जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आवास विकास ने पीएम आवास के पात्रों का सूची में नाम आने के बाद गायब ही कर दिया है। पहले पात्रों को पीएम आवास अलॉट किये गये और फिर बाद में सूची से नाम हटा दिया गया। एक ओर प्रदेश सरकार प्रदेश साढ़े चार साल पूरे होने का जश्न मना रही है। विकास उत्सव मनाया जा रहा है तो दूसरी ओर पीएम के नाम की महत्वकांशी योजना के पात्र ही अपना सूची से नाम गायब होने के बाद चक्कर काट रहे हैं।
बता दें कि प्रदेश भर में प्रधानमंत्री आवास योजना चलाई जा रही है, लेकिन इस योजना का लाभ किन लोगों को मिल रहा है यह सही में पता नहीं चल पाता। अपात्रों को मकान मिल जाते हैं और पात्र विभाग के चक्कर लगाते रहते हैं। पीएम आवास के नाम पर कई बार घोटाले सामने आ चुके हैं।
अब हाल ही में आवास विकास की ओर से सेक्टर तीन स्थित सामुदायिक केन्द्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों का आवंटन किया गया था। इस दौरान 480 आवासों में 305 आवास पात्रों को आवंटित किये गये। दूसरी प्रक्रिया में 90 आवासों के लिये 161 आवेदक थे। जिनका चयन लाटरी द्वारा किया गया।
इस दौरान जागृति विहार निवासी पिंकी को विभाग की ओर से बताया गया कि उनका नाम पात्र सूची में है जिसका नंबर 67066 है। इसके साथ ही शेरगढ़ी निवासी मुन्नी देवी 74255 को भी बताया गया कि इनका नाम पात्र सूची में है, लेकिन आवंटन प्रक्रिया के अगले दिन ही सूची से इनका नाम हटा दिया गया।
पिंकी ने कहा कि पहले अधिकारियों ने उनसे कहा कि उनका नाम आवंटन प्रकिया में है, लेकिन बाद में उन्हें मना कर दिया गया। अब यह आवास विकास कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं और कोई कर्मचारी इनसे सीधे मुंह बात करने को तैयार नहीं है।
पिंकी ने इस मामले को लेकर डीएम और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दो सालों से यह चक्कर लगा रहे हैं। उनका पति पुताई का कार्य करता है और किराये के मकान में रह रहे हैं, उसके बावजूद उन्हें मकान नहीं मिल रहा है।
सोमवार को भी जब यह कार्यालय पहुंचे तो यहां बाबुओं ने उन्हें अधिकारियों से ही नहीं मिलने दिया। उन्हें कहा कि तुम्हारा नंबर अगली योजना में आयेगा अब और वहां से वापस लौटा दिया। अब पीड़ित बस चक्कर ही लगा रहे हैं। उधर, शिव सिंह नाम के भी एक व्यक्ति यहां पहुंचे उनका आरोप है कि पिछले दो सालों से वह भी चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें भी आवास नहीं मिल पा रहा है।
बीडीओ का अतिरिक्त चार्ज लेने पर डीडीओ से पूछताछ
शासनादेशों के विपरीत बीडीओ का अतिरिक्त चार्ज लेने और लेखा लिपिक का ट्रांसर्फर किये जाने के मामले में जिला विकास अधिकारी से सोमवार को जांच अधिकारी ने पूछताछ की। शिकायतकर्ता कुलदीप शर्मा की शिकायत के बाद लखनऊ से आये संयुक्त आयुक्त ने डीडीओ से घंटो जवाब-तलब किया। अब वह इसकी रिपोर्ट लखनऊ पेश करेंगे, जिसके बाद कार्रवाई की जा सकती है।
बता दें कि सजग प्रहरी उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने जिला विकास अधिकारी दिग्विजय नाथ तिवारी पर शासनादेशों के वितरीत व सेवा कानूनों के विपरीत कार्य करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल व शासन को शिकायत की थी। उन्होंने अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार को भी शिकायत करते हुए कहा कि मेरठ में रिक्त खंड विकास के पद पर शासनादेशों के विरुद्ध इन्होंने उसका अतिरिक्त प्रभार लिया।
इनके पास पिछले दो सालों से बीडीओ का अतिरिक्त प्रभार है जबकि डेढ़ वर्ष पूर्व ही शासनादेश आया था कि जो भी सोशल आॅडिट का प्रभारी होगा व बीडीओ का अतिरिक्त चार्ज नहीं लेगा, जबकि यह सोशल आॅडिट के प्रभारी हैं। इसके अलावा टेंडर प्रक्रिया में भी इनकी ओर से लापरवाही हुई।
इसके साथ ही कुलदीप ने आरोप लगाया कि डीडीओ की ओर से लेखा लिपिक का ट्रांसफर गलत तरीके से किया गया। अगर संबद्धिकरण भी किया गया तो उस पर भी प्रतिबंध है। इसी शिकायत पर सोमवार को यहां संयुक्त आयुक्त राजेश कुमार मेरठ में थे।
संयुक्त आयुक्त ने की पूछताछ
संयुक्त आयुक्त राजेश कुमार सोमवार को मेरठ में थे। वह यहां कुलदीप शर्मा की शिकायत पर मेरठ जिला विकास अधिकारी से पूछताछ करने के लिये आये थे। कुलदीप शर्मा ने बताया कि जिला विकास अधिकारी अपने ऊपर लगाये गये आरोपों का सही प्रकार से जवाब नहीं दे पाये।
कई मामलों में शासनादेशों का उल्लंघन पाया गया है। उधर जांच अधिकारी अब लखनऊ पहुंचकर अपनी रिपोर्ट मुख्यालय देंगे, जिसके बाद ही कोई कार्रवाई की जा सकती है। उधर जिला विकास अधिकारी ने भी जांच अधिकारी के सामने अपना पक्ष रखा।

