Saturday, April 25, 2026
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रेंज में 124 की हिस्ट्रीशीट खुली, 102 पर गैंगस्टर

  • डीआईजी कलानिधि नैथानी की नूतन साल में धमाकेदार शुरुआत, अपराधियों मेें मचेगी भगदड़

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: डीआईजी कलानिधि नैथानी ने नए साल की शुरुआत में ही रेंज के 124 अपराधियों की हिस्ट्री खुलवा दी है और 102 पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गयी है। अपराधियों के खिलाफ पुलिस की धमाकेदार शुरुआत से यह साफ हो गया है कि रेंज में अपराधियों के गिने चुने दिन ही बाकी हैं। डीआईजी ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में रेंज की पुलिस संगठित होकर अपराधियों के खिलाफ अभियान छेड़ने जा रही है।

किसी भी दशा में अपराधियों को खुलकर घूमने की इजाजत नहीं दी जाएगी। बुधवार को साल के पहले दिन 102 शातिर अपराधियों पर हुई गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई और 124 अभ्यस्त अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गयी है। अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि नया साल जहां आम जनता के लिए मंगलमय होगा। वहीं, अपराधियों के लिए दुखदाई होगा। पहले दिन गैंगस्टर अधिनियम के 29 अभियोग दर्जकर 102 शातिर अपराधियों को बुक किया। 124 अभ्यस्त अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गयी। परिक्षेत्रीय पुलिस अब इनकी गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति भी सीज करेगी।

डीआईजी ने बताया कि जनपद के नौ अभियोगों में 26 अभियुक्तों, बुलन्दशहर 15 अभियोगों में 65 अभियुक्तों, हापुड़ के पांच अभियोगों में 11 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर का केस दर्ज हुआ। इसके अलावा जनपद के 51, जनपद बुलन्दशहर के 62, जनपद बागपत के नौ एवं जनपद हापुड़ के दो अभियुक्तों की हिस्ट्रीशीट खोली गयी है। इस उपलब्धि के लिए डीआईजी द्वारा उपरोक्त जिला पुलिस प्रमुखों की सराहना की गई।

दहेज हत्या में सास-ससुर गिरफ्तार, भेजे जेल

मेरठ: दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को जहर देकर मारने के मामले में वांछित चल रहे सास ससुर को इंचौली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों के खिलाफ विगत आठ सितंबर को मुअसं 217/24 धारा 85, 115(2), 123, 80(2)बीएनएस व 3/4 दहेज अधिनियम में नामजद अभियुक्त इरशाद पुत्र सद्दीक (ससुर) व अभियुक्ता शमीम उर्फ पम्मी पत्नी इरशाद (सास) निवासीगण गुलमर्ग कालोनी नूरनगर थाना लिसाड़ीगेट को बुधवर को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है।

इस मामले में वादी अहमद हसन पुत्र मोती निवासी मोहल्ला तीरगरान कस्बा लावड़ ने थाना इंचौली पर दी तहरीर में बताया कि पति मौहम्मद पुत्र इरशाद, सास पम्मी, ससुर इरशाद पुत्र सद्दीक, ननद आयशा व ननद यासमीन, ननदोई नावेद निवासी लावड़ तथा दिलशाद पुत्र यासीन द्वारा वादी की पुत्री सादिया को दहेज के लिये प्रताड़ित कर मारपीट करना तथा दहेज में कार की मांग करना न देने पर जहरीला पदार्थ खिलाकर मायके में छोड़ आना। उपचार के दौरान सादिया की मौत हो गयी थी। उक्त के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था।

शिवम हत्याकांड: तीन माह से रची जा रही थी हत्या की पटकथा

सरधना: शिवम हत्याकांड में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो अरोपियों ने पूछताछ में कई राज उगले हैं। करीब तीन महीने से हत्या की पटकथा लिखी जा रही थी। हत्याकांड में शामिल आशीष उर्फ भूरा करीब एक सप्ताह पहले ही सलावा पहुंच चुका था। पूरी आरोपी कई दिन तक शिवम की रैकी करते रहे। हरियाणा का रहने वाला आशीष हत्या को अंजाम देने के बाद वापस वहीं भाग गया। वहीं, दुबई फरार हुए तेजपाल के वीजा की अवधि भी एक महीने की बताई जा रही है। पुलिस उसके लुक आउट नोटिस जारी कराने में लगी है। ताकि एयरपोर्ट पर आते ही उसको गिरफ्तार किया जा सके।

