- बिजरौल गांव में राष्ट्रीय जाट महासभा की बैठक में केन्द्र सरकार को बताया किसान विरोधी
जनवाणी संवाददात |
बड़ौत: क्षेत्र के बिजरौल गांव में किसानों की कृषि विधेयकों के खिलाफ हुई बैठक में बोलते हुए राष्ट्रीय जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित जाखड़ ने कहा कि केन्द्र सरकार ने जीएसटी से व्यापारियों की कमर तोड़ी। नोटबंदी से आम आदमी को ठिकाने लगाया। अब किसान रह गए थे।
किसानों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के लिए एक नहीं बल्कि तीन कृषि विधेयक संसद में रख दिए। वह किसानों के बीच से संसद में पहुंचे सांसदों से कहना चाहेंगे कि वह इन विधेयकों का वह विरोध करते हुए केन्द्र सरकार को किसानों की स्थिति से अवगत कराएं।
उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे जब तक किसान एक मंच पर आकर इन विधेयकों का विरोध नहीं करेंगे तक तक इन्हें सरकार वापस नहीं लेगी। इस मौके पर उन्होंने किसानों को इन विधेयकों की खामियां बतार्इं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में लोग दुखी थे। केन्द्र सरकार अध्यादेश ले आई।
ऐसी किसानों के लिए जल्दी क्यों दिखाई गई? मतलब साफ है कि सरकार की नीयत में खोट है। उन्होंने किसानों को बताया कि व्यापारियों का हाल तो अभी भी किसानों को पता है। जब किसान के पास फसल अधिक हो जाती है। तभी वह तय भाव से कम लेते हैं।
ऐसा ही हाल विधेयकों के कानून बन जाने पर होगा। पूंजीपति कृषि उत्पाद का स्टॉक करके बााजर में नहीं भेजेंगे। महंगाई बढ़ने पर वह बाजार में लाएंगे। तब वह मोटा मुनाफा कमाएंगे। इन विधेयकों में खास बात जोड़ी गई है कि इसके विवाद के मुकदमे कोर्ट में नहीं लड़े जाएंगे।
एसडीएम व डीएम ही सुनेंगे। उन्होंने किसानों को एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया। बैठक का आयोजन रविन्द्र सिंह के आवास पर हुआ। इसकी अध्यक्षता थांबा चौधरी यशपाल सिंह ने व संचालन गौरव बड़ौत ने किया।
बैठक में सु•ााष प्रधान, रणधीर सिंह, यशपाल सिंह पूर्व प्रधान, उपेन्द्र पूर्व प्रधान, मदन चेयरमैन, डा. रविन्द्र सिंह, अंकित राठी, अमित कुमार, मुंशीराम, नेपाल सिंह, सुशील कुमार आदि ने भी विचार व्यक्त किए।


भारतीय जनता पार्टी ने किसानो की भलाई के लिए जो तीन विधेयक पास किये है उससे आज उत्तर प्रदेश का किसान बहुत खुश है।
सरकार से मेरी राय है कि जो व्यक्ति किसानो को गुमराह कर रहे है ऐसे व्यक्तियो को चिन्हित कर पता किया जाए कि वे किसान है या नही। और
अगर ऐसे व्यक्ति किसानो के नाम से विधेयक के खिलाफ आन्दोलन करते है तो वे किसान विरोधी है। भारत सरकार ने लगभग 6 साल से किसानो की आय व भलाई को ध्यान मे रखते हुए विधेयक को पास किया है।
मेरा अपने किसान भाईयो से निवेदन है विधेयक के खिलाफ जो व्यक्ति आन्दोलन की बात करते है आप इनसे दूर रहे व सरकार का विधेयक को पास करने पर आभार व्यक्त करे।
पंकज चौधरी गाँव बिजरोल जनपद बागपत
भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता
भारतीय जनता पार्टी ने किसानो की भलाई के लिए जो तीन विधेयक पास किये है उससे आज उत्तर प्रदेश का किसान बहुत खुश है।
सरकार से मेरी राय है कि जो व्यक्ति किसानो को गुमराह कर रहे है ऐसे व्यक्तियो को चिन्हित कर पता किया जाए कि वे किसान है या नही। और
अगर ऐसे व्यक्ति किसानो के नाम से विधेयक के खिलाफ आन्दोलन करते है तो वे किसान विरोधी है। भारत सरकार ने लगभग 6 साल से किसानो की आय व भलाई को ध्यान मे रखते हुए विधेयक को पास किया है।
मेरा अपने किसान भाईयो से निवेदन है विधेयक के खिलाफ जो व्यक्ति आन्दोलन की बात करते है आप इनसे दूर रहे व सरकार का विधेयक को पास करने पर आभार व्यक्त करे।
पंकज चौधरी गाँव बिजरोल जनपद बागपत
भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता