Monday, March 16, 2026
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कंकरखेड़ा में करोड़ों की सरकारी जमीन मुक्त

  • भारी पुलिस फोर्स लेकर पहुंची मेडा प्रवर्तन दल की टीम
  • पुलिस फोर्स देखकर विरोध की बात करने वाले नहीं आए नजर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कंकरखेड़ा में हाइवे से सटी करोड़ों रुपये कीमत की अर्बन सीलिंग की जमीन जिसको भूमाफियाओं ने कब्जा लिया था। वहां भराव करा कर नींव भर ली थी। उसको डीसीपी लेबल तक ले जाए थे। कब्जाई गई सरकारी जमीन पर खोखे लाकर रख दिए गए थे। काफी निर्माण भी कर लिया गया था। आसपास के लोगों ने बताया कि यहां कुछ समय से दिन रात लेबर लगाकर काम कराया जा रहा था, लेकिन मंगलवार का दिन यहां सरकारी जमीन को कब्जाने वाले भूमाफियाओं पर अमंगलकारी साबित हुआ।

मामले की जानकारी मिलने पर वीसी अभिषेक पांडे ने जोनल अधिकारी को कार्रवाई के आदेश दिए। वीसी के आदेश तथा ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर जोनल अधिकारी अर्पित यादव ने बड़ी कार्रवाई कराते हुए करोड़ों रुपये कीमत की आंकी जा रही इस सरकारी जमीन को मुक्त करा लिया। सूत्रों ने जानकारी दी है कि जो लोग इस बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जे के पीछे थे बताया जाता है कि उन्होंने पहले तय किया था कि यदि मेडा की टीम यानि प्रवर्तन दल आता है तो जबरदस्त विरोध किया जाएगा। किसी भी कीमत पर यहां आज कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी,

लेकिन भारी पुलिस फोर्स व कई जेसीबी मेडा प्रवर्तन दल का दस्ता पहुंचा तो वहां खलबली मच गयी। जानकारों की मानें तो जो लोग खुद पर्दे के पीछे रहकर अन्य से विरोध कराने की बात कर रहे थे उनके मंसूबे धरे रह गए। बताया जाता है कि उन्होंने बडेÞ स्तर पर विरोध की तैयारी की थी। जिनकी मार्फत वहां कब्जे करा लिए थे। पक्के नींव भरकर डीसीपी तक निर्माण पहुंचा दिया वो भी आस्तीन चढ़ाए खडेÞ थे, लेकिन ऐन मौके पर विरोध का मंसूबा रखने वाले एकाएक वहां से गायब हो गए।

बाधा डालने वालों पर एफआईआर की थी तैयारी

दरअसल, हुआ यह कि इस बार तय कर लिया गया था कि यदि सरकारी काम में बाधा डाली तो ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे। यह बात पर्दे के पीछे से विरोध की तैयारी कराने वालों व विरोध के लिए तैयार होने वालों दोनों को संभवत किसी के जरिये पता लग थी। दरअसल, यह तो साफ था कि जमीन सरकारी है, मेडा की टीम भी पूरी तैयारी से पहुंची थी। जिसके चलते मेडा की जब जेसीबी गरजनी शुरू हुई तो विरोध करने वाले नजर नहीं आए। यहां जो भी निर्माण किया गया था जेसीबी की मदद से उसको ध्वस्त कर दिया गया। नींव व डीसीपी को जेसीबी ने उखाड़ दिया। इसके अलावा सरकारी जमीन पर जो भारी भरकम लोहे के खोखे रख दिए गए थे, उन्हें भी उजाड़ दिया गया। तोड़ दिया गया। बड़ी कार्रवाई के बाद यह सरकारी जमीन मुक्त करा ली गयी।

बड़ी कार्रवाई की है तैयारी

मेडा के जोनल अधिकारी अर्पित यादव ने बताया कि कंकरखेड़ा के हाइवे के समीप सरकारी जमीन जो अर्बन सीलिंग की है उसको मेडा ने अपनी योजना के लिए अधिग्रहित किया है। इस जमीन पर अवैध कब्जे की सूचना के बाद मंगलवार को यह बड़ी कार्रवाई की गयी। इस क्षेत्र में अभी और कार्रवाई की जानी है।

जमीन भी मुक्त और एफआईआर भी

मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडे ने बताया कि सरकारी जमीन पर कब्जे तथा अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्ती से पेश आया जाएगा। अबर्न सीलिंग तथा अन्य सरकारी जमीनें जो भी मेडा ने अपनी योजनाओं के लिए अर्जित की है सभी को सूचीबद्ध किया जा रहा है। जहां भी अवैध कब्जे मिलेंगे वहां कार्रवाई की जाएगी। जमीन मुक्त कराने के साथ मुकदमें भी दर्ज कराए जाएंगे।

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