सागर कश्यप |
मेरठ: लॉकडाउन का इंपेक्ट स्पोर्ट्स गुड्स व्यापार पर काफी गहरा पड़ा है। वहीं, कच्चे माल के रेटों में लगातार बढ़ोतरी होने से भी स्पोर्ट्स गुड्स व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रस्तावित आम बजट 2021-22 से स्पोर्ट्स गुड्स व्यापारी उम्मीद लगाए बैठे हैं। व्यापारियों का कहना है कि आने वाले बजट में खेल उद्योग पर भी सरकार द्वारा खास तौर पर ध्यान देना चाहिए।
गौरतलब है कि मेरठ के खेल सामग्री विश्व भर में अपनी पहचान रखती है। स्पोर्ट्स गुड्स की बात करें तो लगातार कच्चे माल के रेटों में बढ़ोतरी होती जा रही है। जिससे खेल व्यापारियों के कारोबार की लागत बढ़ती जा रही है, लेकिन प्रोफिट जस का तस है। वहीं, कोरोना संक्रमण के कारण लगे लॉकडाउन अंतराल ने भी व्यापारियों की कमर तोड़ दी थी। ऐसे में अब आम बजट से खेल व्यापारियों को काफी उम्मीदें हैं।
सूरजकुंड स्पोर्ट्स गुड्स व्यापार मंडल के व्यापारियों ने दैनिक जनवाणी से एक चर्चा के दौरान अपनी मांगे रखीं। जिसमें उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स गुड्स को लेकर सरकार को बजट में विशेष स्थान देना चाहिए। इस पर विशेष तौर से ध्यान देना होगा। क्योंकि मेरठ का खेल उद्योग विश्व भर में प्रसिद्ध है।
ऐसे में खेल उद्योग को प्रमोट किया जाएगा, तब ही अन्य देशों में निर्यात होने वाले खेल उत्पादों की डिमांड बढ़ेगी। अब सारी उम्मीदें बजट पर है की बजट में खेल उद्योग पर सरकार कितना ध्यान देती खेल उद्योग के लिए क्या बजट पेश करती है।
निर्यातकों के इंटेंसिव का भी रखना होगा ख्याल
मेरठ से विदेशों में बढ़े स्तर पर खेल उत्पादों का निर्यात होता है। शहर के खेल उत्पादों की अपने देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी धाक है। ऐसे में निर्यातकों का भी विशेष ध्यान बजट में रखा जाना चाहिए। बता दें कि निर्यातकों को मिलने वाला सरकारी इंटेंसिव भी कम होता जा रहा है। ऐसे में खेल व्यापारियों की मांग यह भी है कि निर्यातकों को दिया जाने वाला सरकारी इंटेंसिव भी बढ़ाया जाए।
स्पोर्ट्स गुड्स व्यापारियों ने कहा![]() प्रस्तावित बजट से खेल गुड्स व्यापारियों को इस बार भी काफी उम्मीदें हैं। बजट में खेल उद्योग पर भी विशेष फोकस दिया जाना चाहिए। निर्यातकों के लिए दी जाने वाली सरकारी प्रोत्साहन राशनी को ध्यान में रखते हुए उसे बढ़ाया जाना चाहिए। जिससे देश का माल दुनिया भर में बिके। -अनुज सिंघल, अध्यक्ष, सूरजकुंड स्पोर्ट्स गुड्स व्यापार संघ |
![]() आम बजट में जीएसटी स्लैब पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। स्पोर्ट्स व्यापार में जीएसटी स्लैब कम किए जाएं। साथ ही खेल उत्पादों को देखते हुए विशेष बजट जारी होना चाहिए। वहीं, बजट में छोटी इकाईयों का भी खास ख्याल रखा जाए। -अक्षत गोयल, वरिष्ठ मंत्री, सूरजकुंड स्पोर्ट्स गुड्स व्यापार संघ |
![]() सरकार द्वारा खेलों के टेंडरों सिर्फ कुछ लोगों को न दिया जाने के बजाय नए लोगों को भी दिए जाएं। जिससे अन्य लोगों को भी स्टार्ट अप करने का अवसर मिले। -भास्कर गर्ग, बीएंडएस स्पोर्ट्स वियर |
![]() सरकारी स्कूलों में होने वाले खेलों को भी प्रमोट किया जाए। इस पर भी बजट में जोर दिया जाए। ऐसे में स्कलों में खेल होंगे तब भी खेल उद्योग को गति मिलेगी। -हरविंदर सिंह, स्पोर्ट्स व्यापारी |
![]() कच्चे माल के रेटों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर लगाम कसने के लिए बजट में नई नीति लागू की जाए। लकड़ी, गत्ता, प्लास्टिक आदि कच्चे माल पर लगातार रेट बढ़ते ही जा रहे हैं। -इकबाल सिंह, स्पोर्ट्स व्यापारी |