फिलहाल पुलिस फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में लगी हुई है। मंगलवार की रात पुलिस की गिरफ्तार किए गए शहजाद व रोहित उर्फ लाला से पुलिस ने रातभर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस के सामने कई राज उगले। इंस्पेक्टर प्रताप सिंह ने बताया कि कार में कुल पांच लोग सवार थे। जिनमें गिरफ्तार किए गए शहजाद व रोहित के अलावा तेजपाल का भाई लोकेंद्र, आशीष उर्फ भूरा व करन शामिल हैं। गाड़ी लोकेंद्र चला रहा था। आरोपियों ने चलती गाड़ी में शिवम की चाकुओं से गोदकर हत्या की थी। हरियाणा के करनाल सलवत निवासी आशीर्ष उर्फ भूरा तेजपाल के बहनोई कुलदीप का भांजा है। हत्या की पटकथा करीब तीन महीने पहले लिखी जा चुकी थी।

एक सप्ताह पहले आशीष उर्फ भूरा सलावा आ चुका था। उसने यहां आने के बाद अपना मोबाइल बंद कर लिया था। कई दिन तक शिवम की रैकी की गई। ताकि पता चल सके कि उसके आने जाने का समय क्या है। पूरी योजना बनाने के बाद शिवम की हत्या को अंजाम दिया गया। वहीं, दुबई फरार हुआ तेजपाल वैसे तो दो दिन के लिए निकला था। मगर उसके वीजा की अवधी एक महीना है। यानी एक महीने में उसको वापस लौटना पड़ेगा। उससे पहले पुलिस उसका लुक आउट नोटिस जारी कराने में लगी है। ताकि एयरपोर्ट आते ही तेजपाल को गिरफ्तार किया जा सके।

रुपयों का दिया गया था लालच

गिरफ्तार किए गए रोहित व शहजाद ने पुलिस का पूछताछ में बताया कि आशीष उर्फ भूरा से उनकी दोस्ती थी। उसने कुछ दिन पहले ही बताया था कि एक काम है। जिसमें ठीक ठाक पैसा मिलेगा। पैसे के लालच में दोनों इस हत्याकांड में शामिल हो गए। हालांकि अभी तक उनको कोई पैसा नहीं मिल पाया था।

फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों पर लाखों के गबन का आरोप

किठौर: इंडसइंड बैंक कर्मियों द्वारा लाखों रुपये के गबन का मामला संज्ञान में आया है। शाखा प्रबंधक ने आरोपियों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड कंपनी शाहजहांपुर के प्रबंधक कालूराम ने बताया कि उनकी कंपनी गरीब, जरूरतमंद महिलाओं को आसान केवाईसी के तहत लोन उपलब्ध कराती है।जिसका संग्रहण साप्ताहिक किश्तों में किया जाता है। बताया कि कंपनी के शाहजहांपुर स्थित कार्यालय में महेश पुत्र गुलाब सिंह निवासी जीवत सराय छबीला थाना औरंगाबाद, बुलंदशहर और विशाल पुत्र कुंवरपाल निवासी रोहटा मेरठ फील्ड स्टाफ थे।

जबकि गजेंद्र पुत्र शीशपाल निवासी चित्सोना अलीपुर थाना स्याना बुलंदशहर और सौरव चौहान पुत्र राजकुमार निवासी रमाला बागपत (बीसीएम) ब्रांच कैश मैनेजर थे। शाखा प्रबंधक का आरोप है कि चारों कर्मचारियों ने विभिन्न तिथियों में संगृहित किए गए कंपनी के लगभग 13 लाख रुपये गबन कर लिए। महेश ने 299679 लाख, विशाल ने 551748 लाख, गजेंद्र ने 298708 लाख और सौरव ने 158869 लाख रुपये कंपनी में जमा करने के बजाए लेखा-जोखा रजिस्टर भी गायब कर दिए। आरोप है कि तकाजा करने पर उक्त लोगों ने पैसा देने से इंकार कर दिया। इंस्पेक्टर बृजेश पांडेय का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।

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