जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: संसद द्वारा पास तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ गाज़ीपुर बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 66वें दिन भी जारी है। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए बॉर्डर पर सुरक्षा बल तैनात हैं। किसान नेताओं और सरकार के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन नतीजा नहीं निकल सका है। हाल ही में सर्वदलीय बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि सरकार किसानों को दिए गए सभी प्रस्तावों पर आज भी कायम है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था की बातचीत के जरिए ही इसका हल निकाला जा सकता है।
आपको बता दें कि किसानों ने पहले एक फरवरी यानी आज के दिन संसद मार्च की घोषणा की थी, लेकिन गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड के दौरान लालकिले हिंसा के बाद उन्होंने इसे रद्द कर दिया। हालांकि दिल्ली में जहां-जहां किसान आंदोलन कर रहे हैं सुरक्षा व्यवस्था सख्त है। ट्रैफिक में भी बदलाव किए गए हैं।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के मुताबिक, ब्रिगेडियर होशियार सिंह, बहादुरगढ़ सिटी, पंडित श्रीराम शर्मा और टिकरी बॉर्डर मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार बंद हैं। वहीं, गाज़ीपुर (दिल्ली-उत्तर प्रदेश) बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए नोएडा के लिए अक्षरधाम पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।
Delhi: Vehicular traffic diverted at Akshardham for Noida, in the light of farmers' agitation at Ghazipur (Delhi-Uttar Pradesh) border. Latest visuals from the diversion point. pic.twitter.com/gnka7t6gk7
— ANI (@ANI) February 1, 2021
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक सरकार बात नहीं करेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विपक्ष यहां पर वोट तलाशने नहीं आए। विपक्ष यहां हमदर्दी के लिए आता है। हम कोई चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
वहीं, इससे पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शरद पवार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह देश के बड़े राजनेता हैं और कृषि से जुड़े विषयों पर बड़ी जवाबदेही के साथ बात करते रहे हैं। मैं उनका सम्मान करता हूं। जब वे कृषि मंत्री थे उन्होंने कृषि सुधार करने की कोशिश की थी।
आज उनके कुछ ट्वीट आए, उन्हें देखकर मुझे निराशा हुई। कृषि मंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि शरद पवार जी के सामने बिल के तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया होगा। मैं आशा करता हूं कि वो सही तथ्यों को समझेंगे और कृषि सुधार बिलों पर अपनी राय को बदलेंगे।

