- देर शाम तक भी कोई अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा
जनवाणी संवाददाता |
दौराला: सहकारी गन्ना विकास समिति में वलीदपुर व भूनी गांव के लिए डेलीगेट को लेकर दाखिल हुए फार्म को बिना कारण बताए निरस्त करने पर शनिवार दोपहर भाकियू के पूर्व जिला सचिव प्रशांत चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। देर शाम तक भी कोई अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा, जिस कारण धरना जारी रहा। पूर्व जिला सचिव प्रशांत चौधरी ने बताया कि वलीदपुर से संजय, अनिल व भूनी से भी एक डेलीगेट पद को लेकर फार्म दौराला स्थित सहकारी गन्ना विकास समिति में दाखिल किया गया था।
शुक्रवार को दिनभर उम्मीदवार फार्म को लेकर चक्कर काटते रहे, लेकिन कोई जानकारी नहीं दी गई। शाम पांच बजे सूची चस्पा की जानी थी, लेकिन सभी के चलते जाने के बाद रात को सूची चस्पा की गई। शनिवार को जानकारी मिली कि वलीदपुर से संजय, अनिल व भूनी के लिए दाखिल किया गया फार्म निरस्त कर दिया गया और कोई कारण भी नहीं बताया गया। शनिवार को दोपहर तक वह अधिकारियों से फार्म क्यों निरस्त किया गया इसकी जानकारी के लिए चक्कर काटते रहे, लेकिन कोई अधिकारी समिति पर नहीं मिला।
दोपहर बाद उन्होंने कारण जानने को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ धरना शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि मनमानी ढंग से फार्मो को निरस्त किया गया है। देर शाम तक भी कार्यकर्ताओं के बीच कोई अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा। चेतावनी दी कि जब तक फार्म क्यों निरस्त किया गया इसका कारण नहीं बताया जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा। धरने में महकार सिंह, डा. विकास, संजीव, राजकुमार करनावल, कैलाश, राजुकमार त्यागी और वलीदपुर, भूनी गांव के किसान मौजूद रहे।
193 पर्चे निरस्त होने पर फूटा जन आक्रोश, किसानों ने दिया धरना
मवाना: सहकारी गन्ना समिति मवाना में शुक्रवार को देर रात चली नामांकन पत्रों की जांच में 661 में खामी के चलते 193 पर्चे निरस्त किए जाने से आक्रोशित भाकियू संगठन समेत सैंकड़ों किसानोंं ने गन्ना समिति कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। इस दौरान जनप्रतिनिधि के खिलाफ नारेबाजी भी की। शाम को एसडीएम अंकित कुमार समिति पर पहुंचे और धरनारत लोगों ने वार्ता की, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। धरनारत लोगों ने धरना अनिश्चितकालीन करने का ऐलान किया। चुनाव में समिति क्षेत्र के 11 सर्किल 323 पदों के लिए गत दिवस 661 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे।
शुक्रवार को जांच का दिन था। देर रात तक चली जांच में 661 में 193 नामांकन पत्र कमियों के चलते निरस्त कर दिए गए थे। इसके बाद 468 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए थे। नामांकन पत्रों की जांच के उपरांत अंतिम सूची का प्रकाशन किया गया था। देर रात क्षुब्ध किसानों ने धांधली का आरोप लगाते हुए समिति के सामने मवाना-परीक्षितगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया था। हालांकि पुलिस के समझाने पर जाम मार्ग खोला गया था। शनिवार को 193 पर्चे निरस्त होने की सूचना समिति क्षेत्र में फैल गई।
पर्चे निरस्त करने के विरोध में शनिवार को दोपहर आकाश गुर्जर के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ता एवं किसानों ने समिति कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन कर धरना शुरू कर दिया। एसडीएम अंकित धरनास्थल पर पहुंचे और उनकी समस्या सुनी। इस दौरान एसडीएम के समक्ष छह मांगे रखी। जिसमे भी दिया। जिसमें निरस्त किए गए पर्चों की वजह बताने, जिन लोगों ने पर्चे भरे हैं
उसकी रिसीविंग देने, पर्चों के निरस्तीकरण का कारण संक्षिप्त विवरण की प्रति उपलब्ध कराने, वैध नाम निर्देशन का प्रदर्शन जो शाम तीन से पांच बजे के बीच होना था। उसे रात दस बजे किया गया, इसका कारण उपलब्ध कराने, निरस्त पर्चों को बहाल करने और अन्यस्था चुनाव निरस्त किए जाने की मांग की गई है। धरना पर भोला चौधरी, विपिन सकौती ने भी निरस्त पर्चे बहाली की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया। एसडीएम से वार्ता बेनतीजा रही।

