- जीआईएस सर्वे में घोटाले के सबूत पेश किए
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम में जीआईएस सर्वे के नाम पर करोड़ो का गृहकर घोटाला हो रहा है। इस घोटाले के कुछ सबूत के साथ संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष व पूर्व पार्षद अजय गुप्ता ने नगरायुक्त से शिकायत की और मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। नगर निगम क्षेत्र में कई प्राइवेट कंपनियों द्वारा संपत्तियों पर कर निर्धारण के लिए जीआईएस सर्वे किया गया। इसकी रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम लोगों को अनाप शनाप भेज रहा है। इसका पार्षदों द्वारा विरोध किया जा रहा है।
नगर निगम की हाल ही में हुई बोर्ड बैठक और कार्यकारिणी की बैठक में भी विरोध हुआ। सर्वे करने वाली कंपनी पर अनियमितता बरतने और नगर निगम के अधिकारियों पर जीआईएस सर्वे के आधार पर नगरवासियों का उत्पीड़न करने व भ्रष्टाचार फैलाने का आरोप लगाया गया था। इन बैठकों में जीआईएस सर्वे के आधार पर बनाए गए गृहकर के बिलों व नोटिसों को भेजने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। बैठक में महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने अधिकारियों को जीआईएस सर्वे के आधार पर गृहकर के बिल व नोटिस भेजना बंद करने के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारी महपौर के आदेशों को मानने को तैयार नहीं हैं।
अब संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष व पूर्व पार्षद अजय गुप्ता ने अब कुछ बिलों के साथ और एक तालिका बनाकर पूरे सबूतों के साथ नगरायुक्त के समक्ष जीआईएस सर्वे के नाम पर घोटाला होने का आरोप लगाते हुए शिकायत की। नगरायुक्त को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि मैसर्स आईटीआई लि., एयूएनआईके आईटी सोल्यूशन प्रा.लि. एंड मार्ग इन्फोटेक ने जीआईएस सर्वे किया, लेकिन इसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है। इस सर्वे से पार्षद, नगर निगम बोर्ड और कार्यकारिणी व महापौर भी संतुष्ट नहीं है। इसकी आड़ में भ्रष्टाचार फैल रहा है और जनता का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने जीआईएस सर्वे के क्रियान्वयन को पूर्ण रूप से स्थगित करने की मांग की।
ई-केवाईसी से वंचित सदस्यों का राशन खा रहे कोटेदार
फलावदा: आपूर्ति विभाग द्वारा राशन कार्ड धारकों की कराई जा रही ई केवाईसी कोटेदारों के लिए वरदान साबित हो रही है। कोटेदार सत्ता की हनक और दबंगई के साथ कार्ड धरोको का राशन खा रहे हैं, लेकिन आपूर्ति विभाग मौन साधे हुए हैं। शासन के निर्देश पर आपूर्ति विभाग द्वारा राशन कार्ड के समस्त सदस्यों की की केवाईसी कराए जाने के निर्देश कोटेदारों के लिए मुफीद साबित हो रहे हैं।
कोटेदार ई-केवाईसी से वंचित सदस्यों का राशन घटक रहे हैं। साथ ही केवाईसी के एवज भी पचास से सौ रुपये तक सुविधा शुल्क वसूला जा रहा है। यह कम पिछले दो महीने से चल रहा है। इस संबंध में आपूर्ति विभाग के अफसर से भी शिकायत निरंतर की जा रही है, लेकिन कोटेदारों की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। मवाना ब्लॉक के कई गांव में पहले से ही एक यूनिट का राशन कार्ड धारकों को कोटेदार कम देते आ रहे हैं। कोटेदार इस कटौती के पीछे अफसरों को मासिक चढ़ावा चढ़ाने की लाचारी बयान करते हैं। अब केवाईसी के नाम पर कई कई यूनिट का खाद्यान्न कटा जा रहा है।
लावड़ में कोटेदार सत्ता की हनक दिखाकर केवाईसी से वंचित यूनिट का राशन काट रहा है। प्रत्येक कार्ड से कई कई यूनिट का खाद्यान्न कोटेदार द्वारा कम दिया जा रहा है। धांधली पर एतराज करने वाले उपभोक्ता को उसका कार्ड कटवाने की धमकी दी जा रही है। जिसके चलते गरीब का कार्ड धारक इस अन्याय की आवाज उठाने साहस नहीं कर पा रहे हैं। केवाईसी का मामला कोटेदारों के लिए वरदान बनकर रह गया है। डीएसओ विनय कुमार का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने पर संबंधित कोटेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैंक आफ बड़ौदा के ग्राहक सेवा केंद्र पर चलता मिला फर्जी आधार सेंटर
फलावदा: राशन कार्ड से जुड़े सदस्यों की केवाईसी कराने के लिए अपने आधार अपडेट कराने वालों का जमकर शोषण किया जा रहा है। गांव बातनौर में बैंक आॅफ बड़ौदा के ग्राहक सेवा केंद्र पर चल रहे फर्जी आधार सेंटर पर अवैध वसूली की शिकायत होने पर हड़कंप मच गया। पुलिस ने चेतावनी देकर आरोपियों को छोड़ दिया। राशन कार्ड में ई-केवाईसी कराने को लेकर कार्ड धारकों में आधार अपडेट कराने के लिए मारा मारी मच रही है।
इस लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड सेंटर की आईडी फर्जी तरीके से बेची जा रही है। आईडी खरीदार गांव गांव घूमकर मनमाने तरीके से वसूली कर रहे हैं। इसी क्रम में ग्राम बातनौर में स्थित बैंक आॅफ बड़ौदा के ग्राहक सेवा केंद्र पर धांधली बाजी से एक आधार सेंटर चल रहा था। इस फर्जी आधार सेंटर पर मेरठ में आधार सेंटर चलाने वाले एक युवक द्वारा आधार कार्ड अपडेट करने के नाम पर 350 रुपये से 400 रुपये तक वसूले जा रहे रहे थे। इसकी शिकायत किए जाने पर सेंटर में हड़कंप मच गया।
मौके पर पहुंची पुलिस को ग्राहक सेवा केंद्र संचालक के स्थान पर उसका भाई मिला। वह बीसी चला रहा था। साथ ही आधार मशीन चला रहा ग्राम नंगली निवासी युवक भी धरा गया। पुलिस ने उन्हें आधार मशीन के साथ चेतावनी देकर छोड़ दिया। बताया गया है कि कस्बे व आसपास कई स्थानों सहित ग्राम नंगला हरेरु के डाकघर में आधार कार्ड के मामलो में अवैध वसूली होने की शिकायत मिल रही है। अवैध वसूली का यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

