- 17 करोड़ शासन से आचार संहिता लागू होने से पहले हुए थे अवमुक्त
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेरठ-बड़ौत मार्ग का चौड़ीकरण नहीं होगा। क्योंकि ये मार्ग पहले से ही 7 मीटर चौड़ा हैं। इसका पुन: निर्माण करने के लिए 17 करोड़ रुपये शासन से आचार संहिता लागू होने से पहले ही अवमुक्त कर दिये गए थे, मगर पीडब्ल्यूडी टेंडर नहीं कर सका। अब जिस दिन आचार संहिता हटेगी, उसी दिन इसका टेंडर खुल जाएगा। टेंडर की प्रक्रिया आचार संहिता लागू होने से पहले लागू कर दी गई, सिर्फ टेंडर ओपन नहीं हुआ था। इसी वजह से इस पर काम चालू नहीं हो सका।
अब आचार संहिता हटने तक जनता को क्षतिग्रस्त सड़क से ही चलना पड़ेगा। मेरठ-बड़ौत मार्ग लंबे समय से क्षतिग्रस्त चल रहा हैं। जनता परेशान हैं। क्षतिग्रस्त सड़क के चलते लोगों को या तो बागपत होकर मेरठ आना पड़ रहा है या फिर बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग होकर करनाल हाइवे से मेरठ पहुंचना पड़ता हैं। लोग मजबूरी में ही बड़ौत-मेरठ मार्ग से आते हैं। क्योंकि ये सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गयी हैं, जिससे सड़क हादसे भी हो रहे हैं। पहले ये चर्चा भी हुई थी कि मेरठ-बड़ौत मार्ग का चौड़ीकरण होगा, लेकिन इसे शासन ने अस्वीकृत कर दिया।
तर्क ये दिया कि मेरठ-बड़ौत मार्ग पहले से ही सात मीटर चौड़ा हैं। मेरठ-बागपत मार्ग भी सात मीटर चौड़ा हैं, इसलिए इसकी चौड़ाई नहीं बढ़ाई जा सकती। अब शासन ने मेरठ-बड़ौत मार्ग को दो लेयर में बनाने के लिए 19.96 करोड़ की स्वीकृति की थी। इसमें सड़क शानदार बनेगी। दो लेयर में बनेगी। नये सिरे से सड़क का निर्माण किया जाएगा। क्योंकि इससे भारी वाहनों का आवागमन ज्यादा है, जिसके चलते इस सड़क को दो लेयर में मजबूत बनाकर चला जाएगा। पीडब्ल्यूडी के एई राहुल कुमार ने बताया कि मेरठ-बड़ौत मार्ग का निर्माण लखवाया से हिंडन तक किया जाएगा।
ये करीब 24 किलोमीटर का मार्ग बैठता हैं। लखवाया से मेरठ बाइपास तक आरसीसी की सड़क का निर्माण कराया जा चुका हैं। इसी वजह से इसका निर्माण लखवाया से किया जा रहा हैं। हिंडन नदी से पहले तक मेरठ जनपद की सीमा पड़ती हैं, वहीं तक इस सड़क का निर्माण किया जाएगा। उससे आगे बागपत जनपद की सीमा चालू हो जाती हैं। बागपत की सीमा में पीडब्ल्यूडी बागपत अपना प्रस्ताव बनाकर भेजेगी, तब जाकर आगे का निर्माण संभव हो सकेगा।
पुरामहादेव और किनौनी मार्ग का चौड़ीकरण लटका
रोहटा रोड स्थित किनौनी से पुरामहादेव मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य होना था, जो किनौनी शुगर मिल की वजह से अभी रुका हुआ हैं। इसका टेंडर भी हो चुका हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने एक पत्र चीनी मिल किनौनी को भी लिखा हैं, जिसमें तीन दिन के लिए रास्ता बंद करने की बात कही गई, लेकिन किनौनी शुगर मिल ने रास्ता फिलहाल बंद नहीं करने की बात कही हैं। क्योंकि उनका चीनी मिल चल रहा हैं। चीनी मिल बंद होने से दिक्कत खड़ी हो सकती हैं।
किनौनी से पुरामहादेव मंदिर जाने वाले नदी के पुल तक सात मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जाएगा।
इसके लिए 17 करोड़ चुनाव आचार संहिता से पहले प्रदेश सरकार स्वीकृत कर चुकी हैं। इसके बाद से ही टेंडर कर दिया गया था। काम भी चालू कर दिया गया था। सड़क किनारे पानी निकासी के लिए नाले का निर्माण भी कर दिया गया हैं, लेकिन सड़क का निर्माण में अवरोध पैदा हो गया हैं। अवरोध चीनी मिल के अधिकारियों ने की हैं। दरअसल, तीन दिन के लिए सड़क मार्ग को बंद करने की मांग पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने की थी। क्योंकि इस बीच में सड़क का निर्माण सात मीटर चौड़ाई और करीब छह किलोमीटर लंबा किया जाएगा। इसमें चीनी मिल की तरफ से कह दिया कि अभी उनको चीनी मिल चल रहा हैं, ऐसे में वाहनों का आवागमन ज्यादा हैं,
जिसके चलते मार्ग को बंद नहीं किया जा सकता। यदि मार्ग बंद कर दिया तो चीनी मिल में नो केन की स्थिति पैदा हो जाएगी। इसी वजह से किनौनी से पुरामहादेव के बीच सड़क का निर्माण नहीं किया जा सकता। चीनी मिल के बंद होने के बाद ही सड़क का निर्माण संभव हो सकता हैं। पीडब्ल्यूडी के एई राहुल कुमार का कहना है कि किनौनी मिल के वाहनों का आवागमन बंद होते ही काम चालू कर दिया जाएगा। क्योंकि बिना वाहनों की एंट्री बंद किये सड़क का निर्माण संभव नहीं हो सकता हैं। इसी वजह से इस मार्ग पर काम नहीं हो पा रहा हैं।

