- बजट जुटाने में लगी पुलिस जनप्रतिनिधियों से भी ली जाएगी मदद
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: एनएच-58 पर सुरक्षा के लिहाज से अब प्रत्येक थाना क्षेत्र जो हाइवे के नजदीक है, वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और थाने की सीमा जो समाप्त होती है, वहां तक सीसीटीवी से लैस किया जाएगा। इनके लगने से जहां सीसीटीवी की निगरानी में लोग गुजरेंगे। वहीं, अपराधियों पर भी शिकंजा कसा जा सकेगा।
अमूमन हाइवे पर कुछ स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन हाइवे के थाने पल्लवपुरम, दौराला और कंकरखेड़ा के थाना क्षेत्र की सीमा में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रयास शुरू किए जा रहे हैं। इन कैमरों का कंट्रोल रूम थाना परिसर के अंदर होगा। यहां से जो भी गुजरेगा, वह सीसीटीवी में कैद हो जाएगा। पल्लवपुरम और दौराला थाना क्षेत्र में इन्हें लगाने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। हालांकि पुलिस द्वारा जनप्रतिनिधियों की निधि से भी इन्हें लगाने के लिए आग्रह किया जा रहा है।
जिसके मुताबिक इससे पुलिस को आसानी हो जाएगी। इनका अत्यधिक बजट होने के कारण इन्हें लगवाने में दिक्कत आती रही है, लेकिन अब इसके लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाएगा। जुलाई माह में कांवड़ यात्रा शुरू होगी। इनके लगने से जहां हाइवे की सुरक्षा होगी। वहीं, थाना क्षेत्र की सीमा भी सुरक्षित रहेगी। क्योंकि अगर हाइवे पर अथवा थाना क्षेत्र की सीमा में कोई अपराधी वारदात को अंजाम देगा तो वो सीसीटीवी में कैद हो जाएगा। कांवड़ यात्रा में भी इसका बेहद लाभ मिलेगा।
टोल से प्रत्येक दिन गुजर रहीं 55 हजार गाड़ियां
पहाड़ों पर घूमने के लिए लगातार भीड़ बढ़ रही है। ऐसे में एनएच-58 स्थित सिवाया टोल प्लाजा से भी सैलानियों की बड़ी तादात में भीड़ निकल रही है। जिसके चलते आए दिन टोल पर भयंकर जाम लगा रहता है। अगर टॉलवे कंपनी के अधिकारियों की माने तो शनिवार और रविवार को यात्रियों की अधिक गाड़ियां निकलती है। अगर औसतन देखा जाए तो प्रत्येक दिन 55 हजार गाड़ियां टोल से गुजर रही है। लगभग 35 से 40 लाख रुपये की वसूली प्रत्येक दिन टोल को हो रही है लेकिन जाम से निपटने के लिए कोई पुख्ता बंदोबस्त नहीं नहीं है।
टोल प्लाजा पर आज तक कोई भी वीआईपी लाइन नहीं बनाई गई है। जिसके चलते एंबुलेंस और वीआईपी श्रेणी के लोग भी जाम की समस्या से जूझते हैं। जून के महीने में लगातार टोलवे कंपनी को फायदा हो रहा है, क्योंकि यहां से गुजरने वाले सैलानियों की तादाद में इजाफा ही इजाफा हो रहा है, लेकिन कंपनी द्वारा कोई भी ऐसी लाइन नहीं बनाई जा रही है। जिसे आसानी के साथ वीआईपी श्रेणी के लोग निकल सके।
टोल शुल्क वसूली जून के महीने में कई गुना हो गई है। उत्तराखंड जाने के लिए यात्री इसी हाइवे से होकर गुजरते हैं। जिसके चलते वसूली बढ़ रही है, लेकिन जाम की समस्या यात्रियों के लिए आफत बन जाती है। टॉलवे कंपनी के मेंटीनेंस अधिकारी ब्रिजेश सिंह का कहना है कि अधिक जाम लगने पर रिवर्स लाइन चालू कर दी जाती है।

