जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: वन्य जीव विहार की दलदली झीलों में प्रवासी पक्षियों ने अपनी आमद दर्ज करा दी है। गंगा की दलदली झीलों में हजारों प्रवासी पक्षियों ने अपना डेरा जमा लिया है। जिससे प्रकृति प्रेमी और वन विभाग के चेहरे खिल गए है।
इस वर्ष हस्तिनापुर पर इंद्र देव अधिक मेहरबान रहे है जिसकी वजह से विदेशी पक्षियों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है। वन विभाग की माने तो इस वर्ष हस्तिनापुर में बाढ़ की वजह से खेती कम हो सकी है और पक्षियों को अपना स्थान बनाने के लिए काफी जगह खाली है। इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष 10 साल का रिकॉर्ड टूट सकता है।

डिप्टी रेंजन विनोद कुमार ने बताया कि इस समय गंगा किनारे प्रवासी पक्षियों की संख्या काफी हैं, जिसको लेकर वन कर्मियों की गश्त को बढ़ाया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि इस वर्ष साइबेरियन पक्षी मलार्ड को भी पहली बार भारी संख्या में गंगा नदी की तलहटी झीलों में देखा जा रहा है।

यहां का अनुकूल मौसम और प्राकृतिक वातावरण 25 से 30 हजार किमी दूर से इन पक्षियों को आने को मजबूर कर देता है और हिमालय की शृंखला भी इन्हें नहीं रोक पाती। करीब 2073 वर्ग किमी की सेंचुरी में बसे हस्तिनापुर वन्य जीव विहार में करीब 10 स्थान ऐसे हैं जहां एशिया एवं यूरोप के साथ अमेरिका महाद्वीप के भी पक्षी पहुंचते हैं।
हिमालय की चोटी को छूकर पहुंचते हैं यहां
बार हेडिड गीज, ग्रे लेग गीज आदि पक्षी चाइना, रशिया आदि देशों में पाए जाते हैं, लेकिन वहां अधिक ठंड बढ़ने के कारण यह पक्षी हस्तिनापुर आदि की ओर रुख कर लेते हैं। यह पक्षी हिमालय की चोटी को छूकर यहां पहुंचते हैं।

इन पक्षियों ने हस्तिनापुर सेंचुरी क्षेत्र की अनुपमता व सौंदर्य को और अधिक अद्भुत कर दिया है। आसपास के जंगलों में आने वाले कुछ पक्षी अरब देशों से भी आते हैं। इस मौसम में आने वाले प्रवासी पक्षियों को देखने के लिए पक्षी प्रेमी आए दिन हस्तिनापुर में देखे जा रहे हैं।
इन पक्षियों में कुछ बहुत छोटे और फुर्तीले हैं। जिसकी वजह से वह तेज उड़ान भर रहे हैं और जरा-सी आहट होते ही परिस्थिति को भांपते हुए तुरंत उड़ जाते हैं।

