जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव आज़म ख़ान ने एक बार फिर सियासी चर्चाओं पर पूरी साफगोई के साथ अपनी बात रखी। जेल से रिहा होने के एक दिन बाद बुधवार को रामपुर स्थित अपने आवास पर मीडिया से मुख़ातिब होते हुए उन्होंने दूसरे दलों में जाने की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया।
“हम बिकाऊ नहीं हैं, चरित्रवान हैं”
राजनीतिक गलियारों में उठ रही इन चर्चाओं पर कि आज़म ख़ान समाजवादी पार्टी छोड़ सकते हैं या अन्य किसी दल में शामिल हो सकते हैं, उन्होंने साफ कहा “हम बिकाऊ नहीं हैं। हम चरित्रवान लोग हैं और ये बात पहले भी साबित कर चुके हैं।”
एसटी हसन के बयान पर तंज
मुरादाबाद के पूर्व सांसद एसटी हसन के एक हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आज़म ख़ान ने कहा “टिकट तो हम अपनों को नहीं दिला पाए, उनको क्या दिलाते?” साथ ही उन्होंने एसटी हसन को “बड़ा भाई” बताते हुए व्यक्तिगत कटुता से इनकार किया।
“मोबाइल से इतना दूर रहा कि पत्नी का नंबर तक भूल गया”
आजम ख़ान ने जेल में बिताए गए अपने पांच साल के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि इस दौरान वह पूरी तरह से दुनिया से कट गए थे। “जेल में मोबाइल की इजाज़त नहीं होती। मैं तो अपनी पत्नी का नंबर तक भूल गया हूं। पाँच साल एक छोटी कोठरी में बिताए। राजनीति का रूप ही मर गया।”
“अगर मुकदमों में दम होता, तो आज बाहर न होता”
अपने ऊपर चल रहे कानूनी मामलों पर प्रतिक्रिया देते हुए आज़म ख़ान ने कहा “अगर इन मुकदमों में दम होता तो मैं आज बाहर न होता। मुझे भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट से लेकर छोटी अदालतों तक इंसाफ मिलेगा और मैं बेदाग साबित होऊंगा।”
बड़े नेताओं के न आने पर कहा – “सब खैरियत से रहें”
जेल से रिहाई के बाद किसी बड़े सपा नेता के रामपुर न पहुंचने पर पूछे गए सवाल पर आज़म ख़ान ने तल्ख़ी से बचते हुए कहा “सब खैरियत से रहें, यही मेरी दुआ है।”
रिहाई के बाद रहे घर में ही, समर्थकों की लगी रही भीड़
सीतापुर जेल से रिहा होकर मंगलवार शाम को रामपुर लौटे आज़म ख़ान बुधवार को दिन भर अपने आवास पर ही रहे। समर्थकों की भारी भीड़ उनके घर के बाहर लगी रही, लेकिन वे सिर्फ चुनिंदा लोगों से ही मिले। पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का तांता सुबह से शाम तक लगा रहा।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर
आज़म ख़ान की रिहाई को देखते हुए रामपुर में सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए गए हैं। पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और खुफिया एजेंसियां भी उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

