जनवाणी संवाददाता |
सरूरपुर: डाहर के प्रधान व तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव के गड़बड़झाले की परतें दिनों दिन खुलती जा रही है। इसे लेकर अभी लोकपाल की जांच व एसडीएम जांच का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि रीठाली के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर ग्राम प्रधान व तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव पर स्वच्छता भारत मिशन अभियान के तहत शौचालय के रुपए हड़पने का आरोप लगाया है। पत्र में प्रधानों सचिव के खिलाफ कार्यवाही की मांग उठाई गई है।
गौरतलब है कि सरूरपुर खुर्द के डाहर गांव में प्रधान प्रवीण तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव भूपेंद्र शर्मा द्वारा साठगांठ करके सरकारी धन की गई बंदरबांट की परतें और लाखों रुपए के घोटाले का मामला सामने आने के बाद पांच दिन पहले लोकपाल की टीम ने गांव में मौके पर जाकर जांच की थी।
उसके सामने ग्राम प्रधान के भाई व एक पार्टी के नेता तक को मनरेगा में मजदूर बनाने जैसे खुलासे सामने आए थे। यही नहीं कई रास्तों का निर्माण कराए बिना ही भुगतान लेने आदि के मामले भी खुले थे। जिसके दो दिन बाद एसडीएम अमित कुमार ने भी मौके पर जाकर जांच की उनके सामने भी ग्रामीणों ने शिकायत की थी। प्रधान व तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव की पोल पट्टी खोलकर खूब हंगामा किया था।
अब ताजा मामला डाहर ग्राम पंचायत के रिठाली गांव से जुड़ा है। ग्रामीणों ने एक शिकायत पत्र जिलाधिकारी अनिल ढींगरा को भेजते हुए ग्राम प्रधान व तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण में मिलने वाले रूपए 12000 की रकम में से आधी रकम हड़पने का आरोप लगाया गया है।
शिकायती पत्र में गांव के ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि प्रधान व तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव ने ग्रामीणों के शौचालय के लिए पूरा भुगतान देने का वादा किया गया था, मगर अब प्रधान आनाकानी दिखा रहे हैं तथा ग्राम पंचायत सचिव का तबादला होने से उनकी बकाया धनराशि नहीं मिल पा रही।
ग्रामीणों ने बताया कि वह अपनी जेब से खर्च करके शौचालय का निर्माण पूरा करा चुके हैं। बाकी रकम को प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव ने हजम कर लिया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने शिकायती पत्र ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ देते हुए कार्रवाई की मांग उठाई है। शिकायत करने वालों में मुख्य रूप से पप्पू, बिल्लू, रामू ,अतरू, धर्मवीर व ओमवती आदि शामिल हैं।


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