- उसी बिल्डिंग में डटे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वाले दलाल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम के जन्म-मृत्यु पंजीयन अनुभाग में सेना से मारपीट करने के आरोपी दो स्थाई कर्मचारियों को निलंबित और उन्हें हटाने तथा एक आउट सोर्स के कर्मचारी को बर्खास्त करने का आदेश उक्त अनुभाग में चार दिन में नहीं पहुंच पाया। नगर निगम के जन्म-मृत्यु पंजीयन अनुभाग में जन्म प्रमाण पत्र में संशोधन कराने आए सेना के जवान के साथ कर्मचारियों द्वारा मारपीट का मामला पिछले सप्ताह सुर्खियों में रहा। इस घटना से क्षुब्ध भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेई ने उक्त अनुभाग में पहुंचकर हंगामा किया था और चेतावनी दी कि यदि सेना के जवान के साथ मारपीट करने के आरोपी कर्मचारियों को वहां से नहीं हटाया गया और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो वह नगर निगम के दफ्तर में अधिकारियों को बैठने नहीं देंगे।
इस हंगामे के चंद घंटों बाद महापौर जन्म-मृत्यु पंजीयन अनुभाग पहुंचे थे और घटना की जानकारी लेने के साथ अधिकारियों से वहां जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में विलंब की वजह पूछी थी। इसके अलावा उन्होंने मारपीट के आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में भी पूछा था। तब अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार ने महापौर को बताया था कि मारपीट करने के आरोपी स्थाई कर्मचारी राहुल और सलीम को निलंबित कर दिया गया और अस्थाई कर्मचारी हरीश की सेवा समाप्त कर दी गई। गौरतलब है कि चार दिन में भी निलंबन व बर्खास्तगी का आदेश उक्त अनुभाग में नहीं पहुंचा। इससे लगता है कि उक्त कर्मचारियों की पहुंच बहुत ऊपर तक है और वे पुन: अपनी सीट पर बैठने की जुगत में हैं।
वहीं, दूसरी ओर अपर नगर आयुक्त से कुछ लोगों ने 31 जुलाई की शाम शिकायत की थी कि उक्त बिल्डिंग में कई दुकानों में दलाल बैठे हैं, जो रोजाना फार्मांे के गड्डे लेकर जाते हैं, उनका कार्य प्राथमिकता पर होता है। उन्होंने छापा मारकर एक दलाल के पास जन्म-मृत्यु पंजीयन के 50 भरे हुए बरामद हुए थे। उससे फार्म छीन लिए गए थे और दोबारा नगर निगम परिसर में दिखाई देने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी थी। एक दलाल के पास बड़ी संख्या में जन्म-मृत्यु पंजीयन के फार्म कोरे मिले थे। उसे भी चेतावनी देकर छोड़ा गया था, लेकिनकार्रवाई नहीं की गई। इससे दलालों की दुकानें निगम परिसर में आज भी सजी हैं।
अभी तक नहीं आया निलंबन, बर्खास्तगी आदेश: डा. गजेन्द्र
नगर निगम में जन्म-मृत्यु पंजीयन अनुभाग के प्रभारी डा. गजेन्द्र का कहना है कि मंगलवार की देर शाम तक सेना के जवान के साथ मारपीट करने के आरोपी कर्मचारियों के निलंबन व बर्खास्तगी का आदेश नहीं आया, लेकिन अपर नगर आयुक्त के मौखिक आदेश के बाद उन्होंने तुरंत तीनों कर्मचारियों को अनुभाग से हटा दिया था।
जल्द पहुंचेगा निलंबन व बर्खास्तगी का आदेश: पंकज
नगर निगम में जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग सेना के जवान के साथ मारपीट के मामले की जांच करने के साथ अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार को इस अनुभाग की व्यवस्था सुधारने का जिम्मा दिया गया था। अपर नगर आयुक्त का कहना है कि तीन अगस्त की शाम ही दो कर्मियों के निलंबन व एक कर्मी की बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया गया था, जल्द उक्त आदेश पहुंच जाएगा। उनका कहना है कि इस व्यवस्था में सुधार आया है। कार्य में तेजी आई है।

