Friday, March 6, 2026
- Advertisement -

कैपिटल हॉस्पिटल पहुंचे सैन्य अफसर, सबूतों से मिली छेड़छाड़

  • मुख्य गेट पर सील लगी पर दूसरे कई रास्ते खुले छोड़ दिये, आरोप सीसीटीवी फुटेज समेत सबूतों से छेड़छाड़ हुई
  • नोडल अधिकारी ने छह अस्पतालों का किया निरीक्षण, कैपिटल हॉस्पिटल की घटना के बाद उठाए कदम

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कैपिटल हॉस्पिटल पहुंचे सैन्य अफसर, कैपिटल हॉस्पिटल पर सीएमओ के आदेश पर सील तो लगा दी गयी, लेकिन उसके कई रास्ते ऐसे ही छोड़ दिये गए। आरोप है कि इन्हीं रास्तों के जरिये आरोपियों ने हॉस्पिटल में सबूतों से छेड़छाड़ की गयी है। सीसीटीवी से भी छेड़छाड़ सामने आयी है। इसका खुलासा उस वक्त हुआ, जब सेना के अफसर पीड़ित परिवार के लोगों के साथ मौके की जांच पड़ताल के लिए पहुंचे। वहां उन्हें हॉस्पिटल के दूसरे रास्ते भी मिले जिन्हें सील नहीं किया गया।

दो दिन पूर्व कैपिटल हॉस्पिटल में सेना में तैनात अंकुश मावी की पत्नी करिश्मा की लिफ्ट टूटने से उसमें फंसकर मौत हो गई थी। घटना के वक्त उन्हें सेकंड फ्लोर से नीचे शिफ्ट करने के लिए लाया जा रहा था। गुस्साएं परिजनों ने हॉस्पिटल में तोड़फोड़ की थी। मामले में अस्पताल के संचालकों, मैनेजर और डाक्टरों पर मुकदमा दर्ज कराया गया। घटना के बाद सीएमओ ने अस्पताल को सील करा दिया। साथ ही उसका लाइसेंस भी निलंबित कर दिया। इस मामले मेें पुलिस के स्तर पर अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है। उसका कहना है कि जांच की जा रही है। पीड़ित परिजन पुलिस की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं।

आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस सही तरीके से काम नहीं कर रही है। इस मामले को लेकर पीड़ित अंकुश मावी अपने सेना के अफसरों व अन्य स्टाफ को लेकर कैपिटल हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने हॉस्पिटल को चारों तरफ से देखा और पाया कि उसका एक नहीं बल्कि चार रास्ते हैं। सीएमओ ने सिर्फ एक मुख्य रास्ते को सील किया है। बाकी से आराम से आवाजाही होने का अंदेशा जताया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि सीएमओ आफिस ने जानबूझकर ठीक तरीके से हॉस्पिटल को सील नहीं किया। ऐसे में मुल्जिम सबूतों से छेड़छाड़ और नष्ट कर रहे हैं। सीसीटीवी से भी छेड़छाड़ होने की बात कही है। हॉस्पिटल के अंदर पैरों के निशान भी मिले।

प्रशासन की टीम आज जांच के लिए पहुंचेगी

कैपिटल हॉस्पिटल में लिफ्ट टूटने से हुई महिला की मौत के मामले की जांच पड़ताल के लिए प्रशासन की टीम आज यानी रविवार को मौके का मुआयना करेगी। हालांकि पीड़ितों का कहना है कि जिस तरह की चीजें सामने आ रही हैं, उसके चलते उन्हें कोई बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं है। पुलिस भी हीला हवाली कर रही है। वहीं, दूसरी ओर एसपी सिटी ने बताया कि परिजनों की ओर से जो तहरीर दी गयी है, उसके आधार पर ही मुकदमा कायम किया गया है। जो आरोप परिजन लगा रहे हैं, उनकी ही जांच को टीम भेजी जा रही है।

परिजन पहुंचे अतुल प्रधान से मिलने

कैपिटल हॉस्पिटल हादसे का शिकार हुई करिश्मा के परिजन शनिवार को विधायक अतुल प्रधान से मिलने व मदद का आग्रह करने पहुंचे। परिजनों ने बताया कि उन्होंने पूरा घटनाक्रम तथा जो-जो उनके साथ बीता, उन सब की जानकारी लिखित में विधायक के कार्यालय पर दी। उन्होंने बताया कि वहां से हर संभव मदद व आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन मिला है।

