जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। निर्वाचन आयोग आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। अमर उजाला के सूत्रों के अनुसार, इस बार बिहार में दो चरणों में मतदान कराने की तैयारी की जा रही है। पहला चरण 27-28 अक्टूबर, यानी छठ पूजा के तुरंत बाद कराया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि प्रवासी बिहारियों की छठ के बाद घर वापसी को ध्यान में रखते हुए यह रणनीति बनाई गई है, जिससे मतदाता भागीदारी को बढ़ाया जा सके। आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने दो दिन तक बिहार में चुनाव तैयारियों की समीक्षा की और रविवार को दिल्ली लौट आई है।
243 सीटों पर चुनाव, कार्यकाल 22 नवंबर को होगा समाप्त
बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए चुनाव 22 नवंबर से पहले कराए जाने हैं, क्योंकि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल उसी दिन समाप्त हो रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को पटना में कहा कि इस बार चुनाव में 17 नई पहल लागू की जा रही हैं, जो पूरे देश के लिए एक मॉडल बन सकती हैं।
मतदाता सूची में हुआ बड़ा सुधार
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि “विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR)” के जरिए 22 वर्षों के बाद बिहार की मतदाता सूची को शुद्ध किया गया है। जिन मतदाताओं को सूची में जोड़ने या हटाने से संबंधित शिकायतें हैं, वे जिला मजिस्ट्रेट के पास अपील कर सकते हैं। नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक नाम जोड़े या हटाए जा सकते हैं।
चुनाव में ये होंगी प्रमुख नई व्यवस्थाएं
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इस बार चुनाव में कई तकनीकी और प्रशासनिक सुधार लागू किए जाएंगे…
सभी मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग की व्यवस्था
मतदाता पहचान पत्र पंजीकरण के 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराया जाएगा
सभी मतदान केंद्रों पर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा होगी
नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और प्रक्रिया की गति बढ़ेगी
दो चरणों में होंगे चुनाव?
सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में उत्तर और मध्य बिहार के जिलों को शामिल किया जा सकता है, जहां प्रवासी मतदाताओं की संख्या अधिक है। इससे उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा सकेगी। पहले की तुलना में इस बार तीन की बजाय दो चरणों में चुनाव कराने की योजना है।
क्या बोले मुख्य चुनाव आयुक्त?
सीईसी कुमार ने कहा, “एसआईआर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कानूनी और आवश्यक दोनों है। बिहार में जिन नए उपायों की शुरुआत हो रही है, वे आने वाले समय में पूरे देश में अपनाए जाएंगे। हमारा उद्देश्य पारदर्शी, सुगम और अधिकतम भागीदारी वाला चुनाव कराना है।”
अब सबकी निगाहें आज शाम की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, जहां निर्वाचन आयोग बिहार चुनाव के शेड्यूल की आधिकारिक घोषणा करेगा। छठ पूजा के ठीक बाद चुनाव की शुरुआत संभावित है, जिससे राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमाने को तैयार है।

