- बाइपास पर अवैध कालोनी ध्वस्त, टीपीनगर के रामपुर पावटी में अवैध कालोनी में चल रहा था काम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एनएच-58 पर मेडा (मेरठ विकास प्राधिकरण) ने दो स्थानों परतापुर हाइवे व टीपीनगर के रामपुर पावटी में गुरुवार को बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। इन दोनों अवैध कालोनियों में मेडा के तीन बुलडोजर कई घंटे गरजे। अवैध कालोनियां काटने वाले बिल्डरों के साइट आॅफिस ध्वस्त कर दिए गए। वहां बनायी गयी सड़कें व दूसरे रास्ते भी ध्वस्त किए गए।
जो अन्य अवैध निर्माण किए गए थे, मसलन दुकानें आदि बना दी गयी थीं और उनके केवल शटर भर लगने बाकी रह गए थे, उनको भी ध्वस्त कर दिया गया। इन अवैध कालोनियों में एक में कॉम्प्लेक्स की भी तैयारी थी। उसका लिंटर डाल दिया गया था, एक साथ दो बुलडोजर लगाकर उसको भी जमींदोज कर दिया गया। गुरुवार को मेडा के जोनल अधिकारी अर्पित यादव प्रवर्तन दल व ध्वस्तीकरण दस्ते के पूरे तामझाम के साथ एनएच-58 के परतापुर थाना क्षेत्र के खसरा संख्या 172/4 व 174/5 निकट ज्ञानभारती स्कूल के समीप पहुंचे।
यहां विवेक पुत्र मोतीराम 15 हजार वर्ग मीटर में अवैध कालोनी विकसित कर रहे थे। आरोप है कि यहां सीवर लाइन डालने व सड़क बनाने का काम इन दिनों तेजी से चल रहा था। साइट आॅफिस भी बना लिया गए थे। उत्तर प्रदेश नगर नियोजन विकास अधिनियम 1973 के प्राविधानों के अंतर्गत 25 फरवरी 2023 को इसके ध्वस्तीकरण आदेश पर मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडे ने हस्ताक्षर किए थे, लेकिन यहां ध्वस्तीकरण का काम गुरुवार को किया।
दो साल लगे आदेश के अनुपालन में
इसी तर्ज पर हाइवे पर टीपीनगर थाना क्षेत्र के रामपुर पावटी में बागपत फ्लाईओवर के समीप अवैध रूप से रास्ता बनाकर कालोनी का विकास कार्य किया जा रहा था। 16 दिसंबर 2022 को मेडा उपाध्यक्ष ने इसके ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए थे, आदेशों के अनुपालन में चार साल बाद आज यहां मेडा का बुलडोजर गरजा।
जिपं अध्यक्ष के खिलाफ सदस्यों ने खोला मोर्चा
मेरठ: जिला पंचायत क्षेत्र के विभिन्न वार्डों से पहुंचे सदस्यों ने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर जिला पंचायत अध्यक्ष पर सीधे तौर पर जिला पंचायत को अर्थिक हानि पहुंचाने का आरोप लगाया और जांच कराने की मांग की। साथ ही सदस्यों ने जांच होने तक आर्थिक गतिविधियों पर रोक लगाने की सिफारिश भी की। वार्ड पंचायत सदस्यों ने स्ट्रीट लाइट, सड़क, नाला, तालाब आदि के निर्माण में घोर लापरवाही बरतने के गंभीर मुद्दे उठाये। कमिश्नर ने उनकी मांगो और शिकायतों पर संज्ञान लेकर जल्द ही जांच आदि कराये जाने का आश्वासन दिया। उधर, जिला पंचायत अध्यक्ष ने गौरव चौधरी ने आरोपों को नकारने के साथ ही इसके पीछे दबाव की राजनीति किये जाने की बात कही।
जिला पंचायत सदस्यों ने वार्ड-33 की सदस्या सोनम विपिन भड़ाना के नेतृत्व में कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। सदस्यों का कहना था कि जनपद मेरठ के लगभग 140 फर्म स्कूल, कॉलेज, पेट्रोल पम्प को जिला पंचायत द्वारा मानचित्र स्वीकृत के लिए नोटिस जारी किये गये। किन्तु जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा उक्त फर्म स्वामियों से मोटी रकम लेकर सांठगांठ करके उन नोटिसों की कार्रवाई रुकवा दी गयी थी, जिससे जिला पंचायत को लगभग आठ से 10 करोड़ रुपये की हानि हुई है। जो घोर अनियमिताओं में शामिल है।
विगत बोर्ड बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बताया गया है कि देहात की 56 कालोनियों में से मात्र दो कालोनियों के मानचित्र स्वीकृत हैं। सदस्यों का यह भी आरोप था कि जिला पंचायत द्वारा लगभग 08.50 करोड़ की ब्रांडेड लाइटें लगाने के लिए टेंडर किये गये, जिसमें अध्यक्ष द्वारा 50 प्रतिशत कमीशन लिया गया और लोकल लाइटें लगवा दी गयी। जिसमें अधिकतर लाइटें दो माह में ही खराब हो गयी। इसके साथ ही उन्होंने नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए। सभी ने जांच की मांग करते हुए, इसके पूरा होने तक वित्तीय कार्य रोकने की मांग की।
जिंप सदस्यों ने अध्यक्ष गौरव चौधरी की साढ़े तीन साल के कार्यकाल में की गई विदेश यात्राओं पर भी सवाल उठाये और कहा कि पद पर रहते हुए इतनी यात्राएं बिना अनुमति के किये जाना संदेह पैदा करता है। ज्ञापन देने वालों में वार्ड- 10 से अश्वनी शर्मा, वार्ड-20 से प्रदीप कुमार, वार्ड-24 से सुनील कुमार, वार्ड-8 से अरुणा भारती, वार्ड-7 से सुमन शेखर, वार्ड-2 से मुनेश जितेंद्र, वार्ड-32 से विकास कुमार और वार्ड-15 से मतीन कुमार मौजूद रहे।
ये बोले-गौरव चौधरी
उधर, आरोपों का जवाब देते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत घेरने का प्रयास किया गया है। वह अपने नैतिक मूल्यों पर रहकर अपनी जनता के प्रति जिम्मेदारी पूरी करने को प्रतिबद्ध हैं। आगे कहा कि इस प्रकार के आरोप उन्हें दबा नहीं सकते और वह अपना काम करते रहेंगे।

