जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पुलिस कंट्रोल रूम पर सुबह 10:00 बजे पुलिस को एक व्यक्ति ने ताज महल के अंदर बम रखे होने की सूचना दी। इसकी जानकारी से हड़कंप मच गया। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद फोर्स के साथ पहुंच गए।
बीडीएस की दो टीमों को बुला लिया गया है। सीआईएसएफ कमांडेंट को भी जानकारी दी गई है। ताज महल के अंदर मौजूद पर्यटकों को बाहर निकाला गया। इस दौरान चेकिंग भी की गई और करीब एक घंटे तक ताजमहल के चप्पे-चप्पे में तलाशी की गई।
मगर, कोई भी विस्फोटक नहीं मिला। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद का कहना है कि किसी व्यक्ति ने फर्जी सूचना दी थी। इसके बाद चेकिंग कराई गई। मगर, कोई विस्फोटक नहीं मिला है। सूचना देने वाले की पहचान की जा रही है। कॉल कहां से आया था? किस मकसद से किया था? इस बारे में पता किया जा रहा है। अब पर्यटकों के लिए ताजमहल खोलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ताजमहल को फिर से 11: 23 बजे खोल दिया गया। बम होने की फर्जी सूचना देने वाले की पहचान फिरोजाबाद जनपद में हुई है। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि युवक को पकड़ा गया है उससे पूछताछ की जा रही है।
गौरतलब है कि ताजमहल को सूर्योदय के समय खोला जाता है और सूर्यास्त के समय बंद किया जाता है। गुरुवार को भी ताजमहल को सूर्योदय के समय खोला गया था। पर्यटक सुबह के समय ताजमहल की खूबसूरती को निहारने के लिए आ रहे थे। लेकिन कुछ ही देर में अचानक ताजमहल में सीआईएसएफ के जवान और पुलिस के जवान पहुंच गए।
बड़ी संख्या में पुलिसबल की हलचल से ताजमहल के अंदर मौजूद सैलानियों में खलबली मच गई। वहीं जवानों ने ताजमहल में मौजूद सभी पर्यटकों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। चंद मिनटों में समूचे ताजमहल परिसर को खाली करा लिया गया।
ताजमहल में प्रवेश और निकास के लिए दो दरवाजे बने हैं। पुलिसटीम ने सैलानियों को ताजमहल से बाहर निकालने के बाद ताज के दोनों दरवाजे बंद करा दिए। सैलानियों के लिए टिकट खिड़की भी बंद कर दी गई। दूर दराज से आए सैलानी परेशान दिखे।
बता दें कि ताजमहल पर सैलानियों के लिए दो प्रकार के टिकट की व्यवस्था है। मुख्य गुंबद देखने के लिए दो सौ रुपये का शुल्क रखा गया है। वहीं 50 रुपये सामान्य दर है।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी सूचनाएं
ताजमहल में बम लगा दिया है। थोड़ी देर में फटेगा। लोगों को बचा सकते हो तो बचा लो। इस तरह की सूचना पहली बार किसी सिरफिरे ने पुलिस को नहीं दी है। वर्ष 2008 में तमिलनाडू से एक व्यक्ति ने फोन किया था। उसके बाद पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए थे।
कुछ इसी अंदाज में दहशत फैली थी। पुलिस ने फोन करने वाले को दक्षिण भारत में दबिश देकर पकड़ा था। वह सिरफिरा था। पुलिस को परेशान करने के लिए उसने ऐसा किया था। ताजमहल ही नहीं अन्य स्थानों पर भी बम रखने की पूर्व में कई बार सूचनाएं मिली हैं।
पुलिस का तरीका यही है। बीडीएस टीम मौके पर जाती है। चेकिंग करती है। लावारिस वस्तु मिलने पर भी ऐसा ही किया जाता है। गुरुवार को पुलिस और सीआईएसएफ के जवान खुद भी घबरा गए। इसलिए ताजमहल खाली करा दिया गया।

