वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: अभी पूरा देश कोरोना से जूझ रहा है। हर तरफ मुश्किल है, लोग लगातार उपचाराधीन हैं। इस समय थोड़ी समझदारी दिखा कर कोरोना प्रोटोकाल का पालन कर और आसपास सफाई रख कर मलेरिया से भी बचा जा सकता है। यह बात जिला मलेरिया अधिकारी डॉ शिवांका गौड़ ने कही है।
उन्होंने बताया इस वर्ष की थीम रीचिंग द जीरो मलेरिया टारगेट अर्थात मलेरिया के शून्य टारगेट तक पहुंचना है। यह बीमारी एनोफेलीज मादा मच्छर के काटने से होती है। अगर सही समय पर इलाज नहीं हुआ तो यह जानलेवा बन जाती है।
इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया भर में साल 2019 में करीब चार लाख मौतें मलेरिया की वजह से हुई थीं और इसी साल पूरी दुनिया में करीब 23 करोड़ मलेरिया के केस आये थे। उन्होंने बताया इस समय कोरोना फैला हुआ है।
इस वायरस से बचने के लिए साफ सफाई जरूरी है। घर के आसपास पानी को ठहरने नहीं दें, क्योंकि रुके हुए पानी में मादा मच्छर अंडे देती है और मच्छर पनपते हैं। वह बताती हैं कि कोरोना की वजह से मलेरिया टेस्टिंग का काम प्रभावित हुआ है।
मलेरिया की वजह बनने वाले मच्छरों से ऐसे करें बचाव:
- अपने घर के आसपास किसी भी तरह का जलभराव न होने दें, ध्यान रहे मच्छर गंदे और साफ पानी दोनों में पनप सकते हैं।
- घरों में दरवाजे और खिड़कियों पर ऐसी जाली लगवाएं, जिससे हवा तो अन्दर आए, लेकिन मच्छर न घुस पायें।
- घरों की छतों पर रखी पानी की टंकी को ढककर रखें, ताकि मच्छर न पनप पायें।
- रात में सोने के लिए मच्छरदानी लगा लें, मच्छरों से बचने के लिए यह बेहद आसान, प्रचलित और बेहद सुरक्षित तरीका है।
- गांव में जानवरों के बाड़ों को घर से दूर रखें। यहां काफी मच्छर पनप सकते हैं, इसलिए इसमें साफ-सफाई का बहुत ख्याल रखें।
- संतुलित आहार लें और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल सब्जी लें।
यह हैं मलेरिया के लक्षण:-
- तेज बुखार आना और ठंड लगना सिरदर्द होना, उल्टी आना।
- बहुत थकान होना, कमजोरी महसूस करना।