सीएमओ को फोन लगाया पर उठा नहीं

हॉस्पिटल में अन्य दरवाजों पर सील क्यों नहीं लगी, यह जानने के लिए सैन्य अफसर सतीश कुमार ने सीएमओ से बात करनी चाही लेकिन उनका फोन ही रिसीव नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हॉस्टिपल को ऊपर से नीचे तक पूरी तरह से सील किया जाना चाहिए और पुलिस को सबूत जुटाने के लिए काम करना चाहिए। पीड़ितों ने सभी मुल्जिमों की गिरफ्तारी की मांग की। बाद में अंकुश मावी और उनके भाई दीपक मावी सरधना विधायक अतुल प्रधान से मिलने चले गए।

आर्मी अफसरों पर पुलिस की लिखा-पढ़ी

जो आर्मी अफसर जांच के लिए कैपिटल हॉस्पिटल पहुंचे थे, लोहिया नगर पुलिस ने उनके खिलाफ लिखा-पढ़ी की है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि उन्हें लोहिया नगर इंस्पेक्टर ने जानकारी दी कि हॉस्पिटल पर जांच को पहुंचे अफसर हॉस्पिटल पर सील लगाने की बात कर रहे थे। जबकि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। जब वह नहीं माने तो इंस्पेक्टर लोहिया नगर उनकी वीडियो बनाने लगे, उसके बाद तमाम लोग वहां से तेजी से निकल गए। इस मामले में लिखा-पढ़ी की जा रही है।

जिले के अस्पतालों का इलेक्ट्रिकल आडिट शुरू

कैपिटल हॉस्पिटल में लिफ्ट टूटने से महिला मरीज की मौत की घटना के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अशोक कटारिया ने उठाए कदम। सीएमओ के आदेश पर नोडल अधिकारी ने जिले के सभी अस्पतालों में लिफ्ट, विद्युतीय उपकरण, अग्निशमन यंत्र, रैम्प, जनरेटर, ट्रांसफार्मर व सोलर आदि का इलेक्ट्रिकल आॅडिट के लिए निरीक्षण किया। गत छह दिसंबर को कैपिटल हॉस्पिटल में एक महिला मरीज को शिफ्ट करते समय लिफ्ट टूट जाने के कारण मरीज की मृत्यु हो गई तथा चिकित्सालय के कर्मचारी को भी गम्भीर चोटी आयीं थी।

इसका पता लगने पर सीएमओ द्वारा चिकित्सालय का तत्काल स्थलीय निरीक्षण किया। जहां पूरे प्रकरण की जानकारी ली गई। उक्त प्रकरण के चलते सीएमओ द्वारा जनपद के समस्त निजी चिकित्सालयों में मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधा जैसे लिफ्ट, विद्युतीय उपकरण, अग्निशमन यंत्र एवं रैम्प आदि के सम्बंध में इण्डियन इलेक्ट्रिसिटी रूल्स-1956 के के अनुसार कामर्शियल व इण्डिस्ट्रियल उपभोक्ताओं के विद्युत अधिष्ठापन (स्वीकृत विद्युत भार लिफ्ट, जनरेटर, ट्रान्सफार्मर एवं सोलर) का नियतकालिक निरीक्षण एवं परीक्षण कराने तथा इलेक्ट्रीकल आॅडिट कराकर, आॅडिट रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सात दिसंबर को नोडल अधिकारी पंजीकरण सेल द्वारा जनपद के पंजीकृत छह निजी चिकित्सालयों का स्थलीय निरीक्षण किया गया, जहां चिकित्सालय में लगी लिफ्ट, रेम्प विद्युतीय उपकरण, अग्निशमन यंत्र एवं बॉयोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण आदि की व्यवस्थाओं की जांच की गई। सीएमओ ने नोडल अधिकारी को जनपद के समस्त पंजीकृत निजी चिकित्सालयों का स्थलीय निरीक्षण कर पायी गर्इं कमियों के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

बच्चों को भी देना चाहिए सम्मान

सिद्धार्थ ताबिश मेरा बड़ा बेटा इस बात को सुनकर बड़ा...

युद्ध का सीजन बारहों महीना

जो युद्ध के कारोबारी हैं, उनका सीजन बारहों महीना...

मध्य पूर्व के सतत झगड़े के वैश्विक निहितार्थ

मध्यपूर्व जिसे भारत के संदर्भ में पश्चिमी एशिया कहा...

नीतीश युग का अवसान

बिहार की राजनीति लंबे समय से व्यक्तित्व-केन्द्रित और गठबंधन-आधारित...
spot_imgspot_img