जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सम्राट मिहिर भोज के जन्मोत्सव समारोह की अनुमति न मिलने से खफा पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर ने ऐलान करते हुए कहा कि अगर गुर्जर समाज के साथ ऐसा ही सौतेला व्यवहार होता रहा तो धर्म परिवर्तन करने के लिए मजूबर होना पड़ेगा। इस दौरान सम्राट मिहिर भोज की जयंती मनाने जाते समय मुखिया गुर्जर और उनके 44 समर्थकों को मेरठ तथा मवाना से गिरफ्तार कर लिया गया।
पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर ने मंगलवार को कमिश्नरी चौराहे पर सम्राट मिहिर भोज के जन्मोत्सव समारोह के आयोजन का ऐलान किया था। लेकिन पुलिस-प्रशासन ने सोमवार को परीक्षितगढ़ थाने पर उनके खिलाफ कब्रिस्तान की जमीन कब्जाने के मुकदमे में गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद अदालत से उनको जमानत मिल गई थी। मंगलवार को पुलिस को चकमा देते हुए मुखिया गुर्जर और उनके समर्थक एक दर्जन से अधिक कारों के काफिले के साथ कमिश्नरी चौराहे पर पहुंचें। उन्होंने यहां स्थित शहीद धनसिंह कोतवाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसी बीच एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्र व सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी पुलिस के साथ कमिनरी चौराहे पर पहुंचें। मुखिया गुर्जर ने समर्थकों के साथ जयंती कार्यक्रम में जाने की जिद की तो पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति न होने का हवाला देते हुए जाने से इनकार कर दिया। पुलिस ने एक आॅटो मुखिया गुर्जर की गाडी के आगे खड़ा करा दिया। इस पर मुखिया गुर्जर कार से उतरकर सड़क पर बैठ गए।
सितंबर का कार्यक्रम रोका तो दोहराएंगे 1857
पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनको सिर्फ इसलिए गिरफ्तार किया गया ताकि वह क्रांतिधरा पर गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज की जयंती का कार्यक्रम न मना सकें। गुर्जर ने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री से 2011 से तब से लड़ाई चल रही है, जब उन्होंने दादरी में शहीद धनसिंह कोतवाल के मुंह पर कालिख पुतवाई थी। इसलिए उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। मुखिया गुर्जर ने ऐलान किया कि वे 25 सितंबर को पूरे देश के गुर्जर समाज को मेरठ बुलाएंगे। इस आयोजन के लिए परमिशन भी नहीं लेंगे।
अगर इनमें ताकत हैं तो 25 सितंबर को रोककर दिखाएं। पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अगर सितंबर का कार्यक्रम रोकने की कोशिश हुई तो 1857 की क्रांति का इतिहास दोहरा देंगे। उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव की प्रशंसा करते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष द्वारा अपने सोशल हेंडल सम्राट मिहिर भोज की जयंती पर उनका फोटो पोस्ट किया गया है। मुखिया गुर्जर ने कहा कि राजपूत रेजीमेंट में जो गुर्जर जाता है, उस गुर्जर को वहां से भी अलग करो और गुर्जर रेजीमेंट अलग बनाओ। सीने पर गोली गुर्जर के लगती है और कंधे पर लिखा जोता है राजपूत। फिर भी, गुर्जरों के साथ सौतेला व्यवहार है।
मुखिया गुर्जर समर्थकों के साथ गिरफ्तार
कमिश्नरी चौराहे पर पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर की गाड़ी में एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्र व सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी सवार हो गए। सिविल ड्रेस में एक पुलिसकर्मी ने जब उनके ड्राइवर को नीचे उतारते हुए स्वयं ड्राइविंग की कोशिश की तो उसको नीचे उतार दिया गया। इसके बाद मुखिया गुर्जर के बेटे कुलविंदर गुर्जर गाड़ी ड्राइव करते हुए समर्थकों के काफिल के साथ पुलिस लाइन स्थित बहुउद्देशीय हॉल में लेकर पहुंचें। पुलिस लाइन पर पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था। इस दौरान किसी भी व्यक्ति को मुखिया गुर्जर तथा उनके समर्थकों से नहीं मिलने दिया गया। पुलिस लाइन से मुखिया गुर्जर और उनके समर्थकों को शाम पांच बजे छोड़ने का आश्वासन दिया गया। मुचलका पाबंद की कार्रवाई की घोषणा पहले ही कर दी गई थी। इसके बाद मजिस्ट्रेट के द्वारा 44 लोगों की मुचलका पाबंद की कार्रवाई की गई। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि मेरठ और मवाना से 44 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस लाइन के बाहर जमा हुए समर्थक
पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर को पुलिस लाइन लाइन के बाद धीरे-धीरे उनके समर्थक गेट नंबर तीन के सामने जमा हो गए। समर्थक पुलिस हिरासत में से लोगों के आने का इंतजार करते रहे। शाम को सात बजे के बाद पांच-पांच लोगों को बाहर भेजा गया। इस दौरान मुखिया गुर्जर जब पुलिस लाइन से बाहर आए तो समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। इस पर समर्थकों की पुलिस से फिर नोकझोंक हो गई। इस पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग समर्थकों को खदेड़ना पड़ा।
लाठी की ताकत से गुर्जरों का वजूद
मुखिया गुर्जर ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर यही सौतेला व्यवहार हमारे समाज के साथ और हमारे साथ किया गया तो फिर हमको भी धर्म परिवर्तन करना पड़ेगा। इस पर हम विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि मजबूर होकर सामाजिक बेबसी शहर को जंगल बना देती है, कहीं माओवाद तो कहीं चम्बल बना देती है। राजकाज में हमारा कहीं साझा नहीं। लोकतंत्र में हम कहीं पर भी नहीं हैं। ना हम विधायिका में हैं, ना कार्यपालिका तथा ना ही न्याय पालिका में हैं। अगर हम कहीं हैं तो अपने पूर्वजों की लाठी की ताकत की वजह से हैं।
परमिशन नहीं मिलने से निकाली नहीं जा सकी गौरव यात्रा
सम्राट मिहिर भोज जयंती पर समाजवादी पार्टी नेता आकाश गुर्जर द्वारा गौरव यात्रा निकालने की घोषणा के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया। अनुमति न होने के चलते प्रशासन ने गौरव यात्रा निकाले जाने से साफ इंकार कर दिया। मंगलवार को गौरव यात्रा सुबह 11 बजे निकलनी थी। लेकिन अनुमति न मिलने के कारण गौरव यात्रा नहीं निकाली जा सकी। इसके बाद आकाश गुर्जर ने अपने आवास पर बैठक की। इसी दौरान एसपी देहात डा. राकेश कुमार मिश्र, एसपी क्राइम अवनीश कुमार, सीओ मवाना पुलिस फोर्स आवास पर पहुंचे। आकाश ने सम्राट मिहिर भोज की मूर्तियों पर माल्यार्पण की अनुमति मांगी। प्रशासन से मंजूरी मिलने के बाद शांतिपूर्वक माल्यार्पण किया गया।
इसी दौरान माल्यार्पण के बाद आकाश गुर्जर ने मुख्यमंत्री व मंत्री दिनेश खटीक के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जिस पर पुलिस ने आकाश गुर्जर तथा उनके साथी पंकज समेत 10 समर्थकों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया। एसपी देहात राकेश मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मवाना सर्किल के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस बल को मुख्य चौराहों व संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहने के निर्देश दिए। पूरे इलाके में ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। एसडीएम संतोष सिंह और इंस्पेक्टर राकेश मिश्रा, तहसीलदार निरंकार सिंह व नायाब तहसीलदार अंकित सड़कों पर हालात का जायजा लेते रहे।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरआरएफ की बटालियनं, तहसील का पुलिस बल और जिले से अतिरिक्त फोर्स नगर में तैनात रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति पर माल्यार्पण करने पहुंचे संदीप मावी, विपिन प्रधान, दीपक भड़ाना, वाशु मावी, दीपक मीवा आदि लोगों ने सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति पर माल्यार्पण किया

