- आठ लाख लोगों की हो चुकी टेस्टिंग, अब तक 21259 लोग निकले पॉजिटिव
- कोरोना से 404 मरीजों की हो चुकी मौत, 20367 लोग ठीक होकर घर जा चुके
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: 10 माह तक कोरोना की दहशत में जीने वालों को बहुत जल्द कोरोना से मुक्ति मिल जाएगी। एक समय था जब रोज 300 से अधिक कोरोना पॉजिटिव निकल रहे थे, लेकिन जनवरी ने कोरोना को तेजी से पनपने पर रोक लगा दी और पूरे महीने सिर्फ 259 लोग ही पॉजिटिव निकले।
खुशी की बात यह है कि जिस मेडिकल कालेज से कोरोना के कारण सर्वाधिक मौतें हो रही थी उसी मेडिकल कालेज में सोमवार को सिर्फ एक ही कोरोना पीड़ित भर्ती था। कई दशकों में शायद पहली बार मेरठ किसी बीमारी के वायरस के कारण दस महीने तक थम सा गया था।
22 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा लॉकडाउन के बाद से लोगों के जीवन में कोरोना का डर समाने लगा था। अमरावती के एक व्यापारी की कोरोना से हुई पहली मौत ने पूरे शहर को ठप कर दिया था। छह जून तक संपूर्ण लॉकडाउन के कारण बिजनेस, आम जिंदगी और स्कूल-कालेज आदि बंद कर दिये गए थे।
इसके बाद सप्ताह में दो दिन का लॉकडाउन काफी दिनों तक चला। कोरोना के कारण रोज सौ से अधिक मामले आने लगे। सितंबर और अक्तूबर महीने में नौ हजार से अधिक मामले आए। मेडिकल कालेज में मरीजों की भीड़ लगी रही। कोरोना से सर्वाधिक मौतें भी मेडिकल कालेज में हुई।
कोरोना के कारण 21259 संक्रमित हुए। इसके अलावा 404 लोगों की मौत भी हुई। दरअसल, प्रशासन ने आठ लाख लोगों की टेस्टिंग कराई गई। सोमवार को मेडिकल कालेज में कोराना से एक ही मरीज बचा है। वहीं, 22 लोगों को शहर के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

