- विवि चार मई से स्नातक परस्नातक की परीक्षाओं को कराने के लिए जल्द जारी करेगा कार्यक्रम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चौधरी चरण सिंह विवि में 10 अप्रैल से चल रही स्नातक व परस्नातक की मुख्य परीक्षाएं रद कर दी गई है। अब विवि में 13 अप्रैल से तीन मई तक परीक्षा नहीं होगी। इस संबंध में सोमवार को विवि कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्ष में हुई बैठक के बाद यह निर्देश जारी किए गए है। हालांकि यह निर्णय परीक्षा केंद्रों और छात्रों की स्थिति को देखने के बाद लिया गया है। क्योंकि परीक्षा के दौरान जहां केंद्रों पर लापरवाही देखने को मिल रही थी वहीं छात्र-छात्राएं सामाजिक दूरी का पालन करने के साथ-साथ मास्क आदि का उपयोग भी नहीं कर रहे थे।
कोरोना कोरोना संक्रमण बढ़ने की वजह से गत वर्ष भी विवि की मुख्य परीक्षाओं को स्थगित करना पड़ा था और इस वर्ष फिर से कोरोना बढ़ने की वजह से परीक्षाओं को आगे खिसकाना पड़ गया है। विवि अनुसार 13 अप्रैल से तीन मई तक के सभी पेपरों को रद किया गया है। चार मई से विवि की परीक्षाएं फिर से शुरु होगी, जिसका कार्यक्रम विवि की ओर से वेबसाइट पर डाल दिया जाएगा।
प्रो. एनके तनेजा ने बताया कि इस दौरान केवल सेमेस्टर और मेडिकल की परीक्षा ही संचालित की जाएगी। क्योंकि इन पाठ्यक्रमों में छात्र संख्या कम है। बैठक के दौरान कुलपति ने सभी कॉलेजों के प्राचार्यों से आह्वान किया है कि टीकाकरण के लिए लोगों को जागरुक करे। वहीं विवि की ओर से आॅनलाइन कक्षाओं के लिए पहले से ही फरमान जारी किए जा चुके हैं। विवि की ओर से रद की गई परीक्षाओं से मेरठ और सहारनपुर मंडल के साढ़े तीन लाख परीक्षार्थी प्रभावित हुए है।
फिर से पिछड़ेगा नया सत्र
चौधरी चरण सिंह विवि वर्ष 2020 की परीक्षाएं भी कोरोना संक्रमण के चलते रद की गई थी और उसके बाद प्रथम व द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों को प्रमोट करने के साथ ही अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को सितंबर माह में कराया गया था जब कोरोना का असर कम हो गया था।
अब 2021 की परीक्षाओंं पर भी संकट के बादल मंडरा गए है और स्नातक व परस्नातक की मुख्य परीक्षाओं को बीच में ही रद करना पड़ गया है। बता दें कि गत वर्ष परीक्षा देरी से होने की वजह से यह सत्र तो देरी से शुरु हुआ ही था, लेकिन अगर हालात इस वर्ष के भी न सुधरे तो विवि का नया सत्र फिर से पिछड़ सकता है। विवि की ओर से कोरोना संक्रमण की वजह से सभी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं आॅनलाइन संचालित करने के निर्देश जारी कर दिए है और विवि परिसर स्थित सभी हॉस्टल को भी खाली करा लिया गया है।
दूसरे दिन की परीक्षा में भी बिना मास्क पहुंचे परीक्षार्थी
चौधरी चरण सिंह विवि में चल रही स्रातक और परस्रातक की मुख्य परीक्षाओं के दौरान मंगलवार को केंद्रों पर न तो दो गज की दूरी देखने को मिली और न ही परीक्षार्थियों के मुंह पर मास्क । उपस्थिति की बात करे तो वह तो सही रही, लेकिन छात्र-छात्राओं में कोरोना भय देखने को नहीं मिला।
जबकि शहर में इस समय कोरोना संक्रमण की विस्पोटक स्थिति है। परीक्षा के दौरान मेरठ कॉलेज और आरजी में मंगलवार को तीन पालियों में हुई परीक्षा के दौरान जहां गेट पर छात्रों को मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए जा रहे थे, वहीं गेट से अलग होने के तुरंत बाद छात्र-छात्राएं इन नियमों का पालन न करते नजर आ रहे थे।
केंद्रों पर हुई स्क्रेनिंग, मगर औपचारिकता
परीक्षा केंद्रों पर छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रेनिंग करने के बाद एंट्री मिलनी थी, लेकिन प्रत्येक पाली में एक से ढ़ाई हजार तक विद्यार्थी होने की वजह से यह व्यवस्था चल नहीं पाई। सभी की स्क्रेनिंग कर प्रवेश देने में कम से कम दो घंटे लगते। वहीं कुछ छात्र-छात्राओं को केद्रों पर खासी-जुखाम के बाद भी पेपर दिलाने पड़े। परीक्षा के दौरान कुछ विद्यार्थियों को दिक्कत भी ज्यादा थी।

