जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी लंबे संघर्ष के बीच गाजा पट्टी में संघर्ष विराम की दिशा में बड़ा संकेत सामने आया है। हमास ने शनिवार को घोषणा की कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित शांति योजना के तहत बातचीत शुरू करने के लिए तैयार है। संगठन ने कहा कि वह समझौते की शर्तों को अंतिम रूप देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
गाजा में शांति वार्ता की उम्मीद जगी
हमास के इस रुख को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तब जब 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। प्रस्तावित योजना के तहत बंधकों की सुरक्षित रिहाई और गाजा में युद्धविराम सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस्राइल ने ट्रंप की अपील के बावजूद किए हमले
हमास की सहमति के बावजूद, इस्राइल ने गाजा पर ताजा हवाई हमले किए। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हमलों में 6 लोगों की मौत हुई है, जिनमें गाजा शहर के एक घर में मारे गए 4 लोग और खान यूनिस में 2 अन्य नागरिक शामिल हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने जताया संतोष, विश्व नेताओं को कहा धन्यवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने वीडियो संदेश में शांति वार्ता को समर्थन देने के लिए कई देशों — कतर, तुर्की, सऊदी अरब, मिस्र और जॉर्डन — का आभार जताया। उन्होंने कहा”बंधकों के घर लौटने का इंतजार कर रहा हूं… कुछ की स्थिति गंभीर हो सकती है, लेकिन यह दिन बहुत खास है — शायद अभूतपूर्व।” उन्होंने इस क्षण को मध्य पूर्व में स्थायी शांति के लिए एक निर्णायक मोड़ करार दिया।
इस्राइली सेना ने दी प्रतिक्रिया
इस्राइली सेना ने कहा है कि उसे सरकार से शांति योजना के पहले चरण की तैयारी करने का निर्देश मिला है। एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि इज़राइल फिलहाल गाजा में रक्षात्मक स्थिति में है और कोई नया हमला शुरू नहीं करेगा, लेकिन सेना की तैनाती यथावत रहेगी।
हमास: कुछ शर्तें स्वीकार, कुछ पर वार्ता जारी
हमास के प्रवक्ताओं ने बताया कि वे प्रस्तावित योजना के कुछ बिंदुओं से सहमत हैं, विशेषकर बंधकों की रिहाई और सैन्य कार्रवाई के विराम को लेकर। हालांकि, कुछ मुद्दों पर अभी और चर्चा की आवश्यकता है।
मुख्य बिंदु?
हमास ने गाजा शांति योजना पर बातचीत की दी सहमति
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा – “बंधकों की वापसी को लेकर आशान्वित हूं”
इस्राइल ने कहा – “योजना के पहले चरण की तैयारी शुरू”
ताजा हवाई हमलों में गाजा में 6 लोगों की मौत
कतर, तुर्की, सऊदी, मिस्र, जॉर्डन की भूमिका सराहनीय

