जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को रविवार सुबह पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर दिया। सांसद चंद्रशेखर आजाद देवबंद क्षेत्र के लालवाला गांव जाने वाले थे, जहां दो बीघा जमीन को लेकर अनुसूचित जाति और ठाकुर समाज के बीच शनिवार को हिंसक संघर्ष हुआ था।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने छुटमलपुर स्थित उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन को आशंका थी कि सांसद के गांव पहुंचने से बड़ी संख्या में समर्थक भी वहां पहुंच सकते हैं, जिससे तनाव और बढ़ सकता है।सूत्रों के अनुसार सांसद चंद्रशेखर आजाद दलित पक्ष से मुलाकात कर घटना की जानकारी लेने और घायलों से मिलने के लिए लालवाला गांव जाने की तैयारी में थे। इससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया।
भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के नेताओं पर भी नजर
प्रशासन ने भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कई अन्य पदाधिकारियों को भी घरों में रोक दिया है। भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन समेत कई नेताओं की गतिविधियों पर पुलिस नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।
शनिवार को हुआ था जातीय संघर्ष
देवबंद क्षेत्र के लालवाला गांव में दो बीघा जमीन को लेकर शनिवार को ठाकुर और अनुसूचित जाति समाज के लोगों के बीच विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में पथराव और मारपीट हुई। घटना में तीन महिलाओं समेत आठ लोग घायल हो गए थे। हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था।घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। कई थानों की पुलिस और पीएसी गांव में तैनात की गई है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और दोनों पक्षों पर नजर रखी जा रही है।
जमीन पर दोनों पक्षों का दावा
दलित पक्ष का आरोप है कि विवादित जमीन उनकी आबादी की है और दूसरे पक्ष के लोग कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। वहीं ठाकुर समाज के लोगों का कहना है कि जमीन उन्होंने पहले ही खरीद रखी है। इसी विवाद के चलते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि गांव में स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

