जनवाणी संवाददाता |
चांदपुर: बवनपुरा स्थित जगमीत मेमोरियल कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी में गुरु गोविंद सिंह की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में गुरु गोविंद सिंह के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला गया ।गुरु गोविंद सिंह की याद में विद्यालय में पौधरोपण भी किया गया ।
बुधवार को धनोरा मार्ग पर ग्राम बवनपुरा में स्थित जगमीत मेमोरियल कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी में सिक्खों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज प्रबंधक डॉ. भूपेंद्र तोमर, निदेशक विनीत तोमर, प्राचार्य डॉ जितेंद्र सिंह ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने गुरु गोविंद सिंह के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ भूपेंद्र तोमर ने कहा कि पौष मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गुरु गोविंद सिंह का जन्म हुआ था।
गुरु गोविंद सिंह ने जीवन भर अन्याय अधर्म अत्याचार व दमन के खिलाफ लड़ाइयां लड़ी थी ।उन्होंने पंज प्यारे बनाकर उन्हें देश व धर्म की रक्षा की जिम्मेदारी सौंपी थी। गुरु गोविंद सिंह ने सिखों के लिए कड़ा ,कृपाण, कंघा, केश व कच्चा धारण करने की अनिवार्यता बनाई थी।
उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह के जीवन चरित्र से सीख लेकर हमें आगे बढ़ना है। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं से देश व धर्म के रास्ते पर आगे बढ़ने की अपील की कार्यक्रम को डॉ. सोनी डॉ. नेहा व उज्जवल आदि ने संबोधित किया। इस दौरान विद्यालय परिसर में गुरु गोविंद सिंह की याद में वृक्षारोपण भी किया गया।

