जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में मंगलवार को बादल फटने की घटना ने एक बार फिर तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा में 10 से ज्यादा घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं, जबकि कई अन्य क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, लगातार हो रही भारी बारिश के चलते भूस्खलन, मिट्टी धंसने और भारी पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग व अन्य सड़कों पर यातायात ठप
बादल फटने के बाद डोडा जिले में कई राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और संपर्क मार्ग भारी मलबे और पत्थरों की चपेट में आ गए हैं। भद्रवाह और किश्तवाड़ की ओर जाने वाली कई सड़कें बंद हो गई हैं। कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है।
रेस्क्यू और राहत कार्य जारी
प्रशासन, एसडीआरएफ और सेना की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम तेज़ी से चल रहा है। डिप्टी कमिश्नर डोडा ने बताया – “स्थिति पर हमारी पूरी नजर है। जो लोग बेघर हुए हैं, उनके लिए अस्थायी राहत शिविर बनाए जा रहे हैं। अब तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नुकसान बहुत बड़ा है।”
लगातार बारिश से और बढ़ सकती है मुश्किलें
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे के लिए अत्यधिक बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
ग्रामीण इलाकों में नदी-नालों के उफान पर आने से स्थिति और खराब होने की आशंका जताई गई है।
प्रभावित इलाकों में स्थिति
डेसा, गुंडोह, गंदोह और ठाठरी क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित.
कई स्कूलों को एहतियातन बंद कर दिया गया है.
ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की सलाह दी गई है.

