जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में लगातार मूसलाधार बारिश और उसके साथ ही दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) द्वारा पानी छोड़े जाने के बाद राज्य के तीन दक्षिणी जिलों हावड़ा, हुगली और पश्चिम बर्धमान में बाढ़ की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने शुक्रवार को केंद्र को एक पत्र लिखकर इन जिलों के लिए सेना की तीन टुकड़ी भेजने की मांग की।
इसके अलावा राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को दो जिलों वीरभूम और बांकुड़ा के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
इस बीच मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने डीवीसी पर बगैर कोई अधिकृत सूचना दिये पानी छोड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने राज्य में इस बिगड़ती हालत के लिए बिहार और झारखंड पर भी जमकर प्रहार किया और स्थिति को ‘मानव निर्मित’ बताया।
ममता बनर्जी ने कहा कि बैराज से अचानक पानी छोड़े जाने के बाद दक्षिण बंगाल के कई जिले जलमग्न हो गए हैं।
वह शनिवार को प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण करेंगी और अपने कुछ कैबिनेट मंत्रियों को तुरंत प्रभावित इलाकों में पहुंचने का आदेश देंगी।
घाटल की स्थिति चिंताजनक है क्योंकि शिलाबती नदी का पानी बांध तोड़कर गोविंदनगर गांव में घूस गया जिसमें एक चार वर्षीय बालक की डूबने से मौत हो गयी। इसके अलावा एक दो मंजिला इमारत नदी में बहते पानी के कारण गिर गई।
प्रभावित जिलों में फंसे लोगों को आश्रय देने के लिए कई राहत केंद्र खोले गए हैं।
प्रभावित जिलों की सभी नदियां उफान पर हैं, जिसके कारण बड़े इलाकों में पानी भर गया है। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह ‘मानव निर्मित’ बाढ़ है, तो उन्हें उच्चतम न्यायालय का रुख करना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस बाढ़ जैसी स्थिति के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री पर क्षतिग्रस्त बांधों की मरम्मत सुनिश्चित नहीं करने का भी आरोप लगाया।

