- छह माह का विद्युत बिल माफ करने और अन्य राहत देने की मांग
जनवाणी संववाददाता |
मुजफ्फरनगर: व्यापारियों ने कोरोना लाकडाउन के दौरान व्यापार बन्द रहने का हवाला देते हुए मंगलवार को प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कोरोना संक्रमण के कारण मारे गये व्यापारियों को 30 लाख रुपये मुआवजा दिये जाने की मांग की है। इसके साथ ही व्यापारियों ने और भी राहत देने के लिए राज्य सरकार से मांग की है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल की नगर इकाई के पदाधिकारियों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पर पहुंचकर कोरोना काल के लाकडाउन के चलते व्यापार ठप होने के कारण हो रहे आर्थिक नुकसान को लेकर अपनी बात उठाई। व्यापारियों ने एडीएम वित्त एवं राजस्व आलोक कुमार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
इसमें व्यापारियों ने कहा कि प्रदेश में रोजाना कमाकर खाने का जुगाड़ करने वाला व्यापारी बहुतायत में है। कोरोना के कारण लाकडाउन के दौरान व्यापार बन्द रहने के कारण ऐसे व्यापारियों के समक्ष गंभीर संकट छाया हुआ है। इसके बावजूद भी व्यापारियों ने सरकार का सहयोग करते हुए जैसे तैसे अपने परिवार की आजीविका को चलाया है। सरकार की बेहतद नीति के कारण अब प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में आ रही है। रिकवरी रेट और टीकाकरण की स्थिति भी काफी बेहतर होने के कारण लोगों को भी राहत मिल रही है।
व्यापारियों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग करते हुए कहा कि कोरोना काल का प्रभाव 25 मार्च 2020 से अब तक व्यापार पर पड़ा हुआ है। ऐसे में कम से कम 6 माह का कामर्शियल एवं घरेलू कनेक्शनों का विद्युत बिल माफ किया जाये, व्यापारियों को बैंकों से लोन पर ब्याज, पैनल्टी आदि से 6 माह के लिए छूट दी जाये, कोरोना महामारी में मौत का शिकार बने व्यापारियों के परिजनों को 30 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाये, एटा के व्यापारियों पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाये।
जनता को राहत देने के लिए डीजल और पेट्रोल के दामों को नियंत्रित किया जाये, व्यापारियों के लिए जारी पेंशन योजना हर आयु वर्ग के लिए स्वीकृत करने तथा पेंशन राशि 20 हजार करने की मांग भी सरकार से की गयी है। ज्ञापन देने वालों में नगराध्यक्ष अजय सिंहल, प्रवीण खेडा, सुनील तायल, सुलक्खन सिंह नामधारी, अमित मित्तल, कशिश गोयल सहित अन्य व्यापारी शामिल रहे।

