- जनवाणी ने उठाया था मुद्दा, संसदीय सद्भाव समिति के चेयरमैन ने डीएम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को किया तलब
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: साहब! गंगानगर डिफेंस कॉलोनी के पीछे वाले नाले से जहरीली गैस निकलती है। अधिकारी समस्या सुनने को तैयार नहीं है। जब लोग इससे बीमार पड़ने लगेंगे, तभी प्रशासन की नींद टूटेगी। इस समस्या को सुनकर संसदीय सद्भाव समिति के चेयरमैन राकेश यादव भी चौक गए तथा सर्किट हाउस में डीएम के. बालाजी को बुलाया। दोपहर तीन बजे डीएम सर्किट हाउस पहुंचे तथा गंगानगर डिफेंस कॉलोनी के पीछे वाले नाले से निकल रही जहरीली गैस को लेकर पूछा तथा कहा कि जनता परेशान है। बीमारी फेल रही है। ऐसे में बड़ी दिक्कत जनता को हो सकती है। इस समस्या का समाधान कराये।

इसी बाबत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को भी बुलाया गया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने यह कहकर पीछा छुड़ाया कि नाले में जो गंदगी डाली जा रही है, उनकी सूची बनाकर कार्रवाई की जाएगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि शहर से बड़ी तादाद में टॉयलेट सफाई करने वाले टेंकर गंदगी को इसी नाले में डालकर जाते हैं, जिससे लोगों को ज्यादा दिक्कत हो रही है।
इसको भी नगर निगम नहीं रोक पा रहा है। यही नहीं, नगर निगम भी टेंकर गंदगी से भरकर इसी नाले में लाकर डाल रहे हैं, जिससे जनमानस को जान का खतरा पैदा हो गया है। इस समस्या को लेकर सपा नेताओं ने समिति के चेयरमैन को ज्ञापन देकर इस समस्या से जनता को निजात दिलाने की मांग की। उधर, समिति चेयरमैन ने डीएम के.बालाजी जी व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को सर्किट हाउस बुलाया था।

डीएम व अन्य अधिकारी भी पहुंचे। सबसे पहले समिति चेयरमैन राकेश यादव ने डीएम से यहीं पूछा कि नाले से जहरीली गैस कैसे निकल रही हैं, जनता परेशान है। जनता बीमार पड़ रही है। आगे परिणाम भयंकर हो सकते हैं। इस समस्या के बारे में समाधान के बारे में सोचिये।
इस पर डीएम ने पूरे मामले की जानकारी कर समस्या का निस्तारण करने का चेयरमैन को आश्वासन दिया। यह ज्ञापन सपा नेता विपिन मनोठिया ने समिति चेयरमैन को दिया था। कहा गया था कि कसेरूखेड़ा नाले में दौराला शुगर मिल व अन्य फैक्ट्रियों का जहरीला केमिकल नाले में बहाया जा रहा है, जो आमजन के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।
इस नाले को आबादी क्षेत्र में ऊपर से ढकने की मांग की, ताकि जनता को समस्या से स्थाई रूप से निजात मिल सकेगी। बता दे, इस नाले को लेकर कई बार जनवाणी ने भी प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी, लेकिन इसके बाद भी नगर निगम अफसरों व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की नींद नहीं टूटी।

