
कई युवाओं की विदेश में नौकरी की चाहत होती है। उनकी यही इच्छा ठगों के लिए ठगी का अवसर देती है। जरूरतमंदों की मजबूरी को देखते हुए ठग उन्हें आसानी से अपना शिकार बना लेते हैं। यह एक गंभीर समस्या है, जिसमें मुख्य रूप से फर्जी वीजा, नकली टिकट और झूठे वादे करके भोले-भाले युवाओं से लाखों रुपये ऐंठ लिए जाते हैं। आये दिन समाचार माध्यमों से इस बाबत खबरें पढ़ने और सुनने को मिलती है। ऐसे मामले देशभर में प्रकाश में आते हैं। असल में विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने का अवैध कारोबार दिनों-दिन पांव फैलाता जा रहा है।
साल 2026 की 23 अप्रैल को आजमगढ़ में विदेश भेजने के नाम पर चार लोगों से करीब साढ़े पांच लाख की ठगी का मामला सामने आया है। गत 1 मार्च को नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए विदेश में नौकरी का झांसा देकर 100 से अधिक लोगों से 70 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी करने के आरोप में ठग ट्रैवल एजेंटों के विरुद्ध मामला दर्ज किया।
इसी महीने की 15 मार्च को लोगों को डाटा एंट्री जॉब का झांसा देकर कम्बोडिया भेजने के आरोप में पुलिस ने कानपुर से एक फर्जी रिक्रूटर को गिरफ्तार किया जहां उन्हें जबरन साइबर अपराध करने को मजबूर किया जाता था। बीती 23 मार्च को ही यूपी की बलिया पुलिस ने विदेश भेजने का झांसा देकर और मोबाइल पर फर्जी वीजा भेजने के आरोप में रिश्ते में जीजा-साला हारून और नदीम नामक 2 एजेटों के विरुद्ध केस दर्ज किया। 23 मार्च को ही विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 50 से अधिक प्रवासी मजदूरों से ठगी करने तथा उनके पासपोर्ट भी जब्त कर लेने के आरोप में पीड़ितों ने ग्रेटर नोएडा की पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई।
2026 की पहली तारीख को यूपी के देवरिया जिले में अभिजीत पांडे नामक व्यक्ति को सऊदी अरब में ड्राइवर की नौकरी दिलवाने का झांसा देकर उससे 1.25 लाख रुपए ठगने के आरोप में ट्रैवल एजेंट नासिर अली के विरुद्ध पुलिस ने केस दर्ज किया। बीती 27 जनवरी यूपी के फतेहपुर में एक महिला ने सिठियानी गांव के ठग ट्रैवल एजेंट रामशरण के विरुद्ध पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत में आरोप लगाया कि रामशरण ने उसके 2 भाइयों को विदेश भेजने का झांसा देकर उससे 4 लाख रुपए ठग लिए। बीते साल 13 दिसम्बर को यूपी के रायबरेली के लालगंज में विदेश भेजने के नाम पर 100 से अधिक लोगों से 1 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी के मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई। शातिरों ने एक फर्जी कम्पनी खोल कर युवाओं को आजरबाइजान में इलेक्ट्रीशियन, शटरिंग और फूड पैकेजिंग जैसी नौकरियां दिलाने का झांसा देकर प्रत्येक व्यक्ति से 90,000 से 1 लाख रुपए तक रकम वसूल कर नकली दस्तावेज पकड़ा दिए जिसका पता उन्हें हवाई अड्डे पर पहुंचने पर चला।
ऐसा नहीं है नकली एजेंटों और विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वालों का नेटवर्क यूपी में ही फैला है। कमोबेश देशभर से ठगी के मामले उजागर होते रहते हैं। बीते साल 7 नवम्बर को तिरुवनंतपुरम में काजाकोटम की पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर जरूरतमंदों से 25 लाख रुपए ठग लेने के आरोप में 2 लोगों को गिरफ्तार किया। 1 दिसंबर को दिल्ली पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपए ठगने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करके एक सहायक बैंक मैनेजर सहित 3 आरोपी गिरफ्तार किए। 19 दिसम्बर को राजस्थान के करौली में 4 जरूरतमंदों को मलेशिया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे 6.4 लाख रुपयों की ठगी करने के आरोप में ट्रैवल एजेंट को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
