- लालकुर्ती थाने में एक वर्ष पूर्व दर्ज कराया गया था मुकदमा
- सोमवार सुबह पुलिस ने मुजफ्फरनगर से लिया हिरासत में
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर/मेरठ: पत्नी पर जानलेवा हमले के आरोपी पटवारी को लालकुर्ती पुलिस ने मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार कर लिया। देर शाम आरोपी की डॉक्टरी करा कर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। लालकुर्ती थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की रहने वाली युवती की शादी 14 अप्रैल, 2019 को मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना तहसील में तैनात पटवारी (लेखपाल) अमित कुमार से हुई थी। शादी के बाद से ही अमित अपनी पत्नी को परेशान करने लगा।
युवती अपने ससुराल पक्ष से शिकायत करती तो ससुराल पक्ष के लोग उसे ही जिम्मेदार ठहरा कर शांत कर देते। काफी समय युवती ससुराल की इन ज्यादतियों को बर्दाश्त करती रही। उसने अपने परिजनों को भी बताया लेकिन परिजनों ने बेटी को ही समझा कर शांत करा दिया।
इस बात का फायदा उठाकर 19 जनवरी की रात युवती के देवर ने उसके साथ अभद्रता कर दी। अगली सुबह युवती ने जब अपने पति अमित को इस घटना की जानकारी दी तो उसने भाई को समझाने की बजाय परिवार के साथ मिलकर अपनी पत्नी के साथ ही मारपीट कर दी।
युवती ने किसी तरह अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजन उसी दिन बेटी की ससुराल पहुंच गए। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने परिजनों के सामने ही युवती के साथ हाथापाई कर दी और गला दबाकर मारने का प्रयास किया। विरोध करने पर परिवार पर भी हमला किया गया।

किसी तरह जान बचाकर युवती के परिजन बेटी को लेकर घर लौटे और ससुराल पक्ष पति अमित, ससुर वीरेंद्र पाल, सास पुष्पा, देवर देवेश और विनय के 24 महालक्ष्मी एन्क्लेव जानसठ रोड थाना नई मंडी मुजफ्फरनगर खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।
ससुराल पक्ष राजनीतिक रसूख का सहारा लेकर बीच में मामले को दबाने का प्रयास करते रहे। यहां तक कि मुकदमे से धाराएं खत्म करा कर पूरे मामले को प्रभावित करने तक का प्रयास किया। पीड़ित पक्ष ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की मामले की दोबारा जांच लालकुर्ती थाने के एसआई गोपाल चौहान को दी गई।
जांच में आरोप सही पाए गए। लालकुर्ती पुलिस ने पूरे मामले से अफसरों को अवगत कराते हुए धारा बढ़ाने का काम किया और सोमवार सुबह आरोपी पटवारी अमित को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी कैंट सूरज राय ने बताया कि साल पहले लालकुर्ती थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद आरोपी पटवारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
| आकाश हत्याकांड: परिजन नाखुश, पुलिस अलर्ट परतापुर थानांतर्गत कंचनपुर घोपला में प्रेमिका के घर वालों की पिटाई से मरे आकाश पाल के आरोपियों के न पकड़े जाने से परिजन खासे नाराज हैं और पंचायत की तैयारी कर रहे हैं और इससे पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। मंगलवार की शाम कई थानेदारों ने पंचायत को लेकर सक्रिय दिख रहे नेताओं से बातचीत कर पंचायत न करने के लिये मनाने की कोशिश की। वहीं चन्द्रशेखर उर्फ रावण ने भी इस मामले को लेकर कलेक्ट्रेट में धरना देने का ऐलान किया है। 11 जनवरी को रिठानी निवासी कक्षा नौ के छात्र आकाश को घर बुलाकर पड़ोसी डा. प्रदीप ने पत्नी अनीता, बेटे देव और दो भाइयों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से बुरी तरह पिटाई की। आकाश के शरीर में 56 फ्रैक्चर आए थे, जिसके चलते उपचार के 17 दिन बाद उसने दम तोड़ दिया था। परिवार के लोगों ने सड़क पर शव रखकर रिठानी में बाजार बंद करवा दिया था। अधिकारियोंं ने तीन दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार को 10 लाख की आर्थिक सहायता दिलाने का भी आश्वासन दिया था। तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस आरोपी परिवार की गिरफ्तारी नहीं कर सकी। एसओ सतीश कुमार का कहना है कि आरोपितों ने अपना मोबाइल बंद किया हुआ है, जो जनपद से बाहर छिपे हुए हैं। पुलिस की तरफ से आरोपितों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। साथ ही कुर्की की कार्रवाई को लेकर कोर्ट में 82 सीआरपीसी में आरोपितों के घर नोटिस चस्पा करा दिया। इसके बाद सोमवार को डा. प्रदीप और उसकी पत्नी अनीता की तरफ से उनके अधिवक्ता ने कोर्ट में अर्जी डाली गई है। मंगलवार को तीन दिन पूरा होने के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इससे आकाश के परिजनों में खासा रोष देखा जा रहा है। यही कारण है कि एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह समेत कई अधिकारी बुधवार को लेकर खासे चिंतित दिख रहे हैं। थानेदारों को पाल समाज के नेताओं से संपर्क करने को कहा गया है ताकि पंचायत न हो सके। हत्या के मामले मे थानाध्यक्ष रोहटा को मुकदमा के आदेश मुकदमा वादी मोहम्मद इंतजार के अधिवक्ता अजय स्वामी ने बताया कि उसका चचेरा भाई शौकीन 14 अक्तूबर 2020 को अपने मकान में अपनी पत्नी रुकसार के साथ बैठकर खाना खा रहा था तभी उसकी पत्नी ने खाने में नशीला पदार्थ खिला दिया और आरोपियों ने मिलकर गला दबाकर शौकीन की हत्या कर दी थी और उसके बाद उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया था। जिसके बाद वादी ने जिलाधिकारी मेरठ के यहा पोस्टमार्टम करने का प्रार्थना पत्र दिया था जिसे करने के आदेश जिलाधिकारी ने कर दिए थे और उसके बाद 26 अक्तूबर 2020 को शौकीन का पोस्टमार्टम हुआ था। जिसमें उसकी मृत्यु के कारण में उसकी श्वास नली में फ्रैक्चर पाया गया था। इसके अलावा भी कई जगह चोट के निशान पाए गए थे, जिस बाबत वादी ने पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिए थे, लेकिन मुकदमा दर्ज नही हो पाया था। जिसके बाद वादी ने न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराने के लिए सात जनवरी को प्रार्थना पत्र दिया था जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर थानाध्यक्ष रोहटा को मुकदमा दर्ज करने के आदेश पारित किए है। |

