Tuesday, March 17, 2026
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मेडिकल में हड़ताल, निगम से मांगे सफाईकर्मी

  • निजी कंपनी विश्वा इंटरप्राइजेज दे रही सिर्फ आश्वासन, मेडिकल में लगा गंदगी का अंबार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: पांच दिन से हड़ताल पर गए आउटसोर्सिंग सफाईकर्मियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे न सिर्फ मेडिकल में गंदगी का अंबार लगा है, बल्कि भीषण गर्मी के मौसम में संक्रमण फैलने का भी खतरा पैदा हो गया है। जबकि जिस कंपनी ने सफाईकर्मियों का ठेका ले रखा है वह केवल आश्वासन ही दे रही है। अब मेडिकल प्रशासन ने नगर निगम से सफाईकर्मियों की मांग की है।

गौरतलब है कि एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में रोजाना तीन से चार हजार मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे है। इनमें बच्चों से लेकर महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल है। जबकि मेडिकल प्रशासन इन मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के दावें करता है, लेकिन पिछले पांच दिनों से मेडिकल में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। वजह है मेडिकल प्रशासन को आउटसोर्सिंग के जरिए सफाईकर्मी उपलब्ध कराने वाली निजी कंपनी विश्वा इंटरप्राइजेज द्वारा पिछले चार माह से कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया जाना।

इसी से गुस्साएं सफाईकर्मी पिछले पांच दिन से हड़ताल पर है। कर्मचारियों का कहना है कंपनी उन्हें केवल आश्वासन दे रही है, जबकि अब इन कर्मचारियों के परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। वहीं, दूसरी ओर मेडिकल प्रशासन ने मंगलवार को कुछ निजी सफाईकर्मियों को बाहर से बुलाकर कैंपस और वार्डों में सफाई कराई थी, लेकिन बुधवार को हालात फिर खराब हो गए।

इससे न सिर्फ यहां इलाज करा रहे मरीजों को परेशानी हो रही है बल्कि वार्डों में संक्रमण फैलने का भी खतरा पैदा हो गया है। बताया जा रहा है कि मेडिकल प्रशासन के पास कुल 58 परमानेंट सफाईकर्मी है जो ना काफी है। जबकि मेडिकल परिसर में कुल 22 वार्डों के लिए करीब 400 सफाईकर्मियों की जरूरत है। इसी वजह से आऊटसोर्सिंग पर कर्मचारी रखे जाते हैं। बुधवार को मेडिकल प्रशासन ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर सफाईकर्मियों की मांग की है।

एसएसपी ने किया सिपाही को लाइन हाजिर

लिसाड़ी गेट थाने में सालो से तैनात सिपाही पकंज कुमार को देर रात एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। बताया जा रहा है सिपाही के खिलाफ कई दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थी। जिसके बाद कप्तान ने यह कदम उठाया। साथ ही सिपाही के खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। जिसकी जांच एसपी सिटी आयुष विक्रम को सौंपी गई है। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही लिसाड़ी गेट पुलिस पर मुर्गा कारोबारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए थाने पर हंगामा किया था। इसके बाद मुर्गा कारोबारी हड़ताल पर चले गए थे। मामले में पूर्व सांसद के बेटे के साथ थाना पुलिस पर वसूली का भी आरोप लगा था। मामले में कप्तान ने कारोबारियों को समझाकर प्रकरण की जांच करने को कहा था। देर रात एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने लिसाड़ी गेट थाने के सिपाही पकंज कुमार को लाइन हाजिर कर दिया।

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