- मलियाना में हंगामा, शव रखकर सड़क लगाया जाम
- परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने चार पर किया मुकदमा दर्ज
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: टीपीनगर के भोला रोड शिव कुंज निवासी अमित चौधरी की मौत के मामले को लेकर दिन भर हंगामा चलता रहा। शाम को लोगों ने मलियाना में चौकी के सामने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान परिजनों व अन्य लोगों ने नारेबाजी की। सूचना पर मौके पर पहुंची टीपीनगर पुलिस ने भी खूब कहासुनी हुई।
आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक प्रदर्शनकारियों ने शव को हटाने से इनकार कर दिया। शव को सड़क से हटवाने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने शीघ्र ही आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। पहले तो परिजनों ने गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार से ही इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में समझाने बुझाने पर वह मान गए थे।

मौत को गले लगाने से पहले वीडियो
शिवकुंज निवासी आजाद चौधरी के पुत्र अमित चौधरी ने मौत को गले लगाने से पहले बाइपास स्थित होटल हुकुम में किराए पर कमरा लिया और अपना वीडियो बनाया। होटल के स्टाफ का कहना है कि जो युवक उनके यहां कमरा लेकर ठहरा हुआ था। उसने एक कर्मचारियों को बताया कि वह सल्फास खा चुका है।
यह सुनते ही स्टाफ में हड़कंप मच गया। उन्होंने थाना टीपीनगर काल की। सूचना मिलते ही वहां दारोगा दीपक व अन्य पुलिस वाले पहुंच गए। तुरंत ही अमित को सुभारती अस्पताल ले गए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। तब तक मृतक के परिजन भी वहां पहुंच गए। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वीडियो और लेटर पुलिस के कब्जे में
मौत को गले लगाने वाले युवक ने फेसबुक पर भी अपना वीडियो और सोसाइड नोट वायरल किया। होटल के कमरे की तलाशी में युवक का मोबाइल व लेटर मिल गया। उसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। वायरल वीडियो में युवक विद्या प्रकाशन के तीन कर्मचारियों जिनमें एचआर नेहा गौड़ व यशपाल व सीटीपी इंचार्ज गौरव माहेश्वरी पर आरोप लगाया है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
चौकी के सामने शव रखकर जाम
विद्या प्रकाशन के जिन कर्मचारियों के खिलाफ आत्महत्या मामले में एफआईआर लिखी गयी है उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों व रिश्तेदारों ने अमित का शव भोला रोड चौकी के सामने रखकर जाम लगा दिया। उन्होंने शव के अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। परिजनों को समझाने व शव को सड़क से हटवाने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
पहले भी कर चुके थे अपमानित
परिजनों का आरोप है कि अमित को साल 2017 में भी इन्हीं लोगों ने अपमानित कर कंपनी से बाहर निकाल दिया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं कि इन सारी घटनाओं का कारण क्या था। अमित को लेकर किस कारण से दुर्भावना रखते थे।
शादी के दो माह बाद हो गया था तलाक
मृतक अमित की शादी पांच साल पहले कंचन नाम की युवती से हुई थी, लेकिन शादी के दो माह बाद ही वह अपने मायके चली गयी और फिर लौट कर नहीं आयी। बाद में दोनों परिवारों की सहमति से तलाक हो गया था। परिवार में माता-पिता के अलावा चार भाई बहन थे। बड़ा भाई सचिन चौधरी, दूसरा मृतक अमित, बहन मंजू व आशा।

