- सहायक रजिस्ट्रार के यहां से नहीं मिल सका प्रमाण पत्र
जनवाणी संवाददाता |
थानाभवन: किसान इंटर कॉलेज थानाभवन की संचालक समिति भारतीय संस्कृति प्रचारिणी सभा का सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय से रिन्यूवल नहीं होने और समिति का चुनाव कराकर पदाधिकारियों की घोषणा करने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं जिला विद्यालय निरीक्षक से भी समिति को मान्यता दे दी गई।
थानाभवन कस्बे के किसान इंटर कॉलेज में प्रबंध समिति के चुनाव के लिए 14 फरवरी 2021 में घोषणा की गई थी। जिसमें 7 मार्च को पदाधिकारियों की घोषणा की गई थी। वहीं 31 मार्च 2021 में डीआइओएस सरदार सिंह ने समिति को मान्यता दे दी।
बताते हैं कि 9 अक्टूबर 2015 से 9 अक्टूबर 2020 तक समिति अपने अस्तित्व में रही। जिसके बाद से कॉलेज की प्रबंध समिति का नवीनीकरण नहीं हो सका था। सवाल यह है कि सहायक रजिस्ट्रार के यहां से समिति का नवीनीकरण के बिना ही चुनाव कैसे कराए गए?
बायलॉज को ताक पर रख समिति में बनाए गए सदस्य
प्रबंध समिति के बायलॉज में साफ-साफ लिखा है कि कोई भी ऐसा व्यक्ति समिति का सदस्य नहीं हो सकता जो कॉलेज से वित्तीय लाभ लेता हो या लाभ के पद पर आसीन हो, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर समिति में ऐसे सदस्य को शामिल कर लिया गया जो कॉलेज से वित्तीय लाभ ले रहा है।
ये घोषित हुई कार्यकारिणी
पवन सैनी प्रबंधक, देशपाल सैनी अध्यक्ष, महेंद्र सिंह शर्मा उप प्रबंधक, राजेंद्र सिंह उपाध्यक्ष, रोशन लाल कोषाध्यक्ष और शिवचरण सैनी, सोमदत्त सैनी, रमेश चंद सैनी, हरवीर सिंह, लख्मीचंद, राम सिंह, हुकुम सिंह को प्रबंध कार्यकारिणी में 12 लोगों का चुनाव गैर वैधानिक तरीके से कर दिया गया।
प्रबंध समिति के नवीनीकरण के लिए समिति के पूर्व पदाधिकारी द्वारा ही सहायक रजिस्ट्रार सहारनपुर के यहां जनवरी माह में आवेदन किया जा चुका है। वहां फीस जमा कराने के बाद रसीद भी प्राप्त की गई है। कॉलेज में कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं और नई प्रबंध कार्यकारिणी ने उनकी राजनीति को समाप्त कर कॉलेज के विकास और बेहतर शिक्षा के प्रयास शुरू किए हैं। इसी कारण बेवजह मामले को उछालने का काम किया जा रहा है।
–पवन सैनी, प्रबंधक, भारतीय संस्कृति प्रचारिणी सभा थानाभवन।
सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय में फीस जमा कर उसकी रसीद के आधार पर चुनाव प्रक्रिया कराई जा सकती है। थानाभवन के किसान इंटर कॉलेज में प्रबंध समिति का चुनाव सभा नियमों को ध्यान में रखते हुए ही कराया गया है। उसी के बाद समिति को मान्यता दी गई। -सरदार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक

