जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: जिले में कड़ाके की ठंड का असर लगातार बना हुआ है। बीते 24 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई है। रविवार को न्यूनतम तापमान करीब 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। सुबह के समय आसमान में घने बादल छाए रहे, लेकिन करीब 11 बजे खिलखिलाती धूप निकलने से लोगों को बड़ी राहत मिली। धूप निकलते ही लोग छतों, आंगनों और खुले स्थानों पर धूप सेंकते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर धूप निकलने की संभावना है, हालांकि सुबह और शाम के समय ठंड का असर बना रह सकता है।
वायु प्रदूषण बना बड़ी परेशानी
ठंड के साथ-साथ वायु प्रदूषण ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 345 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। इसका सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और सांस के रोगियों पर देखा जा रहा है। सुबह और शाम के समय लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए। ठंड और प्रदूषण के संयुक्त असर के कारण सड़कों पर आवाजाही कम रही और बाजार भी सामान्य दिनों की तुलना में देर से खुले।
हीटिंग उपकरणों की मांग में आई तेजी
कड़ाके की ठंड का असर बाजारों पर भी दिखाई दिया। लगातार गिरते तापमान के चलते बिजली से चलने वाले हीटिंग उपकरणों की मांग में तेजी आई है। बाजारों में हीटर, ब्लोअर और अन्य हीटिंग उपकरणों की बिक्री बढ़ गई है। इसके साथ ही गर्म कपड़ों की दुकानों पर भी रौनक लौट आई है। वूलन कैप, मफलर, स्कार्फ, स्वेटर, जैकेट और गर्म इनर की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है और दिनभर दुकानों पर खरीदारी करने वालों की भीड़ लगी रही।
दुकानदारों का कहना है कि ठंड देर से पड़ने के कारण शुरुआत में सर्दी के माल को लेकर चिंता बनी हुई थी, लेकिन जैसे ही तापमान में गिरावट आई, गर्म कपड़ों की बिक्री तेज हो गई। अब हालात यह हैं कि लगातार दुकानों पर ग्राहक पहुंच रहे हैं। ठंड बढ़ने से जनजीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी ठंड से पूरी राहत मिलने की संभावना कम है और लोगों को पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने तथा अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
सड़क और बाजारों पर ठंड के प्रभाव के बीच, सुबह 11 बजे निकलती धूप ने लोगों को थोड़ी राहत दी, जिससे जनजीवन में कुछ सहजता महसूस हुई। वहीं, ठंड और प्रदूषण के संयुक्त असर के कारण सांस संबंधी रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता बनी हुई है। जनता अलाव और गर्म कपड़ों के सहारे ठंड से बचाव कर रही है, जबकि बाजारों में गर्म कपड़े और हीटिंग उपकरणों की बिक्री में लगातार तेजी बनी हुई है।

