नगर निगम और पशु पालन विभाग बेखबर दुर्घटना का बन रहे कारण
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश अधिकारियों के लिये कोई मायने नहीं रखते हैं। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में से एक गो संरक्षण को लेकर नगर निगम और पशुपालन विभाग ने ध्यान देना बंद कर दिया है, यही कारण है कि शहर की सड़कों पर गोवंश खुलेआम घूम रहें और जो आए दिन दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस भीषण समस्या पर किसी भी सरकारी विभाग का ध्यान नहीं जा रहा है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री ने गो सरंक्षण को लेकर सख्त निर्देश दे रखे हैं कि सड़कों पर आवारा गोवंश अगर दिखाई दिया तो संबंधित विभाग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गो संरक्षण के लिये प्रदेश सरकार वाकायदा बजट जारी करती है और परतापुर में कान्हा गोशाला भी बनी हुई है।
इसमें आवारा गोवंश को रखकर उनका पालन पोषण किया जा रहा है। इसके बावजूद सड़कों पर आवारा पशुओं का जमघट हमेशा लगा रहता है। कान्हा उपवन गोशाला में क्षमता से अधिक गोवंश मौजूद है। गोशाला में 300 गोवंश ही रखे जा सकते हैं। वर्तमान में यहां पर 495 गोवंश रखे गए थे। हालत ये है कि गोवंश न तो सही से खड़े हो सकते हैं न सही से बैठ सकते हैं। इसके कारण एक-दूसरे से लड़कर चोटिल हो रहे हैं।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले देहात क्षेत्रों की गोशाला में दिक्कत हुई थी तब परतापुर में वहां के कुछ गोवंश शिफ्ट किए गए थे। बाद में जिला प्रशासन ने शहर में घूम रहे बेसहारा गोवंशों को पकड़कर गोशाला में रखने को कहा था। इससे गोशाला में गोवंश बढ़ गए थे।
यह पुरानी बात है। अब सड़कों की हालात यह है कि शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं है जिस पर गोवंश आवारा न घूम रहे हो। सदर स्थित हनुमान चौक पर दोपहर के वक्त जब तेज आंधी आ रही थी उस वक्त आधा दर्जन से अधिक गाय और सांड तेज रफ्तार से भागने लगे, इससे दोपहिया वाहन गिर कर चोटिल भी हुए।
दिल्ली रोड, हापुड़ अड्डा, रुड़की रोड और बागपत रोड पर आवारा गोवंश लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब हालात यह है कि नगर निगम के अधिकारी इस ओर देखना भी पसंद नहीं करते है। हैरानी की बात यह है कि महीनों से गोशाला का निरीक्षण भी नहीं हुआ और सड़कों पर आवारा पशुओं पर नियंत्रण भी नहीं हो रहा।

