जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को शुरुआती कारोबार में मजबूत बढ़त के साथ खुले। अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता और ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने से निवेशकों में सकारात्मक रुख देखा गया। उम्मीद जताई जा रही है कि राजनयिक प्रयास जल्द ही वैश्विक संघर्ष को नियंत्रित कर सकते हैं।
शेयर बाजार की स्थिति
सेंसेक्स: शुरुआती कारोबार में 445.82 अंकों की तेजी के साथ 78,966.12 पर पहुंचा।
निफ्टी: 121.15 अंकों की बढ़त के साथ 24,486 पर रहा।
मुख्य लाभार्थी: अदाणी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, इंटरग्लोब एविएशन, एनटीपीसी और एचडीएफसी बैंक।
पीछड़ने वाले सेक्टर: आईटी और सीमेंट; इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर दबाव में रहे।
रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर
शुरुआती कारोबार में रुपया 16 पैसे गिरकर 93.32 पर आ गया। अमेरिकी मुद्रा स्थिर रही और रिजर्व बैंक ने भारतीय मुद्रा पर सट्टेबाजी पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी।
भू-राजनीतिक और कमोडिटी प्रभाव
ब्रेंट क्रूड ऑयल 94.99 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो शेयर बाजार की तेजी का मुख्य कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार अभी मुख्य रूप से समाचारों पर आधारित है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य रणनीतिकार के अनुसार, बाजार उम्मीद और डर के बीच झूलता रहेगा। एनरिच मनी के सीई ने कहा कि क्रूड की कीमतें 93-96 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में हैं, जो भू-राजनीतिक जोखिम और मांग-आपूर्ति संतुलन को दर्शाती हैं।
वैश्विक बाजार और विदेशी निवेश
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक गिरावट में था। अमेरिकी बाजार सोमवार को मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,059.93 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची।
आगे की संभावनाएं
सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआती तेजी बाजार की बुनियादी मजबूती को दर्शाती है। आगामी कारोबारी सत्रों का रुख अमेरिका-ईरान शांति वार्ता और वैश्विक क्रूड ऑयल के भाव पर निर्भर करेगा।

