जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1375 नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से आयोजित परीक्षा के जरिए इन युवाओं का चयन हुआ है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थियों के चेहरे पर खुशी नजर आई।
कार्यक्रम गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया गया। इस दौरान पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, विधायक नीरज बोरा, एमएलसी रामचंद्र प्रधान, विधायक अमरेश, विधायक जयदेवी, महेंद्र सिंह और लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सीएम योगी बोले- ग्राम पंचायत को बेहतर बनाने का आइडिया रखें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में हर घर नल योजना का लाभ घर-घर पहुंच रहा है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से कई बीमारियों को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि गांव में पानी की व्यवस्था से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। गांव का ही कोई युवा प्लंबर के रूप में काम कर सकता है।
सीएम योगी ने कहा कि ग्राम पंचायत अधिकारियों के पास अपनी पंचायत को बेहतर बनाने की सोच और नए आइडिया होने चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी और पूरी निष्ठा के साथ निभाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि करीब एक दशक पहले सरकारी नौकरी में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते थे, लेकिन अब युवाओं को बिना किसी लेनदेन के नियुक्तियां मिल रही हैं। ऐसे में नियुक्त कर्मचारियों को भी अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभानी चाहिए।
ग्राम सचिवालयों को आधुनिक बनाने पर जोर
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में स्थापित ग्राम सचिवालयों को सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है। इनमें बिजली, इंटरनेट, कंप्यूटर और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि ग्राम पंचायतें बदलते दौर की जरूरतों के मुताबिक काम कर सकें और पंचायती विजन-2047 का हिस्सा बनें।
उन्होंने बताया कि पंचायतों में तालाबों के पट्टों से मिलने वाले राजस्व में पंचायत के हिस्से की धनराशि संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने की कार्रवाई की जा रही है। इससे पंचायतों को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन मिल रहे हैं।
राजभर ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब गांव आत्मनिर्भर बनेंगे। कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से विभिन्न सरकारी सेवाओं की ऑनलाइन डिलीवरी से पंचायतों में करीब 4.27 करोड़ रुपये की आय सृजित हुई है।
उन्होंने कहा कि पंचायतों के सामने अभी 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस पॉलिसी लागू करने और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रचार-प्रसार करने जैसी कई चुनौतियां हैं।
राजभर ने पिछली सरकार पर लगाए आरोप
ओम प्रकाश राजभर ने सरकारी भर्तियों को लेकर पिछली और मौजूदा सरकार की तुलना की। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान सरकारी नौकरियों में कथित तौर पर पैसे की मांग की जाती थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में 10, 15 और 20 लाख रुपये तक में नौकरी मिलने की बातें सामने आती थीं।
राजभर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार में युवाओं को बिना पैसे के नौकरी दी जा रही है और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगामी चुनाव को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणी की और युवाओं से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की अपील की।
सूर्य प्रताप शाही बोले- गांवों की बदली तस्वीर
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछली सरकारों के लंबे कार्यकाल के बावजूद गांवों की स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर विकास कार्य हुए हैं।
उन्होंने बताया कि करोड़ों परिवारों को शौचालय और आवास उपलब्ध कराए गए हैं। शाही ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पक्के मकान और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर सरकार ने महात्मा गांधी के ग्राम विकास के सपने को आगे बढ़ाने का काम किया है।

