिर देवी सिंह नाम का कैदी तनहा बैरक में कैसे पहुंच गया। दरअसल सूत्रों ने जानकारी दी है कि तनहा बैरक में रोहित की हत्या का राज देवी सिंह के पेट में छिपा है। एक अन्य सूत्र की मानें तो पुलिस की जांच प्रथम दृष्टया देवी सिंह पर हत्या का अधिक शक-सुबहा जाहिर किया जा रहा है।

हालांकि अधिकारिक तौर पर अभी कोई भी अधिकारी कुछ कहने को तैयार नहीं। एसपी जेल शशिकांत से जब इस संबंध में बात की गयी तो उन्होंने कहा कि तीन जांचें चल रही हैं। इसलिए उनका कुछ भी कहना जांच के लिए उचित नहीं होगा। उन्होंने केवल इतना ही बताया कि जेलर ने ही तनहा बैरक में देवी सिंह को शिफ्ट किया था।

कौन है देवी सिंह?

रोहित की तनहा बैरक में देवी सिंह नाम के जिस शख्स को रखे जाने पर तूफान मचा हुआ है, उस देवी सिंह के बारे में पता चला है कि साल 2021 से जिला कारागार में बंद है। रोहटा के डालमपुर के रहने वाले देवी सिंह पर अपने माता-पिता की हत्या का आरोप है। यदि देवी सिंह वाकई इतना खतरनाक हत्यारा है तो फिर उसको दूसरे कैदी के साथ क्यों रखा गया। इसके आदेश से रखा गया। ये तमाम सवाल तीनों जांच का हिस्सा बना हुआ है।

पुलिस को मजिस्ट्रेटी जांच का इंतजार

परतापुर के गगोल निवासी रोहित की जेल में हत्या की यूं तो पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। लेकिन जानकारों का कहना है कि पुलिस इस इस मामले में प्रशासन के आदेश पर की जाने वाले मजिस्ट्रेटी जांच का इंतजार करेगी। प्रशासन के साथ ही डीआईजी जेल सुभाष चंद शाक्य भी मामले की जांच करेंगे। माना जा रहा है कि ये दोनों जांच सोमवार को शुरू हो जाएंगी।

  • नो कमेंट

रोहित मामले की जांच शुरू कर दी गयी है। रविवार को जेल परिसर में पहुंचकर पुलिस ने जांच की है। मजिस्ट्रेट जांच का आग्रह जिला प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। जांच पूरी होने तक कोई कमेंट नहीं। -शशिकांत मिश्रा एसपी जेल

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