Wednesday, May 13, 2026
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तेजी से बढ़ रहे मुंह और जीभ के कैंसर रोगी

  • तंबाकू और गुटखे बांट रहे कैंसर की बीमारी
  • जिला अस्पताल से दिल्ली भेजे जा रहे कैंसर रोगी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जनपद में तेजी से जीभ और मुंह के कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। गुटखे, खेनी, पान मसाला और तंबाकू का सेवन करने से कैंसर लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। जिला अस्पताल से हर माह करीब सौ कैंसर के संदिग्ध रोगियों को दिल्ली हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान चलाया जाता है, इसके बाद भी लोग इस रोग के प्रति गंभीर नहीं हैं।

जनपद में मुंह व जीभ के कैंसर की बीमारी तेजी से फैल रही है। जिला अस्पताल के दंत रोग विभाग में रोजाना करीब 70-80 मरीज आते हैं। इनमें अधिकांश मरीज दांतों के होते हैं, जबकि कुछ मुंह और मसूड़ों के शामिल होते हैं, लेकिन मुंह व जीभ के कैंसर के संग्दिध तीन मरीज औसतन आते हैं। जिला अस्पताल में यूं तो कैंसर की जांच की व्यवस्था नहीं हैं, लेकिन मरीज को लक्षण दिखाई देने पर उन्हें जांच और उपचार के लिए दिल्ली भेजा जाता है। इसकी वजह चिकित्सक गुटखे, पान मसाला और तंबाकू का सेवन करना और धुम्रपान करना बताते हैं। तंबाकू के सेवन के साथ शराब पीना भी एक मुख्य कारण है।

ऐसे लोगों में यह रोग जानलेवा बन जाता है। मुंह व जीभ के कैंसर के संदिग्ध रोगियों को जिला अस्पताल के चिकित्सक गुटखे, पान मसाला और तंबाकू का सेवन से होने वाले नुकसान को बताते हैं और उन्हें पान, गुटखे, खेनी और पान मसाले व तंबाकू का सेवन न करने सलाह देते है। जिला अस्पताल में तंबाकू का सेवन करने वालों को इससे छुटकारा दिलाने के लिए निकोटिक्स की गोलियां भी दी जाती हैं। इसके अलावा वर्ष में कई बार जिला अस्पताल की दंत विभाग की टीम शहर की मलिन बस्ती और अस्पताल परिसर में शिविर लगाकर लोगों को मुंह व जीभ के कैंसर के प्रति जागरूक करती है

और लोगों से मुंह के कैंसर से बचने के लिए गुटखे, पान मसाला और तंबाकू का सेवन न करने की अपील करती है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ दंत चिकित्सक डा. अमित माथुर का कहना है कि जिला अस्पताल में गत वर्ष 600 मरीज मुंह या जीभ के कैंसर के लक्षण वाले आए थे, लेकिन इस वर्ष अब तक साढ़े चार सौ मरीज आ चुके हैं। जिला अस्पताल में जांच की व्यवस्था नहीं है, इसलिए उन्हें दिल्ली हायर सेंटर भेजा जाता है। इस वर्ष साढ़े चार सौ मरीजों को कैंसर की जांच और उपचार के लिए हायर सेंटर भेजा गया।

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