- आम बजट से पूर्व युवाओं से परिचर्चा
विशाल भटनागर |
मेरठ: कोविड-19 से उत्पन्न हुई परिस्थितियों में शिक्षा व्यवस्था पर काफी असर पड़ा था। सरकार द्वारा भले ही ऑनलाइन शिक्षा को पूरे देश भर में प्रमोट किया गया हो, लेकिन देशभर में जिस तरह अव्यवस्थाएं थी उनसे ऑनलाइन शिक्षा उस तरीके से संचालित नहीं हो पाई।
जिस तरीके से होनी चाहिए थी। ऐसे में सभी कारणों की समीक्षा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों पर कनेक्टिविटी एवं आम जनमानस को राहत मिले। उसका बजट में भरपुर ध्यान रखना चाहिए। यह बात रविवार को जनवाणी अखबार से एक फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर राय व्यक्त करते हुए बात करते हुए युवाओं ने कही। उन्होंने कहा कि बजट में वह प्रावधान किए जाएं जो जमीनी स्तर पर पूरे हो सकें।
![]() पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय परिसर के शोधार्थी छात्र आकाश कुमार ने कहा कि इतिहास में पहली बार बिना लिखावट के पेश होने वाला यह बजट वास्तव में ऐतिहासिक होना चाहिए। उम्मीद है आगामी बजट कोरोना वायरस के कारण देश की चरमराती अर्थव्यवस्था को उभारा और युवा रोजगार को सहारा देने वाला होगा। बजट में युवा विकास, शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ताकि देश के युवाओं को नई उड़ान और देश को विश्व में अलग पहचान मिल सके। |
![]() छात्र नेता प्रदीप कसाना ने कहा कि जिस प्रकार आज देश में लगातार बेरोजगारी चरम पर है। जिससे युवा वर्ग मे काफी नाराजगी है व किसानों,मजदूरों की अनदेखी ये सरकार लगातार कर रही है। आज पूरे देश में किसान, युवा बहुत ही चिंतित भी नजर आता है। हमारी सरकार से अपील है की जिन युवाओ व किसानों को बरगलाकर ये सरकार बनी थी,उनकी अनदेखी ना करते हुए,बजट मे उनके लिए भी कुछ प्रावधान किया जाएं। जिससे वास्तविक चहुमुंखी विकास हो सके। |
छात्र नेता देवेश राणा ने कहा कि कोविड-19 उत्पन्न हुई परिस्थितियों के बीच देशभर में आम जनमानस परेशान हैं।। इसलिए आम जनमानस को ध्यान में रखते हुए बजट का प्रावधान किया जाना चाहिए । पूर्व में पेश किए गए जुमले की तरह नहीं। जिसमें दावा तो लाख करोड़ रुपए का किया गया था। लेकिन आम जनमानस, बेरोजगार युवा, परेशान किसान एवं आम जनमानस का ध्यान नहीं रखा गया। ऐसे में अब भी उम्मीद कम है, लेकिन फिर भी इंतजार है कि एक नई उम्मीद की किरण कायम होगी। और आम जनमानस को राहत मिलेगी। |
छात्र नेता हैविन खान ने कहा कि कोविड-19 के कारण देश का युवा व किसान एवं आमजनमास काफी परेशान हुआ है। सभी के सामने आर्थिक रुप से संकट खड़ा हो गया है कि अपनी जीविका को कैसे चलाए। इसलिए हमें सरकार से इस बजट में सबसे बड़ी उम्मीद है एवं मांग है, कि देश मे युवाओं और नौजवानों के हित को सोचते हुऐ, शिक्षा बजट में व्रद्धि करनी चाहिए। आम बजट में नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर मिले एंव पिछड़े और शोषित वर्ग के लिए शिक्षा अनुदान मिले । |
![]() सपा छात्र सभा के जिलाध्यक्ष अध्यक्ष अंशु मलिक ने कहा कि वर्तमान समय में जिस प्रकार से हर कोई परेशान है। उनकी परेशानी को ध्यान रखते हुए बजट बनाना चाहिए। सरकार इस बजट में रोजगार के अवसर खोले और देश मे किसानों की हालत को देखते हुऐ अलग से बजट को पास करे और युवाओं के लिए रोजगार के नऐ अवसर प्रदान करे । साथ ही देश के प्रत्येक बच्चों को शिक्षा उपलब्ध हो उसका वास्तविक रुप से आधार बनाया जाना चाहिय। सिर्फ जुमले से कुछ नहीं होता। |
छात्र नेता अंकित अधाना ने कहा कि इस आम बजट से युवाओ को सभी बहुत सी उम्मीदे है। क्योंकि कोरोना महामारी और उसके बाद आर्थिक संकट के बाद यह आम बजट बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। कोविड-19 के कारण शैक्षिक व्यवस्था पर काफी असर पड़ा। ऐसे में उसकी समीक्षा करते हुए शैक्षिक आवश्यकताओ के लिए ग्रामीण क्षेत्रो मे इंटरनेट कनेक्टविटी सुनिश्चित करने की दिशा मे पर्याप्त कदम उठाए जाने चाहिए । गरीब बच्चों को ध्यान में रखते हुए नि:शुल्क सभी डिजीटल आधुनिक व्यवस्था की जाएं जिससे वह शिक्षित हो सके। |




छात्र नेता
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