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ठंड की दस्तक पर इतराई मेरठी रेवड़ी-गजक

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ठंड की दस्तक पर इतराई मेरठी रेवड़ी-गजक
  • विदेशों तक हो रही कोरियर से डिलीवरी, मेरठ की गजक का इतिहास करीब 150 साल पुराना

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: क्रांतिधरा न केवल अपने इतिहास के लिए जाना जाता है तो कैंची उद्योग के साथ खेलनगरी के लिये भी प्रसिद्ध है। जब बात मशहूर मिठाई की हो तो स्वाद में भी अपनी एक अलग पहचान रखता है। सर्दियां आते ही लोगों का जायका सरसों का साग मक्के की रोटी के बाद मिष्ठान में रेवड़ी, गजक की ओर बढ़ता है। रेवड़ी, गजक का कारोबार नवंबर से मकर संक्रांति तक सबसे अधिक रहता है।

बता दे कि मेरठ की गजक का इतिहास करीब 150 साल पुराना है। 1860 में रामचंद्र सहाय ने गुड़ और तिल के मिश्रण को कूटकर लड्डू बनाए थे। जब अंग्रेजों ने इसका स्वाद चखा तों उन्हें यह लड्डू बहुत पसंद आये। उसी दौरान अंग्रेजों ने इस मिठाई को बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। जिसके बाद उन्होंने कई तरीके की गजक, रेवड़ी बनाई। दरअसल, यह रेवड़ी, गजक न केवल जीभ का स्वाद बढ़ाते हैं

बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी गुणकारी है। रेवड़ी, गजक की तासीर गरम होती है। इनको बनाने में मुख्य रूप से तिल, गुड़, घी और ड्राई फ्रूट्स का इस्तेमाल किया जाता है जिनके सेवन से सर्दियों में शरीर में गर्माहट बनी रहती है। इसमें मौजूद गुड़ शरीर में एनर्जी बूस्टर का काम करता है तो तिल और घी से शरीर को कैल्शियम, एंटी आॅक्सीडेंट, जिंक और सिलेनियम मिलता है, जोकि शरीर को नम रखता है और हड्डियों को मजबूत बनाता है।

कई तरह की बनती है गजक

संदीप गोयल बताते है कि तिल गुड़ के लड्डू से शुरू किया हुआ रेवड़ी, गजक का कारोबार आज बहुत विस्तार ले चुका है। आज पूरे शहर में लगभग 70 से 80 गजक रेवड़ी बनाने के कारखाने है। जिनमें हजारों लोग काम करते है। मेरठ में 10-15 वैरायटी की गजक, गुड़ चिक्की व तिल घी से निर्मित मिठाई तैयार की जाती है जिसमें प्लेन गजक, मखनी गजक, मूंगफली पट्टी, काजू रोल गजक, आगरा पट्टी, सोहन हलवा, उबड़ खाबड़ गजक, टूटी फ्रूटी गजक, चिन्नी गजक, रेवड़ी, तिल के लड्डू, तिलबुग्गा, सोहन हलवा आदि शामिल है।

आॅर्डर पर कोरियर से भेजी जाती है गजक

मेरठ की रेवड़ी, गजक के स्वाद के चाहने वाले उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश तक ही नहीं बल्कि विदेश तक है। दुकानदार बताते है कि रेवड़ी, गजक को आर्डर पर कोरियर के माध्यम से अन्य राज्यों सहित विदेश में भी सप्लाई किया जाता है।

रेट प्रति किग्रा

प्लेन गजक 300-450

मक्खन गजक 400-600

काजू रोल गजक 320-600

टूटी फ्रूटी 300-400

चिक्की 100-250

सोहन हलवा 700

तिल बुग्गा 400-700

सोंठ लड्डू 500-700