Sunday, May 10, 2026
- Advertisement -

बस इतना सा काम कर लो मिल जाएगी जाम से मुक्ति

  • नाले नालियों और सड़कों से अवैध कब्जे, डेयरियां
  • अवैध पार्किंग और ई-रिक्शा हटवा दो, जाम के झाम का काम तमाम

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: महानगर को जाम से मुक्त करने के नाम पर 350 करोड़ खर्च करने को अफसर उतावले हैं, लेकिन इस बात की गारंटी कौन देगा कि पब्लिक का यह पैसा खर्च करने के बाद पब्लिक को जाम की मुसीबत से वाकई छुटकारा मिल जाएगा। हैथकॉन में जाम से निजात को पूरे दिन मंथन हुआ। जाम की बीमारी नब्ज की यदि बात करें तो उस को पकड़ने में अफसर नौसिखिया नजर आ रहे हैं। ऐसा ही नहीं कि हैथकॉन में जाम की बीमारी की वजह नहीं बतायी गयीं। राज्यमंत्री डा. सोमेन्द्र तोमर, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने जाम की बीमारी का एक्सरे सामने रख दिया। बीमारी का एक्सरे ही सामने नहीं रखा यह भी बताया कि सस्ते में लाइलाज बीमारी का इलाज संभव है।

350 करोड़ खर्च कर जाम की बीमारी का इलाज करने वाले अफसर एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के लगातार चाबुकों के बावजूद आज तक आबादी के बीच चल नहीं डेयरियां तक नहीं हटवा सके। साफ है कि अफसरों को एनजीटी व कोर्ट का खौफ नहीं। खौफ होता तो एक डेयरियां भी बाहर हो गयी होती। डेयरियों के जो पशु होते हैं। दूध के बाद उन्हें बाहर छोड़ दिया जाता है। शहर की सड़कों पर उनका राज होता है, जब सड़क पर छुट्टा पशु होंगे तो फिर जाम लगना तो लाजमी है। अफसरों को आइना दिखाते हुए राज्यसभा सदस्य डा. राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने खुलासा किया कि एक लाख वर्ग गज जमीन सरकार ने दे दी है।

कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने भी अफसरों को सलाह दी कि पहले डेयरियां बाहर कर लो। तय हुआ था कि शहर में कोई भी बस भीतर नहीं जाएगी, लेकिन आबादी के बीच में भैंसाली रोडवेज बस स्टैंड व सोहराब गेट बस स्टैंड संचालित किया जा रहा है। जब तक सड़कों से अतिक्रमण नहीं हटवा दिया जाता तब तक कैसे शहर को जमा मुक्त करने की बात सोची जा सकती है। किसी भी चौराहे पर निकल जाइए फल, सब्जी या अन्य जरूरत का सामान बेचने वालों के ठेले खडेÞ नजर आ जाएंगे। महानगर में कहीं भी यदि ठेले लगता है कि रोड पर ठेले मसलन हफ्ता वसूली।

पूरे महानगर में वो चाहे लालकुर्ती पैंठ एरिया हो या फिर बेहद भीड़ वाला कचहरी के आसपास का इलाका या बेगमपुल व घंटाघर का इलाका जहां भी ठेले मिलेंगे वहां पूरा इलाका जाम से बजबजाता मिलेगा और यह भी सच है कि बगैर हफ्ता दिए कोई भी ठेला नहीं लगा सकता। जाम मुक्त बनाना है तो फिर ठेले वालों को चौराहों व बाजारों से हटावा दो समस्या खत्म, लेकिन उनके लिए कहीं खडेÞ होने के लिए जगह का भी इतंजाम करना जरूरी है, क्योंकि परिवार उनका भी है। वर्ना होगा यह कि 350 करोड़ खर्च कर जहां भी फ्लाई ओवर बनेगा वहां उसके नीचे फिर अवैध बेंडर जोन ही बनना है।

इसके अलावा शहर की सड़कों पर दौड़ रहे अवैध ई-रिक्शा जाम की बीमारी की असली जड़ हैं। 350 करोड़ खर्च कर जो प्लान तैयार किया गया है उसमें अवैध ई-रिक्शाओं की बीमारी से निजात के लिए कोई इलाज नहीं बताया गया है। ये काम टैÑफिक पुलिस का है, लेकिन ऊर्जा राज्यमंत्री ने आइना दिखाते हुए बताया कि जहां भी चौराहे पर पुलिस वाला नजर आ गया समझ जाओ वहां जाम मिलना तय है।

