- सीईओ कैंट नवेंद्र नाथ से वार्ता विफल, जीओसी इन चीफ को भेजी रिपोर्ट
- एटू जेड कर्मचारियों को भी किया जा सकता है हड़ताल में शामिल, बिगड़ेंगे हालात
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के साथ ही स्मार्ट कैंट के अफसरों व बोर्ड के सदस्यों के दावे में भी पलीता लग गया है। मंगलवार को सीईओ नवेन्द्र नाथ के न्योते पर हड़ताली कर्मचारी वार्ता को पहुंचे थे, लेकिन वार्ता विफल हो गई।
कर्मचारी नेता भारत ने बताया कि सीईओ से कहा कि वो केवल अपनी लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं। बोर्ड बैठक में जो कुछ कहा गया और घटनाक्रम हुआ वह बोर्ड के सीईओ से लेकर एक सफाई कर्मचारी तक का अपमान है। यह केवल गिनती के कर्मचारियों का अपमान भर नहीं है।
यदि कर्मचारी हड़ताल पर गए हैं तो वो सभी के आत्मसम्मान की खातिर हड़ताल पर गए हैं। उसमें कैंट बोर्ड के बडे अफसर भी शामिल हैं। कर्मचारियों की मांग है कि उनको तथा वेतन को लेकर जो टिप्पणी की गई है उस पर ऐसा करने वाले खेद जताएं। तथा जो बाकी मांगे सरकार की ओर से पूरी की जानी हैं, उनको भी पूरा किया जाए।
जीओसी की रिपोर्ट
बकौल कर्मचारी नेता सीईओ ने कहा है कि पूरे मामले पर एक रिपोर्ट जीओसी इन चीफ लखनऊ को भेजी जा रही है। इस संबंध में जीओसी ने अब निर्देश लेंगे। हालांकि हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कई दिन पहले दो फरवरी से हड़ताल का नोटिस दे रखा है। फिर किस कारण से जीओसी को इसकी रिपोर्टिंग नहीं की गई। स्टॉफ पूछ रहा है कि क्या इसके पीछे कहीं बोर्ड के सदस्यों का कोई दबाव तो काम नहीं कर रहा।
ठेके के कर्मचारी भी होंगे शामिल
हड़ताली कर्मचारी नेताओं का कहना कि उनकी हड़ताल में एटू जेड के घर घर से कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी भी बतौर समर्थन के लिए शामिल होंगे। हालांकि अभी इसके लिए अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है। कर्मचारी संघर्ष समिति की बैठक मे इसमें निर्णय लिया जाएगा। एटू जेड कंपनी के कर्मचारियों ने नैतिक समर्थन दे दिया है। वहीं, दूसरी ओर कहा जा रहा है कि यदि ए टू जेड कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए तो हालात बद से बदतर हो जाएंगे।
गंदगी से बजबजाया स्मार्ट कैंट
अफसर व बोर्ड के सदस्य स्मार्ट जिस कैंट के स्मार्ट होने का दावा करते नहीं अधाते थे वो कैंट मंगलवार को अमंगलकारी टिप्पणी के चलते गंदगी से बजबजा रहा था। सबसे बुरा हाल ढलावघरों का था। वहां दूर तक कूड़ा कचरा फैल रहा था। एक भी कर्मचारी किसी भी वार्ड में काम नहीं गया।
कुछ स्थानों पर तो मंगलवार की शाम होते होते सड़ांध उठने लगी थी। वहां गदंगी की वजह से महामारी फैलने का खतरा पैदा हो गया है। लोगों का कहना है कि भले ही गलती किसी की भी हो। कर्मचारियों की हड़ताल तत्काल समाप्त करायी जानी चाहिए। वैसे भी कोरोना संक्रमण महामारी काल चल रहा है। बगैर देरी के समझौता किया जाना चाहिए।
| मिलेगी राहत, खुलेगा तोपखाना का गेट छावनी के डोगरा लाइन स्कूल के सामने स्थित करीब साल भर से बंद पड़ा तोपखाना के गेट को सेना ने मंगलवार को खोल दिए हैं। गेट खोल दिए जाने से एक बड़ी आबादी ने राहत की सांस लेते हुए रिनी जैन का आभार भी जताया है। कैंट बोर्ड वार्ड एक की सदस्य रिनी जैन ने कैंट बोर्ड की पिछली बैठक में यह मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया था। उन्होंने बताया कि खटकाना पुल, कसेरूखेड़ा, मीनाक्षीपुरम, अम्हेड़ा, मामेपुर, ललसाना तथा गंगानगर मवाना रोड की एक बड़ी आबादी इस गेट को सेना द्वारा बंद कर दिए जाने से बुरी तरह से प्रभावित हो रही थी। सबसे ज्यादा असुविधा स्कूली बच्चों व बुजुर्गों को हो रही थी। स्कूली लड़कियां बुरी तरह से प्रभावित थीं। उन्हें कई किमी घूमकर स्कूल तक जाना पड़ता था। बोर्ड बैठक में रिनी जैन द्वारा मामले को उठाए जाने का संज्ञान अध्यक्ष ब्रिगेडियर अर्जुन सिंह राठौर व सीईओ नवेन्द्र नाथ ने लिया। रिनी जैन ने बताया कि गेट खोलने की अनुमति दी गई है। इसके चलते मंगलवार को गेट को खोल दिया गया। वहां से आवाजाही शुरू हो गई है। इसके लिए वह कैंट बोर्ड अध्यक्ष व सीईओ का अपने क्षेत्र की जनता की ओर से आभार व्यक्त करती हैं। उन्होंने सेना के अधिकारियों का भी आभार जताया है। वहीं, दूसरी ओर जो लोग इस गेट का प्रयोग आवाजाही के लिए करते हैं, उन्होंने रिनी जैन का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें एक बार फिर से आस्था जताने की बात कही है। |

