- बाजारों में चल रहा पीक सीजन, अभी शादियों के साये नहीं
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अक्टूबर से लेकर फरवरी तक बाजारों का पीक सीजन माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अक्टूबर शुरू होते ही शारदीय नवरात्रों के पश्चात त्योहारों की झड़ी लग जाती है। जिसमें करवा चौथ, अहोई अष्टमी तथा दिवाली के तुरंत बाद शादियों के साये शुरू हो जाते हैं। सोमवार को सोने का भाव 76,400 रुपये एवं चांदी का भाव 95,000 रुपये दर्ज किया गया।
वैसे तो सराफा बाजार सदाबहार है, परन्तु विशेषत: इन दिनों में सराफा कारोबार भी सोने की तरह चमक उठता है। कारोबारियों की माने तो साल के अंत तक सोने के भावों में अभी और उछाल आएगा। इसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर चल रहा युद्ध है व दूसरा गोल्ड की डिमांड बढ़ना है। बढ़ते हुए दामों के बावजूद सराफा में खूब चहल-पहल देखने को मिल रही है। दुकानदारों का कहना है कि लोग इस धारणा के साथ सोना खरीद रहे हैं कि अगले दिन दाम में ओर वृद्धि ना हो जाए।
दामों के बढ़ने से ग्राहकों के लिये हैवी डिजाइन की नक्कशी को कम वजन पर शानदार तरह से उकेरा जा रहा है, जिससे ग्राहक मायूस ना हों। इन दिनों नवरात्री में डांडिया नाइट रॉयल लुक के लिये, शादियों तथा त्योहारों को देखते हुए महिलाओं को सीकेएम वैरायटी में ब्राइडल सेट, टेम्पल सेट, एंटीक वर्क सेट खूब भा रहा हैं। बता दें कि इन एंटीक हारों पर लक्ष्मी गणेश, गणपति, राधा कृष्ण की कलाकृतियां बनी हुई हैं।
चांदी की चमक कर रही बाजार गुलजार
आकाश गंगा ज्वेलर्स के सेल्स मैनेजर रवि सोमानी बताते हैं कि नवरात्रि और फेस्टिव सीजन में महिलाएं चांदी की ज्वेलरी को तवज्जो दे रही हैं। महिलाओं की मांग को देखते हुए चांदी में विशेष तौर पर नखरा कलेक्शन तैयार कराया गया हैं। बता दें कि यह एक गले का सेट होता है। जिसमें साउथ के मंदिरों से प्रेरित होकर हाथों से बनाई हुई गो माता, राधा कृष्ण, हाथी, गणेश भगवान की कलाकृतियां होती हैं।
जिन की नक्काशी एकदम स्पष्ट दिखाई पड़ती है। इसके साथ ही पर्ल्स सेट, टेंपल सेट, डायमंड लुक सेट आदि महिलाओं को बहुत पसंद आ रहे हैं। इन आभूषणों में खास बात यह है कि यह अंदर से चांदी होती हैं मगर इन पर गोल्ड की प्लेटिंग की जाती है। जिससे इनका लुक रॉयल आता है ओर देखने वाले को वो सोने का प्रतीत होता है।