बीती 26 जनवरी को पंजाब के कपूरथला में एक दम्पति को विदेश भेजने का झांसा देकर उनसे 12.50 लाख रुपए ठग लेने के आरोप में पुलिस ने एक महिला सहित 4 ट्रैवल एजेंटों के विरुद्ध केस दर्ज किया। इसी साल 4 फरवरी को लुधियाना में एक युवक को आस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर उससे 5.82 लाख रुपए की ठगी मारने के आरोप में 2 महिलाओं सहित 7 ठग ट्रैवल एजेंटों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया।
बीती 18 फरवरी को दुबई में नौकरी दिलाने के नाम पर लगभग 130 लोगों से 1.50 करोड़ रुपयों की ठगी करने वाले व्यक्ति को कन्याकुमारी तमिलनाडु पुलिस ने गिरफ्तार किया। 23 फरवरी को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक युवती का कनाडा का वीजा लगवाने का झांसा देकर उससे लगभग 25 लाख रुपए ठग लेने के आरोप में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया। 20 मार्च को नागपुर में विदेश भेजने के नाम पर एक व्यक्ति से 15 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया।
वहीं डंकी रूट के द्वारा युवाओं को विदेश भेजने के तमाम मामले सामने आ चुके हैं। बीते वर्ष मार्च महीने में मुंबई क्राइम ब्रांच ने कार्यवाही 8 एजेंट्स को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने 3 साल में करीब 80 युवाओं को कनाडा, तुर्की, पोलैंड और यूएई में फर्जी वीजा का इस्तेमाल कर भेजा था। सूत्रों के अनुसार एजेंसियों को शक है कि आरोपियों ने युवाओं को डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका भेजा है। जांच में पता चला कि ये युवा ज्यादातर गुजरात, पंजाब और हरियाणा राज्य से हैं। आरोपी भारतीयों को अमेरिका का सपना दिखाकर उनसे 30-60 लाख रुपये यह एजेंट्स वसूल करते थे। विशेषज्ञों के मुताबिक, ठगी से बचने के लिए सबसे पहले आप ऐसे इमिग्रेशन कंसल्टेंट के पास जाएं, जिसको कम से कम 10 से 15 साल का तजुर्बा हो। उसके पास सरकार की तरफ से इश्यू किया गया लाइसेंस होना चाहिए।
जब आप विदेश के किसी भी स्कूल, कॉलेज या यूनिवर्सिटी में दाखिला ले रहे हों तो उसको आनलाइन चेक करें कि वो मान्यता प्राप्त है। इसके साथ ही जो आपको आफर लेटर दिया जाता है, उसके ऊपर यूनिवर्सिटी का ईमेल आईडी होता है, उस आईडी पर मेल करके आॅफर लेटर के बारे में पूछें कि वो उन्होंने इश्यू किया है या नहीं। किसी भी कालेज और यूनिवर्सिटी में दाखिले के समय किसी भी तरह का कैश पेमेंट न करें। बल्कि सारे भुगतान बैंक के जरिए ही करें। अगर आप इन चीजों का ध्यान रखते हैं तो आपके साथ कभी भी फ्रॉड नहीं हो सकता। नौकरी या जॉब के मामले में भी इसी तरह की सावधानी से ठगी से बचा जा सकता है।
विदेशों में कमाई करने के चक्कर में जरूरतमंद लोग ठगों के झांसे में आकर हजारों लाखों रुपए वीजा व टिकट के नाम पर खर्च कर देते हैं और बाद में उन्हें जब ठगी का अहसास होता है तो वे पुलिस थानों के चक्कर काट-काटकर बर्बाद होते रहते हैं। विदेश मंत्रालय ने युवाओं से अपील की है कि उन्हें विदेश में नौकरी दिलाने के फर्जी प्रस्तावों के झांसे में नहीं आना चाहिए तथा रजिस्टर्ड भर्ती एजेंटों से ही संपर्क करना चाहिए। वैसे भी विदेश जाने की इच्छा रखने की बजाय बेहतर होगा कि जितनी रकम माता-पिता अपने बच्चों को विदेश भेजने पर खर्च करते हैं, उतने पैसे से देश में बेहतर शिक्षा संस्थान में पढ़ाई और व्यापार का इंतजाम किया जा सकता है।

