- बातनौर ग्राम पंचायत का मामला: सरकारी नौकरियों पर तैनात लोगों की फ़र्ज़ी वोटिंग का आरोप
जनवाणी संवाददाता |
फलावदा: बातनौर ग्राम पंचायत के गुड़म गांव में बने बूथ पर सरकारी नौकरियों पर तैनात लोगों के वोट डाल दिए गए। आरोप है कि विरोध में हुई मारपीट की वीडियो तो बनाई गई लेकिन फजीहत से बचने के लिए पुलिस ने मामले को दबा दिया। इस संबंध में जिलाधिकारी से शिकायत की गई है।
गत रविवार को ग्राम पंचायत बातनौर के अंतर्गत मोजीपुरा, बुनियादपुरा की वोटिंग गांव गुडम के प्राइमरी स्कूल में बने बूथों पर हो रही थी। आरोप यह भी है कि कुछ दबंगों लोगों द्वारा मतदान अधिकारियों से मिलीभगत कर अनुपस्थित लोगों का मतदान किया गया। इस दौरान हंगामा के साथ मारपीट हुई। पुलिस पर आरोप है कि वह तमाशा देखती रही। इसको रोकने के बजाय पुलिस ने वीडियो बनाकर अपने दायित्वों की इतिश्री कर ली। आरोपियों को बूथ से बाहर कर मामला दबा दिया।

इस प्रकरण में प्रधान पद की उम्मीदवार दीपा के देवर सुमित द्वारा चुनाव आयोग तथा डीएम को प्रार्थना पत्र दिया गया है। जिसमें कहा गया है कि गांव के दबंगों द्वारा राजकीय सेवाओं में नियुक्त मोनू पुत्र संतरपाल, भूपेंद्र पुत्र ओमपाल, सचिन पुत्र ओमपाल, पवन पुत्र कर्म सिंह निवासी गण बुनियादपुरा व योगेंद्र पुत्र जबर सिंह, संजीव पुत्र मामचंद, कपिल पुत्र नैन सिंह, गौतम पुत्र चिंता, शैंकी पुत्र विनोद,अनिल पुत्र राजकुमार निवासी गांव गुडम के वोटे फर्जी तरीके से डाल दिए गए। उपरोक्त लोग मतदान वाले दिन अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। फर्जी वोट डालकर नियमों के उल्लंघन के खिलाफ चुनाव आयोग व डीएम से निष्पक्ष पुनर्मतदान कराए जाने की मांग की गई है।