भैंसाली, सोहराब गेट बस स्टैंड के अलावा टीपीनगर

आबादी के बीच से भैंसाली व सोहराबगेट बस स्टैंड बाहर किए बगैर शहर को जाम मुक्त करने की बात क्या बेमाने नहीं। शहर में जब दिन भर सैकड़ों बसों की आवाजाही रहेगी तो जाम तो लगेगा ही। क्योंकि केवल बसें भर नहीं आएंगी। इन बसों से उतरे वाली सवारियों को लाने ले जाने के लिए वहां ई रिक्शा व मेनुअल रिक्शाएं भी जाएंगी। बस लग गया जाम। टीपीनगर को शिफ्ट करनी बात तो अभी जाने ही दें। टीपीनगर में जगह जगह रेत, रोडी, बदरपुर के टीले बने हुए हैं। वहां लाकर ये बेचे जाते हैं। शहर को जाम मुक्त कराने वाले अफसर पहले टीपीनगर का ही जाम खत्म करा लें। शहर की बात तो बाद में भी हो सकती है।

बहुत कठिन हैं नगर की डगर

महानगर की यदि बात करें तो जाम की बीमारी की एक वजह शहर में सड़कों पर करायी जाने वाली पार्किंग है। आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि सड़कें लोगों के चलने के लिए बनवायी जाती हैं, लेकिन मेरठी अफसरों की मानें तो लगता है कि जो भी सड़कें हैं वो वाहन पार्किंग के लिए बनवायी जाती हैं। लोगों के चलने के लिए नहीं। सिविल लाइन इलाके में कचहरी के आसपास जाम की बीमारी की वजह कचहरी के बाहर और भीतर वाहन पार्किंग है। यही नहीं पूरे महानगर में जहां भी रोड पर पार्किंग की जा रही है वहां जाम हमेशा मिलेगा। डेढ साल पहले मल्टीलेबल पार्किंग के लिए 35 करोड़ की बड़ी रकम सूबे की योगी सरकार निगम के खाते में डाल चुकी है।

सर्विस रोड का कोई पुरसाहाल नहीं

शहर जाम मुक्त हो अच्छी बात है, लेकिन अफसरों की यदि मंशा की बात करें तो बाइपास पर तमाम सर्विस रोड या तो हैं नहीं या हैं तो वहां पथ प्रकाश तक की व्यवस्था नहीं। एक भी सर्विस रोड पुरसाहाल नहीं। यूं कहने को खंभे भी लगे हैं, लेकिन रात में अंधेरे में डूब जाता है हाइवे। एनएचएआई अफसर गंभीर नजर नहीं आते।

कितने गंभीर हैं अफसर

मेडा वीसी अभिषेक पांडे की मंशा पर कोई सवाल नहीं, लेकिन इतना जरूर है कि यदि जो सवाल कैंट विधायक अमित अग्रवाल राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने उठाए उन गौर जरूरी है। एक बार और जाम की समस्या की बात हो और टैÑफिक के केवल टीआई आएं। एनएचएआई से कोई आया ही नहीं। ऐसा कई अन्य विभागों का भी हाल रहा। सांसद अरुण गोविल ने कहा कि पहले सभी विभाग आपस में समन्वय तो बना लें उसके बाद शुरुआत हो तो बेहतर है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

Saharanpur News: चिलकाना थाना पुलिस ने मुठभेड़ में लूट के दो आरोपी किए गिरफ्तार

 जनवाणी ब्यूरो । सहारनपुर: थाना चिलकाना पुलिस ने मुठभेड़ के...

UP News: सांसद चंद्रशेखर आजाद हाउस अरेस्ट, लालवाला गांव जाने से पहले पुलिस ने रोका

जनवाणी संवाददाता | सहारनपुर: आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष...

Saharanpur News: आईटीआई चौकीदार की हत्या, खेत में मिला शव

जनवाणी संवाददाता | गंगोह: थाना गंगोह क्षेत्र के गांव ईस्सोपुर...
spot_imgspot_img